पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार जल्द ही बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी में है। सरकार जिलों से लेकर सचिवालय स्तर तक व्यापक पैमाने पर अधिकारियों के तबादले की योजना बना रही है। इस बदलाव के केंद्र में कई जिलों के जिलाधिकारी (DM) और विभागीय सचिव स्तर के अधिकारी होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है और अफसरों के कामकाज का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक सरकार का फोकस अब प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाने पर है। थाना, प्रखंड और अंचल स्तर तक की निगरानी मुख्यमंत्री सचिवालय से किए जाने की तैयारी है, ताकि आम जनता की शिकायतों का समय पर समाधान हो सके। जिन जिलों में प्रशासनिक सुस्ती, लापरवाही या जनता की समस्याओं के समाधान में कमी पाई गई है, वहां बड़े बदलाव किए जाएंगे।
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कई जिलों के डीएम बदलने की तैयारी
सरकारी स्तर पर जिन जिलों में लंबे समय से डीएम तैनात हैं, वहां बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में IAS सौरभ जोरवाल वर्ष 2023 से जिलाधिकारी हैं। वहीं भागलपुर में नवल किशोर चौधरी, मुजफ्फरपुर में सुब्रत कुमार सेन, भोजपुर में तनय सुल्तानिया, जहानाबाद में अलंकृता पांडे, किशनगंज में विशाल राज, नवादा में रवि प्रकाश, रोहतास में उदिता सिंह, समस्तीपुर में रोशन कुशवाहा और सीतामढ़ी में रिची पांडेय लंबे समय से पदस्थापित हैं। सरकार अब इन जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि सम्राट कैबिनेट विस्तार के बाद बड़े पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश जारी हो सकता है।
ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर होगा फैसला
सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों के कामकाज, उपलब्धियों और जनसंपर्क क्षमता का विस्तृत ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। जिन अधिकारियों का ट्रैक रिकॉर्ड कमजोर पाया जाएगा, उन्हें महत्वपूर्ण पदों से हटाया जा सकता है। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले अफसरों को महत्वपूर्ण जिलों और विभागों की जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। सरकार की मंशा प्रशासनिक मशीनरी को अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाने की है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की योजना इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बिहार को मिलेंगे 16 नए IAS अधिकारी
बिहार प्रशासनिक सेवा (BPSC/BAS) से प्रमोट होकर जल्द ही 16 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल किया जाएगा। अगले दो महीनों में इन अधिकारियों की नियुक्ति होने की संभावना है। बिहार में वर्तमान में IAS अधिकारियों के कुल 359 स्वीकृत पद हैं, जबकि केवल 310 अधिकारी ही कार्यरत हैं। यानी अभी भी 49 पद खाली हैं। ऐसे में नए IAS अधिकारियों की नियुक्ति से प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जनता की शिकायतों पर रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि कई जिलों में जनता को समय पर सरकारी सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसी कारण अब प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में केवल जिलाधिकारी ही नहीं, बल्कि विभागीय सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बिहार की नई प्रशासनिक रणनीति को आगामी चुनावी तैयारियों और सुशासन की छवि मजबूत करने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है।