पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार सरकार ने राज्य की अग्निशमन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 80 हाईटेक फायर ब्रिगेड वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी बड़ा संदेश दिया और साफ कहा कि बिहार पुलिस को अपराधियों के खिलाफ पूरी छूट दे रखी गई है।
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मुख्यमंत्री के साथ कार्यक्रम में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, मंत्री बिजेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान फायर फाइटर्स ने आधुनिक उपकरणों और त्वरित कार्रवाई का लाइव डेमो प्रस्तुत किया, जिसे देखकर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
अग्निशमन विभाग को मिली नई ताकत
सरकार द्वारा शामिल की गई 80 हाईटेक गाड़ियों में 36 आधुनिक स्कॉर्पियो वाहन भी शामिल हैं। इन वाहनों की मदद से आग लगने या आपदा की सूचना मिलते ही फायर कर्मी तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में अग्निशमन सेवा की प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होगी। नई तकनीक से लैस इन वाहनों में कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे आग बुझाने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन भी तेजी से किया जा सकेगा।
‘पुलिस के हाथ खोल दिए हैं’ : सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार में सुशासन कायम रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने मंच से कहा कि बिहार पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है ताकि अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
सीवान से पटना तक ताबड़तोड़ कार्रवाई
सीएम का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में लगातार अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। रविवार देर रात सीवान में अंकित कुमार सिंह को गोली मारे जाने की घटना हुई, वहीं सोमवार सुबह पटना में शिक्षक पर गोली चलाने वाले अपराधी संदीप उर्फ बादल के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें उसे गोली लगी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को लेकर सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि अपराधियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।
अफसरों को भी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से नोटिस भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहला नोटिस 10 दिन बाद, दूसरा 20 दिन बाद और तीसरा 25 दिन बाद भेजा जाएगा। इसके बावजूद अगर काम नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने यह भी दोहराया कि ‘सहयोग पोर्टल’ पर आने वाली शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। तय समय में समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का स्पष्ट संदेश
सम्राट चौधरी के हालिया बयानों और लगातार हो रही प्रशासनिक कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि बिहार सरकार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। एक ओर अपराधियों पर पुलिस का दबाव बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को भी समयबद्ध कार्य संस्कृति अपनाने की चेतावनी दी जा रही है।