धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनसार थाना क्षेत्र के चांदमारी ग्राउंड के समीप युवक जितेश कुमार की हत्या के बाद मंगलवार की शाम इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। पोस्टमार्टम के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोगों ने बरमसिया पुल के पास शव रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यह भी पढ़ें: सरायढेला में पुलिस पर हमला! जमादार की वर्दी फाड़ी, गले से सोने की चेन छीनी; हथियार लूटने की भी कोशिश
और भी पढ़ें
- धनबाद में Hotel Hiway Inn का भव्य उद्घाटन, संस्कृति सिंह ने निभाई पारंपरिक रस्म
- QS एशिया रैंकिंग 2027 में IIT ISM धनबाद का जलवा, 51 पायदान चढ़कर 373वें नंबर पर
- धनबाद नगर निगम का बड़ा फैसला: शिड्यूल रेट से 10% कम टेंडर पर नहीं मिलेगा काम
- बारामुड़ी खटाल पर पप्पू यादव का हुंकार, बोले- मेरी लाश से गुजरकर हटाना होगा
करीब छह घंटे तक चले इस सड़क जाम के कारण बरमसिया पुल मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही धनसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए लोग किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं थे।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प
प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। मौके पर तनाव बढ़ता देख धनसार, धनबाद और बैंक मोड़ थाना की पुलिस को अतिरिक्त बल के साथ तैनात किया गया। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश करती रही, लेकिन लोग हत्यारों की गिरफ्तारी से कम किसी बात पर मानने को तैयार नहीं थे। स्थानीय लोगों का आरोप था कि इलाके में अपराध लगातार बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे दोबारा उग्र आंदोलन करेंगे।
मेयर संजीव सिंह पहुंचे, तब शांत हुआ मामला
स्थिति बिगड़ती देख धनबाद के मेयर Sanjeev Singh भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से बातचीत कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। प्रशासन की ओर से मृतक जितेश कुमार की बहन को रोजगार दिलाने तथा जल्द से जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद परिजन और स्थानीय लोग शांत हुए और करीब छह घंटे बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया।