धनबाद। सीबीआइ टीम ने बीसीसीएल वेस्टर्न झरिया एरिया में मुरलीडीह में क्वार्टर आवंटन के नाम पर घूस लेने के खेल का पर्दाफाश किया है। सीबीआइ ने गुरुवार की रात वेस्टर्न झरिया एरिया के मुरलीडीह कालोनी निवासी बीसीसीएल कर्मी भीम बाउरी को 20 हजार रूपये घूस लेते अरेस्ट किया है।
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सीबीआइ टीम ने भीम के घर में रेड मारकर उसे नो ड्यूज नो ड्यूज सर्टिफिकेट के लिए विजय टुडू नामक युवक से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दबोचा है। मुरलीडीह 20/21 पिट्स कोलियरी में भीम स्विच आपरेटर है। उसे धौड़ा सुपरवाइजर का भी काम देखने का जिम्मा दिया गया है। विजय टुडू के जीजा रविलाल हांसदा बीसीसीएल में काम करते थे। फरवरी में वह रिटायर हो गये। उनकी ग्रेच्युटी की रकम अब तक नहीं मिली है। उसके लिए क्वार्टर का नो ड्यूज सर्टिफिकेट देना जरूरी है।
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बीसीसीएल कर्मी भीम बाउरी के घर रेड कर सीबीआइ ने उसे क्वार्टर के नो ड्यूज प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। विजय का कहना है कि रविलाल दौड़ रहे थे, मगर उनको नो ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा था। भीम का कहना था कि नो ड्यूज सर्टिफिकेट को निर्गत कराने के लिए 20 हजार रुपये घूस देनी होगी। घूस के लिए उनको दौड़ाया जा रहा था। रविलाल ने निर्णय लिया कि सीबीआइ से कंपलेन करेंगे। विजय ने सीबीआइ को लिखित शिकायत देकर पूरी बात बताई। इसके बाद सीबीआइ ने जाल बुना और गुरुवार को आरोपित भीम बाउरी को पकड़ लिया।
घूस के खेल से मजदूर त्रस्त
सीबीआई पूछताछ में भीम ने घूसखोरी के इस रैकेट में बीसीसीएल के अफसरों के भी शामिल होने की बात बताई है। उनके ही इशारे पर वह घूस ले रहा था। रात तक सीबीआइ उससे पूछताछ में जुटी थी। इधर बीसीसीएल श्रमिकों का कहना है कि मुरलीडीह में क्वार्टर आवंटन के नाम पर घूस का खेल तो अरसे से चल रहा है। नो ड्यूज के लिए मजदूरों को परेशान किया जाता है। तंग आकर वे घूस देने को मजबूर होते हैं।