पटना। बिहार के भागलपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी सेंट्रल जेल में बंद सात कैदी एचआइवी संक्रमित पाये गये हैं। इससे जेल में हड़कंप मच गया है। 

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जेल के डॉक्टरों ने सात बंदियो में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बेहद कम पाई। जांच में पता चला कि बंदियों के बॉडी में मौजूद सीडी-4 सेल्स, टी सेल्स तेजी से नष्ट हो रहे हैं। रक्त कोशिकाओं के लगभग 200 क्यूबिक मिलीमीटर से नीचे गिरने की बात सामने आने पर जांच की गई। उन्हें एचआइवी संक्रमित घोषित कर दिया गया। सातो बंदियों की मेडिकल रिपोर्ट से जेल प्रशासन ने सिविल सर्जन को अवगत कराया।सिविल सर्जन ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल (JLNMH)में एडमिट कराने का अनुमोदन कर दिया है। 
जेल सुपरिटेंडेंट युसुफ रिजवान ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश समेत सातों बंदियों से जुड़े कोर्ट से इलाज के लिए भेजे जाने की अनुमति बुधवार को मांगी है। बंदियों के एचआइवी संक्रमित होने के बाद से उन्हें अन्य बंदियों से अलग रखने की व्यवस्था की गई है। सातों एचआइवी संक्रमित बंदियों की पहचान छिपा जेल प्रशासन मुस्तैदी से हर बंदियों की अलग प्रोफाइल तैयार करने में जुट गया है। इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि जांच के बाद इनकी संख्या और भी अधिक सामने आ सकती है।

अन्य बंदियों की भी होगी जांच

सात बंदियों के एचआइवी संक्रमित पाये जाने के बाद जेल प्रशासन सकते में आ गया है। शहीद जुब्बा सहनी सेंट्रल जेल में बंद अन्य बंदियों की भी जांच कराई जायेगी। सातों संक्रमित बंदियों के परिजनोंकी भी जांच कराने की व्यवस्था की जा रही है। इस संक्रमण को लेकर जेल प्रशासन सतर्क हो गया है। संक्रमित बंदियों में से एक के नशीली इंजेक्शन लेने की बात सामने आ रही है। संक्रमित बंदियों का मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायालय, मद्य निषेध अधिनियम से जुड़ी विशेष आबकारी कोर्ट, विशेष पाक्सो कोर्ट, दशम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट और एक प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में चल रहा है।