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  • गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी ने जेडीयू को दिया तीसरा झटका

नई दिल्ली। दादरा और नगर हवेली व दमन दीव में एक दर्जन से ज्यादा जेडीयू नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया। बिहार में बीजेपी और जेडीयू के रास्ते अलग होने के बाद नीतीश कुमार को यह तीसरा झटका लगा है। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश और मणिपुरी में कई जेडीयू नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया था।

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बताया जाता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में स्थानीय निकायों के कई चुने हुए सदस्यों ने जेडीयू का साथ छोड़ दिया। औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो गये। बीजेपी महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि यहां 16 जेडीयू लीडर बीजेपी में शामिल हुए हैं। जेडीयू की पूरी इकाई का ही बीजेपी में विलय हो गया। 
अब जेडीयू का बिहार के अलावा इसकी चुनावी उपस्थिति किसी राज्य में नहीं है। मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में जो इक्का-दुक्का एमएलए थे वे भी बीजेपी में शामिल हो गये। वहीं नीतीश कुमार की नजर 2024 के लोकसभा चुनाव पर है। वह विपक्षी एकता के लिए नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। 

पहले मणिपुर में लगा था तगड़ा झटका
मणिपुर में जेडीयू के छह में से पाच एमएलए बीजेपी में शामिल हो गये थे। इसके बाद जेडीयू ने कहा था कि बीजेपी पीठ में चुरा घोंप रही है। पार्टी ने अमित शाह और पीएम मोदी पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया था। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में भी जेडीयू के आठ एमएलए बीजेपी में शामिल हो गये थे। जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि बीजेपी अनैतिक कार्य कर रही है क्योंकि जो जेडीयू  एमएलए बीजेपी में शामिल हुए हैं उन्होंने बीजेपी के ही कैंडिडेट को हराया था। ऐसे में जनता के साथ धोखा किया जा रहा है। 

बिहार में बीजेपी और जेडीयू की सरकार अगस्त में गिर गई है। नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बना ली और बीजेपी किनारे हो गई। नीतीश कुमार ने फिर से सीएम पद की शपथ। आरजेडी के तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बन गये। अब कांग्रेस,आरजेडी और जेडीयू गठबंधन की बिहार में सरकार है। वहीं नीतीश कुमार 2024 की रणनीति तैयार करने में लगे हैं।