नई दिल्ली: सेंट्रल गवर्नमेंट ने जारी किया आदेश, सभी न्यूज पोर्टल एक माह के भीतर दें मालिकान हक की जानकारी

सेंट्रल गवर्नमेंट ने डिजिटल मीडिया संस्थाओं द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का एक डिटेल नोटिस जारी किया है। अब डिजिटल न्यूज वेबसाइट और नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेटफार्मों को इसके अधिकार क्षेत्र में लाया जायेगा।

  • सूचना एंव प्रसारण मिनिस्टर प्रकाश जावेडकर के द्वारा डिजिटल मीडिया संस्थाओं के लिए नोटिस जारी किया

नई दिल्ली। सेंट्रल गवर्नमेंट ने डिजिटल मीडिया संस्थाओं द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का एक डिटेल नोटिस जारी किया है। सूचना एंव प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर के द्वारा डिजिटल मीडिया संस्थाओं के लिए नोटिस जारी किया गया हैं। अब डिजिटल न्यूज वेबसाइट और नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेटफार्मों को इसके अधिकार क्षेत्र में लाया जायेगा।



गवर्नमेंट ने पिछले वर्ष से डिजिटल समाचार क्षेत्र में संस्थाओं के लिए 26 परसेंट तक एफडीआई को मंजूरी दी थी। सूचना एंव प्रसारण मंत्रायलय के एक सीनीयर अफसर ने बताया कि टीवी और प्रिंट मीडिया संस्थाओं के विपरीत, सरकार के पास डिजिटल मीडिया संस्थाओं का विवरण नहीं है, क्योंकि वे वर्तमान में इसके साथ रजिस्टर्ड नहीं हैं।

डिजिटल न्यूज साइटों को क्या करने है!
सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी पब्लिक नोटिस में कहा गया है कि डिजिटल न्यूज आउटलेट जिसमें 26 परसेंट से कम का विदेशी निवेश हो, उसे एक महीने के भीतर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को सूचना देनी होगी। कंपनी का विवरण, उसका शेयरहोल्डिंग पैटर्न ,इसके निदेशकों और शेयरधारकों के नाम और पता भी बताना होगा।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि ऐसे आउटलेट्स को मंत्रालय को प्रमोटरों या महत्वपूर्ण लाभ मालिकों के नाम और पता और एफडीआई नीति, विदेशी मुद्रा प्रबंधन के तहत मूल्य निर्धारण, प्रलेखन और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं के अनुपालन के बारे में पुष्टि करनी  होगी।कंपनियों को एक Auditor की रिपोर्ट के साथ-साथ स्थायी खाता संख्या और नवीनतम ऑडिट, गैर-लाभकारी लाभ और हानि विवरण,बैलेंस शीट भी दिखानी होगी।वैसे डिजिटल समाचार कंपनियां जिनके पास वर्तमान में 26 प्रतिशत से अधिक एफडीआई के साथ इक्विटी संरचना है, उन्हें एक महीने के भीतर सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय को इसी तरह का विवरण देना होगा। 15 अक्टूबर 2021 तक विदेशी निवेश को 26 प्रतिशत तक लाने के लिए कदम उठाना होगा। मिनिस्टरी के नोटिस में कहा गया है कि कोई भी संस्था जो देश में नए विदेशी निवेश लाने का इरादा रखती है, उन्हे विभाग के विदेशी निवेश सुविधा पोर्टल के माध्यम से केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी
60 दिन पहले मंजूरी के लिए देना होगा आवेदन
पब्लिक नोटिस में कम से कम 60 दिनों से पहले मंजूरी के लिए एक आवेदन सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय को भेजा जाना चाहिए। यह कहते हुए कि विदेशी कर्मियों को सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय की स्वीकृति के बाद ही इकाई द्वारा नियोजित किया जायेगा। डिजिटल समाचार मीडिया क्षेत्र के लिए पहले कोई एफडीआई नीति नहीं थी। प्रिंट मीडिया में एफडीआई 26 परसेंट, जबकि टीवी समाचारों में, कैप 49 परसेंट ही है।