रांची(Threesocieties.com Desk): झारखंड में कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने इस पूरे मामले को “संगठित अपराध” करार देते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री Hemant Soren को पत्र लिखकर इस घोटाले की जांच या तो सीबीआई से या फिर हाईकोर्ट के वर्तमान जज की निगरानी में कराने की अपील की है।
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‘चारा घोटाले की पुनरावृत्ति’ जैसा मामला
मरांडी ने अपने पत्र में कहा कि यह ट्रेजरी घोटाला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है और इसकी प्रकृति काफी हद तक Fodder Scam (चारा घोटाला) जैसी प्रतीत होती है। उन्होंने इसे वित्तीय अनियमितता नहीं बल्कि एक सुनियोजित और संगठित अपराध बताया।
“एक लेखपाल अकेले नहीं कर सकता इतना बड़ा खेल”
मरांडी ने बोकारो से गिरफ्तार लेखपाल कौशल पांडेय को मुख्य आरोपी बनाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति ई-कुबेर जैसी जटिल प्रणाली में छेड़छाड़ कर, किसी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी की जन्मतिथि में बदलाव कर करोड़ों रुपये की निकासी नहीं कर सकता। उनके अनुसार, इस पूरे घोटाले में एक बड़े नेटवर्क और उच्चस्तरीय मिलीभगत की आशंका है, जिसकी गहराई से जांच जरूरी है।
बड़े अधिकारियों पर भी सवाल
मरांडी ने अपने आरोपों में कहा कि आरोपी कौशल पांडेय को पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता, बोकारो के पूर्व एसपी मनोज स्वर्गीयारी, पूर्व डीआईजी पटेल मयूर कन्हैयालाल और पूर्व डीआईजी (बजट) नौशाद आलम जैसे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र दिए गए थे। उन्होंने इसे इस बात का संकेत बताया कि आरोपी को न केवल संरक्षण मिला, बल्कि उसे संस्थागत स्तर पर प्रोत्साहन भी दिया गया।
JAP-IT की भूमिका की जांच की मांग
इस पूरे मामले में मरांडी ने Jharkhand Agency for Promotion of Information Technology (JAP-IT) की भूमिका पर भी सवाल उठाए और इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि तकनीकी स्तर पर इतनी बड़ी गड़बड़ी बिना सिस्टम की खामियों या मिलीभगत के संभव नहीं है।
“पुलिस की भूमिका संदिग्ध, स्वतंत्र जांच जरूरी”
मरांडी ने स्पष्ट कहा कि जब इस मामले में पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़े हो रहे हों, तो जांच का जिम्मा उसी एजेंसी को देना उचित नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि या तो सीबीआई जांच कराई जाए या फिर हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
BJP का हेमंत सरकार पर हमला
इस मुद्दे को लेकर भाजपा ने Hemant Soren सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि यह घोटाला राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।