- एक्सरे रिपोर्ट देखकर डॉक्टर के उड़े होश
- कई दिन से था बीमार
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस के एक किशोर के पेट में घड़ी के सेल, पेच, ब्लेड, चेन का कुंदा समेत 56 चीजें मिली हैं। दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में आपरेशन होने के बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोर के गले में कोई घाव का निशान नहीं आया है। यह मृत्यु किशोर के स्वजन के लिए सवाल बनी हुई है। किशोर की एक्सरे रिपोर्ट देखकर डाक्टर भी हैरत में पड़ गये।
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मूलरूप से इगलास के गांव बेलौठ निवासी संचेत शर्मा हाथरस गेट एरिया के में इगलास रोड पर रत्नगर्भा कालोनी में रहते हैं। वह मेडिकल रिप्रजेंटेटिव हैं। उनका 15 वर्षीय बेटा आदित्य नौवीं का स्टबडेंट था। 13 अक्टूबर को उसके पेट में दर्द व श्वांस लेने में दिक्कत हुई। वह उसे लेकर शहर के एक प्राइवेट हास्पिटल पहुंचे। यहां से रेफर कर दिया गया तो वह बेटे को लेकर जयपुर पहुंचे। वहां चार-पांच दिन इलाज होने के बाद उसे घर भेज दिया गया। घर आने के बाद उसे 19 अक्टूबर को सांस लेने में फिर दिक्कत बताई। परिजन उसे अलीगढ़ में प्राइवेट हास्पिटल लेकर गये। यहां बेटे की जांच करायी गयी। सभी जांच सही आने पर डॉक्टर्स ने उसे घर भेज दिया, लेकिन सांस लेने में समस्या बरकरार रहने पर 25 अक्टूबर को डॉक्टक ने सीटी स्कैन कराया। सिटी स्कैन में नाक में गांठ सामने आई तो 26 अक्टूबर को आपरेशन कर गांठ को निकाल दिया। जिससे सांस लेने आ रही दिक्कत दूर हो गई। मगर पेट में गैस की समस्या दूर न होने पर 26 अक्तूबर को दोपहर अल्ट्रासाउंड कराया गया तो फोटो को देख परिजजन के साथ-साथ लैब टेक्नीशियन हैरान रह गये। अल्ट्रासाउंड में पेट में 19 पदार्थ दिखाई दिए। डॉक्टर ने किशोर को नोएडा रेफर कर दिया।
अल्ट्रासाउंड में मामला सामने आया, दो बार आपरेशन
नोएडा के प्राइवेट हॉस्पिटल में फिर अल्ट्रासाउंड कराया गया तो सेल, ब्लेड जैसी 42 चीजें किशोर के पेट में दिखाई दीं। वहां से भी उसे रेफर कर दिया गया। परिजन उसे सफदरजंग हास्पिटल लेकर पहुंचे। यहां अल्ट्रासाउंड कराने पर उसके पेट में 56 चीजें निकलीं। इनमें घड़ी के सेल, ब्लेड़ का टुकड़ा, पेच, चेन का कुंदा आदि थे। पिता के अनुसार, बच्चे की इस दौरान हार्टबीट 280 थी, इसे देख डॉक्टरक भी हैरान थे कि बच्चा कैसे जीवित है। 27 अक्टूबर की सुबह 11 से शाम चार बजे तक आपरेशन हुआ। आपरेशन कर सभी चीजें बाहर निकाली गयी। फिर से स्कैनिंग की गई, तब पेट बिल्कुल साफ था। कुछ देर बाद दर्द होने पर फिर से अल्ट्रासाउंड कराया गया तो उसके तीन सेल और निकले, उन्हें भी बाहर निकाला गया। 28 अक्टूबर की रात 10 बजे किशोर की मृत्यु हो गई। परिजन ने बताया कि अल्ट्रासाउंड व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गले में घाव का कोई निशान नहीं मिला है। मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।