धनबाद। एआइसीसी मेंबर सह काशीपुर उत्तराखंड के कॉर्डिनेटर संतोष कुमार सिंह ने एक्स सेंट्रल मिनिस्टर आरपीएन सिंह के कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने पर हमला बोला है। संतोष ने आज फेसबुक लाइव में कहा झारखंड कांग्रेस के प्रभारी रहे आरपीएन सिंह कांग्रेसी विचारधारा के नही थे।
और भी पढ़ें
- धनबाद-शकूर बस्ती समेत 20 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, दिवाली-छठ पर वेटिंग से राहत
- Bihar: IPS भानु प्रताप सिंह पर पत्नी के उत्पीड़न का आरोप, महिला आयोग ने भेजा समन
- चीफ जस्टिस के नाम पर फोन कराने के मामले में IPS आदित्य कुमार को कैट से झटका
- Jharkhand : जमीन पर बैठीं सिमडेगा DC कंचन सिंह, सुनीं मलार समाज की समस्याएं
संतोष ने कहा आरपीएन सिंह बीजेपी मे चले गये इससे मैं आश्चर्यचकित नही हूं। अहंकारी आदमी कभी कांग्रेसी हो ही नही सकता है। आरपीएन ने लोकसभा और विधान सभा चुनाव मे टिकट बेचने का काम किया। वे झारखंड में माैज-मस्ती के लिए आते थे। आरपीएन सिंह झारखंड में कई बार सरकार को गिराने का प्रयास किये थे। मगर कांग्रेस नेताओ और कार्यकर्ताओ को के पार्टी के प्रति समर्पण भाव देखकर अपना ऊल्लू सीधा नही कर सके।
आरपीएन की हठधर्मी होने के कारण कांग्रेस को बहुत नुकसान हुआ
संतोष ने आरोप लगाया है कि झारखंड में टिकट बेचकर आरपीएन ने मेरे जैसे समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ता का राजनीतिक रूप से हत्या करने का प्रयास किया। श्री सिंह ने कहा कांग्रेस राजा महाराजाओ को कांग्रेस से दुर करे। ये लोग स्वार्थ मे नीचता का पराकाष्ठा तोड़ सकते हैं। उन्होने कहा धनबाद मे माफिया परिवार के इशारे पर मुझे व्यक्तिगत रूप से अपमानित करता था। कहने को तो आरपीएन राजा था मगर भीखारी से भी बदतर नेता था।श्री सिंह ने कहा लोकसभा चुनाव मे कुशीनगर से अपना जमानत जब्त कराने वाले आरपीएन सिंह दुसरे को जनाधारहीन समझते थे। झारखंड मे नेताओ और कार्यकर्ताओ का मनोबल तोड़ रखा था। आरपीएन सिंह कुल मिलाकर गलत आदमी थे। झारखंड मे कांग्रेस 16 से ज्यादा सीट जीत हासिल कर सकती थी लेकिन हठधर्मी होने के कारण कांग्रेस को बहुत नुकसान हुआ है।