• मिनिस्टरी की नई पालिसी लागू करने के लिए सभी जीएम को भेजी गयी
  • ऑपरेटिंग में कार्य करने व नौकरी करने में रुचि रखते हैं तो अब सेफ्टी में भी काम करना होगा

नई दिल्ली। देश के सभी रेलवे जोन व डिवीजनों में लंबे समय से अफसरों का ट्रांसफर करने का फैसला किया है। रेल मिनिस्टरी ने पांच साल से ज्यादा समय से एक ही डिवीजन जमे को बदलने के लिए आदेश जारी किया है। 

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रेल मिनिस्टरी ने लंबे समय से एक ही जोन व डिवीजन में पोस्टेड अफसरों को दूसरे जोन में भेजने और धरातल पर उतर कर सुरक्षा और संरक्षा में योगदान देने को कहा है। मिनिस्टरी के आदेश के बाद एक ही रेल जोन व डिवीजन में कई वर्षो से जमे अफसरों की लिस्ट तैयार की जा रही है। रेल मिनिस्टरी ने इसको लेकर नई पालिसी बनाई है, जिसे लागू करने के लिए सभी जीएम को भेज दी गई है। जनवरी 2024 से यह पालिसी लागू कर दी गई।

रेलवे में अधिकतर अफसर एक ही जोन व डिवीजन में 10 से 15 साल तक डटे रहते हैं। अफसर रुतबे वाले पद को पाने के लिए लालायित रहते हैं। वहीं, सेफ्टी के लिहाज से महत्वपूर्ण पदों पर जाने में रुचि नहीं रखते। इसी को लेकर रेल ने नई पालिसी जारी की है। रेलवे में ऑपरेटिंग में कार्य करने व नौकरी करने में रुचि रखते हैं तो उन्हें थे,अब सेफ्टी में भी काम करना होगा। इसके अलावा ग्रुप सी वाले कर्मचारियों को प्रमोशन देने की स्थिति में दूसरे डिविजीन में जाना होगा। मिनिस्टरी के लेटरके अनुसार एक ही जोन व डिवीजन में जमे अफसरों को सेफ्टी, आपरेटिंग और कामर्शियल, तीनों ब्रांचों में पांच साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। इसके बाद दूसरे डिवीजन का नियम बनाया गया है।

अभी रेल डिविजीन में अफसर एक ब्रांच में दो से तीन साल फिर इसी मंडल में आपरेटिंग और फिर सेफ्टी जैसे पदों पर कार्यरत रह जाते हैं। ऐसे में एक ही डिविजीन में कार्यरत पांच साल से काफी अधिक हो जाता है, लेकिन ऐसा अब नहीं होगा। इसमें भी सुरक्षा और संरक्षा जैसे पदों से ज्यादा वाणिज्यिक पदों के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है।