• लोकसभा चुनाव के दौरान भी अजीत पीटर डुंगडुंग को हटाने का दिया था आदेश

रांची। चुनाव आयोग ने देवघर के एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को हटाने का आदेश दिया है। चुनाव आयोग ने देवघर के एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को हटाने का आदेश दिया है।आयोग ने उनकी जगह किसी दूसरे सीनीयर पुलिस अफसर को प्रभार देने को कहा है।

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लोकसभा चुनाव के दौरान भी  हुआ था एक्शन
आयोग की सहमति पर स्टेट गवर्नमेंट द्वारा उपलब्ध कराये जानेवाले पैनल से किसी दूसरे IPS अफसर की नियुक्ति देवघर एसपी के पद पर की जायेगी। आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान भी अजीत पीटर डुंगडुंग को देवघर एसपी पद से हटा दिया था। उस समय आयोग को शिकायत मिली थी कि तीन मामलों में फरार आरोपी
शिवदत्त शर्मा ने जसीडीह पुलिस स्टेशन पहुंच कर गोड्डा एमपी निशिकांत दुबे के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी थी। इसपर सवाल उठे थे कि फरार आरोपी थाना पहुंच कर  एफआइआर दर्ज कराता है और पुलिस उसे अरेस्ट भी नहीं करती। लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें फिर से देवघर का एसपी बनाया गया था।
पहले के आरोप को देखते हुए देवघर के एसपी पर  हुआ एक्शन
बताया जाता है कि अजीत पीटर डुंगडुंग को पूर्व आरोप को देखते हुए ही आयोग ने इस बार भी कार्रवाई की है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने उन्हें पद से हटाने के आयोग के आदेश की पुष्टि की है। गोड्डा एमपी डॉ. निशिकांत दुबे की शिकायत के बाद देवघर के तत्कालीन एसपी अजित पीटर डुंगडुंग को चुनाव आयोग के आदेश पर लोकसभा चुनाव से पहले तीन अप्रैल को हटाया गया था। इसके बाद उनका पदस्थापन जैप वन के कमांडेंट के पद पर हुआ था।
MP निशिकांत दुबे ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी कि देवघर के पाथरोल थाना क्षेत्र में गलत ढंग से एक गिरफ्तारी की गई और एक दागी किस्म के व्यक्ति के बयान पर एमपी व उनके परिवार वालों के विरुद्ध जसीडीह पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज करा दी गयी। इतना ही नहीं, वाहन चेकिंग के नाम पर भी देवघर पुलिस ने गलत तरीके से गाड़ियों की चाबी निकाल ली थी। एमपीकी शिकायत की समीक्षा के बाद आयोग ने एसपी देवघर को हटाया था। राज्य सरकार से चुनाव आयोग ने आइपीएस का पैनल मांगा था, जिसके बाद राकेश रंजन का एसपी देवघर के रूप में चयन किया गया था।