- आतंकवाद दुनिया की सबसे बड़ी समस्या, मददगार देशों को ठहाराया जाए दोषी
नई दिल्ली।ब्रिक्स देशों की वर्चुअल शिखर सम्मिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और आईएमएफ, डब्ल्यूटीओ जैसे संगठनों के सुधारों की आवश्यकता है। पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व व्यापार संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी मोदी ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार पर जोर देते हुए कहा है कि इन संस्थाओं की क्रेडिबिलिटी और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। इसकी वजह है कि समय के साथ इनमें बदलाव नहीं आया। ये अभी भी 75 साल पुरानी सोच पर हैं। भारतीय सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता है।इसमें हमें ब्रिक्स साथियों के सहयोग की जरूरत है।

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पीएम मोदी ने कहा कि 2021 में ब्रिक्स के 15 वर्ष पूरे हो जायेंगे। पिछले सालों में हमारे बीच लिए गए विभिन्न निर्णयों का मूल्यांकन करने के लिए हमारे शेरपा एक रिपोर्ट बना सकते हैं। 2021 में अपनी अध्यक्षता के दौरान हम ब्रिक्स के तीनों स्तंभों में intra-BRICS सहयोग को मजबूत करने का प्रयत्न करेंगे।
आतंकवाद दुनिया की सबसे बड़ी समस्या, मददगार देशों को ठहाराया जाए दोषी
पीएम मोदी ने इस दौरान आतंकवाद को दुनिया की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए नाम लिए बिना पाकिस्तान पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ी समस्या है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवादियों को समर्थन और सहायता देने वाले देशों को भी दोषी ठहराया जाए, और इस समस्या का संगठित तरीके से मुकाबला किया जाए।
पीएम मोदी ने कहा कि हमने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत एक व्यापक सुधार प्रक्रिया को शुरू किया है। यह कैंपेन इस विश्वास पर आधारित है कि आत्मनिर्भर भारत कोविड-19 महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए फोर्स मल्टीपल्यार हो सकता है। ग्लोबल वैल्यू चेन्स में मजबूत योगदान दे सकता है। इसका उदहारण हमने COVID के दौरान भी देखा, जब भारतीय फार्मा उद्योग की क्षमता के कारण हम 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाइयां भेज पाए। हमारी वैक्सीन उत्पादन और डिलीवरी क्षमता भी इस तरह मानवता के हित में काम आयेगी।
इस बैठक के बाद ब्रिक्स की अध्यक्षता एक वर्ष के लिए भारत को सौंप दी जायेगी। भारत तीसरी बार ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता करेगा। वर्ष 2016 में ब्रिक्स शिखर बैठक गोवा में आयोजित की गई थी।पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सप्ताह में दूसरी बार वर्चुअल मंच साझा किया। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका (BRICS) के नेता कोविड-19 महामारी के बीच इकॉनमिक रिकवरी पर चर्चा की। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आमंत्रण पर पीएम मोदी ''ग्लोबल स्टैबिलिटी, शेयर्ड सिक्यॉरिटी एंड इनोवेटिव ग्रोथ'' थीम पर आयोजित वर्चुअल ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल हुए।