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रांची/धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड की राजधानी रांची में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आगामी 2 और 3 सितंबर 2026 को नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ के सभागार में “मतदाता रजिस्ट्रेशन और मतदाता रजिस्टर” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा।

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यह सम्मेलन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है, जिसकी जानकारी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आदित्य रंजन ने दी।

क्या है सम्मेलन का उद्देश्य?

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है— संस्थागत संवाद को बढ़ावा देना, देश-विदेश की बेहतरीन कार्यप्रणालियों को साझा करना व  मतदाता पंजीकरण और रजिस्टर से जुड़ी नई चुनौतियों, नवाचारों और प्रशासनिक अनुभवों पर गहन चर्चा। यह आयोजन चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इन अहम विषयों पर होगा मंथन

सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ निम्न मुद्दों पर विचार साझा करेंगे—

भारत में मतदाता पंजीकरण का इतिहास
वैश्विक लोकतंत्रों में मतदाता रजिस्टर के मॉडल
मतदाता पंजीकरण से जुड़े कानूनी प्रावधान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका
ई-वोटिंग और डिजिटल मतदाता रजिस्टर
मतदाता सूची का डिजिटलीकरण: चुनौतियाँ और जरूरतें
लोकतंत्र में मतदाताओं की भूमिका और जवाबदेही
मतदाता शिक्षा और भविष्य के मतदाता
राजनीतिक दलों की भूमिका
छूटे हुए मतदाताओं की पहचान और समाधान

वैश्विक मंच पर साझा होगा अनुभव

यह सम्मेलन चुनाव प्रशासकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और नीति विशेषज्ञों के लिए एक साझा मंच बनेगा, जहां सहयोगात्मक संवाद के जरिए चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी।

शोधार्थियों के लिए मौका

जिले के शिक्षाविद, शोधार्थी और विद्यार्थी अपने Research Paper या Abstract मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, राँची के कार्यालय में जमा कर सकते हैं।

अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026
 अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट: www.icvrvr.org