Highlights:
- शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश गिरफ्तार
- लखनऊ पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस के सहयोग से की कार्रवाई
- तीनों आरोपितों पर घोषित था 50-50 हजार रुपये का इनाम
- पुलिस फरारी के दौरान मदद करने वालों और संभावित ठिकानों की जांच कर रही है
लखनऊ (Threesocieties.com Desk): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है। लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस की मदद से तीनों को नागपुर से पकड़ा। तीनों आरोपितों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। अब पुलिस की जांच का दायरा उन लोगों तक पहुंच गया है, जिन पर आरोपितों को फरारी के दौरान पनाह देने या मदद करने का संदेह है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरार रहने के दौरान आरोपित किन-किन लोगों के संपर्क में थे, उन्हें कहां ठहरने में मदद मिली और उनकी आवाजाही में किसने सहयोग किया। हालांकि, संदिग्ध लोगों की भूमिका और गिरफ्तारी से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
नागपुर में संयुक्त टीम ने की गिरफ्तारी
शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपित श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश घटना के बाद से फरार चल रहे थे। उनकी तलाश में लखनऊ पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। पुलिस कमिश्नरेट और यूपी एसटीएफ ने तकनीकी जानकारी, लोकेशन तथा मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर आरोपितों की तलाश जारी रखी।जांच के दौरान आरोपितों के लगातार ठिकाने बदलने की बात सामने आई। पुलिस को उनकी आवाजाही के संबंध में अलग-अलग स्थानों से जानकारी मिली। इसके बाद संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस के सहयोग से तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा की ओर से तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार के मुताबिक, आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ लाया जा रहा है, ताकि मामले में आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जा सके।
नेपाल से आगरा और फिर नागपुर पहुंचने की बात
जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक, फरारी के दौरान आरोपितों के नेपाल जाने, फिर लखनऊ लौटने और इसके बाद आगरा पहुंचने की बात सामने आई है। बताया गया कि आगरा से श्रद्धा दुबे विमान के जरिए नागपुर पहुंची थी, जहां तीनों छिपकर रह रहे थे। हालांकि, आरोपितों के नेपाल, लखनऊ, आगरा और नागपुर के बीच आने-जाने के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी जरूरी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उन्होंने किन साधनों से यात्रा की, कहां ठहरे और किसके संपर्क में रहे।
फरारी में मदद करने वालों पर पुलिस की नजर
तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिन पर उन्हें फरारी के दौरान मदद पहुंचाने का संदेह है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच का दायरा लखनऊ से लेकर नेपाल, आगरा और नागपुर तक जुड़े संभावित संपर्कों तक बढ़ाया गया है।पुलिस संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), संपर्कों और सोशल मीडिया गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या, उनकी पहचान और कथित मदद की प्रकृति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपितों को ठहरने की जगह उपलब्ध कराने, यात्रा की व्यवस्था करने या पुलिस से बचने में किसी ने सहयोग किया था या नहीं। किसी व्यक्ति का आरोपितों के संपर्क में होना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
9 अक्टूबर को दर्ज हुआ था हत्या का मामला
शिवा शर्मा की मौत के मामले में उनकी मां रंजना शर्मा की शिकायत पर 9 अक्टूबर को हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अभियोग दर्ज किया गया। शिकायत में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। रंजना शर्मा ने आरोप लगाया था कि श्रद्धा उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी और उसके साथ दुर्व्यवहार करती थी। शिकायत में सिगरेट से जलाने समेत अन्य आरोपों का भी उल्लेख किया गया था। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी सत्यता का निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी मौत
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने के बाद शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। घटना शुक्रवार रात की बताई गई है। शिवा अलीगंज के कपूरथला क्षेत्र में रहते थे और चिकन कारोबार के साथ कैफे संचालन से जुड़े थे। शिवा की मां ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद दर्ज मुकदमे में श्रद्धा दुबे समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया। शिवा और श्रद्धा के बीच पिछले करीब एक वर्ष से लिव-इन संबंध होने की बात भी सामने आई थी। पुलिस अब घटना से पहले दोनों के बीच हुए विवाद, कथित धमकियों और घटना से जुड़े अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है।
श्रद्धा के कथित ऑडियो और वीडियो भी जांच के दायरे में
हत्याकांड के बाद श्रद्धा दुबे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने की बात कही गई। इन वीडियो में वह अपनी सफाई देती नजर आई थी। इसके अलावा शिवा को धमकाने से संबंधित एक कथित ऑडियो भी वायरल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों की प्रामाणिकता, ऑडियो की वास्तविकता और संबंधित कॉल डिटेल की जांच कर सकती है। सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी ऑडियो या वीडियो को केवल वायरल होने के आधार पर प्रमाणित साक्ष्य नहीं माना जा सकता। उसकी सत्यता की पुष्टि तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों से जरूरी है।
जांच के दौरान श्रद्धा के संपर्कों और फोन रिकॉर्ड में कुछ नामचीन लोगों के नंबर मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, किसी नेता, अधिकारी, बिल्डर या अन्य व्यक्ति का फोन नंबर संपर्क सूची या कॉल रिकॉर्ड में मिलना अपने आप में अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करता। ऐसे किसी भी संबंध के संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
पूछताछ में किन सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस?
तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि शिवा शर्मा की मौत से पहले क्या घटनाक्रम हुआ था, आरोपित घटना के बाद कहां-कहां गए और फरारी के दौरान उन्हें किसने मदद पहुंचाई। जांच के प्रमुख बिंदुओं में घटना से पहले और बाद के संपर्क, मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियां, यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड और संभावित ठिकानों की जानकारी शामिल हो सकती है। इसके अलावा पुलिस कथित ऑडियो, वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच कर सकती है। इन सभी पहलुओं पर आरोपितों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
अब आगे क्या होगा?
नागपुर से गिरफ्तारी के बाद आरोपितों को लखनऊ लाकर संबंधित मामले में पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जानी है। पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करना और आरोपों के समर्थन या खंडन में उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करना होगा। इसके साथ ही फरारी के दौरान संभावित मददगारों की भूमिका, आरोपितों के संपर्कों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच भी महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल, मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी एक अहम घटनाक्रम है, लेकिन शिवा शर्मा की मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही सामने आएंगे।
नोट: इस खबर में आरोपों और जांच से संबंधित विवरणों को उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।