धनबाद (Threesocieties.com Desk): श्रद्धा, आस्था और देशभक्ति का अनूठा संगम उस वक्त देखने को मिला, जब अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के पौत्र ने धनबाद स्थित शक्ति मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और माँ मातारानी के दरबार में हाजिरी लगाई। उनके आगमन से मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल और उत्साह चरम पर पहुंच गया।
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मंदिर पहुंचते ही मंदिर समिति द्वारा अतिथि का पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। उन्हें माँ मातारानी की पवित्र चुनरी, स्मृति चिन्ह और दिव्य स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने न केवल अतिथि के प्रति आदर प्रकट किया, बल्कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महानायक की गौरवशाली विरासत को भी जीवंत कर दिया।
देशभक्ति और आस्था का संगम
इस अवसर पर मंदिर समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारजनों का मंदिर आगमन पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन धार्मिक महत्व के साथ-साथ देशभक्ति और भारतीय संस्कृति के समन्वय का प्रतीक भी बना। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने माँ मातारानी के चरणों में देश, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन में “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
आयोजन का समापन
कार्यक्रम के अंत में मंदिर समिति ने अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार प्रकट किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।