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  • झारखंड कैबिनेट ने पेमिया ऋषिकेश विश्वविद्यालय को दी स्वीकृति।
  • दिनेश कुमार महतो ने फैसले को बताया ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण।
  • चंदनकियारी और बोकारो को मिलेगा उच्च शिक्षा का नया केंद्र।
  • शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार के प्रति जताया आभार।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): भेलाटांड़ बांसकपुरिया में आयोजित शिक्षाप्रेमियों की बैठक में प्रस्तावित पेमिया ऋषिकेश विश्वविद्यालय, चंदनकियारी (बोकारो) को झारखंड कैबिनेट से स्वीकृति मिलने पर खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो के पुत्र एवं युवा नेता दिनेश कुमार महतो ने इसे झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया।

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उन्होंने कहा कि ऋषिकेश महतो मेमोरियल पब्लिक एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा प्रस्तावित पेमिया ऋषिकेश विश्वविद्यालय को मिली मंजूरी राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है। यह विश्वविद्यालय आने वाली पीढ़ियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करेगा तथा झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता भी कम होगी।दिनेश कुमार महतो ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना से न केवल बोकारो और चंदनकियारी क्षेत्र को पहचान मिलेगी, बल्कि पूरे झारखंड में शिक्षा का स्तर और मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्थान भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।

उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव छोड़ने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का काम करेगी।

दिनेश कुमार महतो ने कहा कि समाज के सहयोग, विश्वास और शुभकामनाओं के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को हासिल करने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार है और इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बैठक के दौरान उपस्थित शिक्षाप्रेमियों और गणमान्य लोगों ने भी विश्वविद्यालय को मिली स्वीकृति का स्वागत किया और इसे झारखंड के विकास तथा युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि "शिक्षा से सशक्त समाज और सशक्त समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।" बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षाप्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय बुद्धिजीवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।