चार हाईकोर्टों में 30 नए जजों की नियुक्ति, मद्रास में सबसे ज्यादा 15 नाम
केंद्र ने मद्रास, कलकत्ता, कर्नाटक और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 30 जजों की नियुक्ति की है। जानिए किस हाईकोर्ट में कितने जज नियुक्त हुए और पूरी सूची।
HighLights:
- कलकत्ता हाईकोर्ट में 8 नए अपर जज नियुक्त किए गए
- कर्नाटक हाईकोर्ट में 6 अपर जज बनाए गए
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 1 अपर जज की नियुक्ति हुई
- जून 2026 तक देश के हाईकोर्ट में 333 न्यायिक पद रिक्त थे
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): देश की हाईकोर्ट व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र ने चार हाईकोर्ट में कुल 30 अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों की जज एवं अपर जज के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है। इन नियुक्तियों में मद्रास, कलकत्ता, कर्नाटक और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट शामिल हैं।
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केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इन नियुक्तियों का उद्देश्य हाईकोर्ट में न्यायिक क्षमता को बढ़ाना और लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को गति देना है। देश के विभिन्न हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में न्यायिक पद खाली रहने के बीच इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जून 2026 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश के हाईकोर्ट में कुल 333 न्यायिक रिक्तियां थीं।
मद्रास हाईकोर्ट में सबसे ज्यादा 15 नियुक्तियां
चारों हाईकोर्ट में सबसे ज्यादा नियुक्तियां मद्रास हाईकोर्ट में हुई हैं। यहां कुल 15 लोगों को जज बनाया गया है। इनमें छह को स्थायी जज और नौ को अपर जज के रूप में नियुक्त किया गया है।
स्थायी जज के रूप में नियुक्त
गोविंदराजन कृष्णस्वामी
रजनी शपथियिल
रमेश नटराजन
जी.के. मुथुकुमार
रामकृष्णन राजेश विवेकानंथन
रवि कुमार शंकरनारायणन
अपर जज के रूप में नियुक्त
दिलीप कुमार नागराजन
एल्लप्पन मनोहरन
डॉ. पी. मुरुगन
श्रीमती एम.डी. सुमति
श्रीमती एस. अल्ली
श्रीमती सी. तिरुमगल
षण्मुगम कार्तिकेयन
मुरुगेसन बालुचामी
एन. गुणशेखरन
मद्रास हाईकोर्ट में इन नियुक्तियों का विशेष महत्व है, क्योंकि जून 2026 के सरकारी आंकड़ों में हाईकोर्ट की स्वीकृत क्षमता 75 जजों की थी, जबकि कार्यरत संख्या 51 थी और 24 पद रिक्त थे।
कलकत्ता हाईकोर्ट को मिले 8 नए अपर जज
कलकत्ता हाईकोर्ट में आठ अधिवक्ताओं को अपर जज के रूप में नियुक्त किया गया है। इनमें शामिल हैं—
अर्यक दत्त
अतारूप बनर्जी
संदीप कुमार दे
पार्थ प्रतिम रॉय
सुदीप देब
अनुज सिंह
अर्जुन राय मुखर्जी
रिशद मेदोरा
इन आठ नए जजों ने 8 अगस्त 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट के अपर जज के रूप में शपथ भी ली। कलकत्ता हाईकोर्ट में जजों की कमी लंबे समय से एक अहम मुद्दा रही है। जून 2026 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां 72 पद स्वीकृत थे, जबकि 42 जज कार्यरत थे और कुल 30 पद रिक्त थे।
कर्नाटक हाईकोर्ट में 6 अपर जज
कर्नाटक हाईकोर्ट में छह अधिवक्ताओं को अपर जज के रूप में नियुक्त किया गया है। इनमें— राघवेंद्र सीताराम श्रीवत्स, श्रीमती हेमा कुलकर्णी, सुब्रमण्य रंगाराव, विवेकानन्द तडागवाड़ी प्रकाश, प्रमोद बक्केश्वर व शांति भूषण होम्बे गौड़ा शामिल हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट में जून 2026 तक 62 जजों की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले 48 जज कार्यरत थे और 14 पद रिक्त थे। ऐसे में छह नई नियुक्तियां न्यायिक कार्यक्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी नियुक्ति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अमित लाहोटी को अपर जज के रूप में नियुक्त किया गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जून 2026 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार 53 जजों की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले 40 जज कार्यरत थे और 13 पद रिक्त थे।
न्यायिक रिक्तियां भरने की दिशा में बड़ा कदम
हाईकोर्टों में जजों के खाली पदों का सीधा असर लंबित मामलों की सुनवाई और उनके निपटारे पर पड़ता है। केंद्र की ओर से चार हाईकोर्ट में एक साथ 30 नियुक्तियां किए जाने से इन अदालतों की न्यायिक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। खास तौर पर मद्रास और कलकत्ता हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना है। मद्रास हाईकोर्ट में 15 नियुक्तियां इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी खेप है, जबकि कलकत्ता हाईकोर्ट में आठ नए अपर जजों की नियुक्ति हुई है। कुल मिलाकर मद्रास में 15, कलकत्ता में 8, कर्नाटक में 6 और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 1 नियुक्ति हुई है। इस तरह चार हाईकोर्ट में नियुक्त किए गए जजों की कुल संख्या 30 है।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये नियुक्तियां?
हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से कई स्तरों पर इसका असर पड़ सकता है—
लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आ सकती है।
न्यायिक रिक्तियों का दबाव कम होगा।
नई पीठों के गठन की संभावना बढ़ेगी।
मामलों के निपटारे की गति बेहतर हो सकती है।
वकीलों और litigants को सुनवाई के लिए कम इंतजार करना पड़ सकता है। न्यायपालिका की कार्यक्षमता को मजबूती मिलेगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 में देश के 25 हाईकोर्टों में कुल 1,122 न्यायिक पद स्वीकृत थे, जबकि 789 जज कार्यरत थे और 333 पद रिक्त थे। ऐसे में 30 नई नियुक्तियां न्यायिक रिक्तियों को कम करने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा सकती हैं।
नियुक्तियों का पूरा आंकड़ा
हाईकोर्ट नियुक्तियां पद
मद्रास हाईकोर्ट 15 6 स्थायी + 9 अपर जज
कलकत्ता हाईकोर्ट 8 8 अपर जज
कर्नाटक हाईकोर्ट 6 6 अपर जज
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट 1 1 अपर जज
कुल 30




