Highlights: 

  • झरिया में छापेमारी, उत्पाद विभाग ने सरकारी क्वार्टर में की कार्रवाई
  •  550 लेबल जब्त, कई नामी विदेशी शराब ब्रांडों के लेबल बरामद
  •  40 लीटर स्पिरिट बरामद, शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त
  • एक आरोपी गिरफ्तार, ताहिर शेख को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी 

धनबाद (Threesocieties.com Desk): दीपावली से पहले धनबाद जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में झरिया थाना क्षेत्र में छापेमारी कर कथित तौर पर नकली विदेशी शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान शराब के विभिन्न नामी ब्रांडों के लेबल, कॉर्क और 40 लीटर स्पिरिट जब्त किए गए। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। विभाग बरामद सामग्री के स्रोत और इसके इस्तेमाल के उद्देश्य की जांच कर रहा है।

उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने झरिया थाना क्षेत्र के बकरहट्टा फल मंडी के पास स्थित एक सरकारी क्वार्टर में छापेमारी की। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले लेबल और बोतलों को सील करने में इस्तेमाल होने वाले कॉर्क बरामद हुए।

550 लेबल और विभिन्न ब्रांडों के कॉर्क बरामद

उत्पाद विभाग के अनुसार, छापेमारी के दौरान रॉयल चैलेंज, मैकडॉवेल नंबर-1, आइकॉनिक और सिग्नेचर जैसे ब्रांडों के कुल 550 बोतल लेबल बरामद किए गए। इसके अलावा रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड, आइकॉनिक, रॉयल चैलेंज और सिग्नेचर ब्रांडों के कॉर्क भी जब्त किए गए। तलाशी के दौरान टीम को 40 लीटर स्पिरिट भी मिली। इतनी बड़ी मात्रा में शराब के ब्रांडेड लेबल, कॉर्क और स्पिरिट मिलने के बाद विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल कथित तौर पर नकली शराब तैयार करने के लिए किया जाना था या इनके पीछे कोई अन्य उद्देश्य था। बरामद सामग्री को जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मौके से तैयार नकली शराब की कितनी बोतलें बरामद हुईं और इन सामग्रियों से कितनी शराब तैयार की जा सकती थी, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

उत्पाद विभाग को संबंधित ठिकाने पर अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद सहायक आयुक्त उत्पाद, धनबाद के निर्देश पर टीम ने कार्रवाई की। छापेमारी का नेतृत्व उत्पाद विभाग के अवर निरीक्षक प्रदीप शर्मा ने किया। अभियान में झरिया थाना की पुलिस ने भी सहयोग किया। टीम ने सरकारी क्वार्टर की तलाशी लेकर शराब बनाने और बोतलों की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की। अचानक हुई कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई।

एक आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान ताहिर शेख नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद लेबल, कॉर्क और स्पिरिट कहां से लाए गए थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन सामग्रियों की आपूर्ति में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं और कथित तौर पर तैयार की जाने वाली शराब को किन बाजारों में खपाने की योजना थी। यदि जांच में संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो इस मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और सामग्री की आपूर्ति के स्रोत को लेकर जांच जारी है।

उत्पाद विभाग और झरिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

इस अभियान में उत्पाद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ झरिया थाना की पुलिस शामिल रही। टीम में सहायक अवर निरीक्षक राम पुकार और शुकन बैठा के अलावा उत्पाद सिपाही विजय कुमार पासवान तथा त्रिलोचन तिवारी भी शामिल थे। संयुक्त टीम ने मौके पर तलाशी लेकर संदिग्ध सामग्री जब्त की और आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

दीपावली के मद्देनजर अवैध शराब के कारोबार पर नजर

त्योहारी मौसम में शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए उत्पाद विभाग अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर निगरानी रख रहा है। ऐसे समय में नकली शराब का कारोबार लोगों की सेहत और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। नकली ब्रांड के लेबल और कॉर्क का इस्तेमाल कर तैयार की गई शराब को असली बताकर बेचने की आशंका रहती है। ऐसी शराब की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल किए गए पदार्थों की जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं होती, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा हो सकते हैं। इसी कारण उत्पाद विभाग बरामद सामग्री की जांच के साथ-साथ उसके स्रोत और संभावित इस्तेमाल का पता लगाने में जुटा है।

लंबे समय से कारोबार चलने की आशंका, जांच के बाद तस्वीर होगी साफ

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित ठिकाने पर लंबे समय से नकली शराब तैयार कर बाजार में खपाए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस कारोबार की वास्तविक अवधि, तैयार शराब की मात्रा और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में अभी तक ठोस आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल किस तरह किया जाना था और इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।

फिलहाल उत्पाद विभाग की कार्रवाई में शराब के विभिन्न ब्रांडों के 550 लेबल, कॉर्क और 40 लीटर स्पिरिट की बरामदगी सामने आई है। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का मुख्य फोकस बरामद सामग्री के स्रोत, उसके संभावित इस्तेमाल और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर है।