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 रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। आयुष्मान भारत योजना के सफल क्रियान्वयन और त्रुटिरहित डॉक्यूमेंटेशन के दम पर राज्य पूरे देश में नंबर-1 बन गया है। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर में झारखंड को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

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सबसे खास बात यह रही कि रांची का सदर अस्पताल देशभर में एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है, जिसकी कार्यप्रणाली को अन्य राज्यों के लिए बेंचमार्क बताया गया।

रांची सदर अस्पताल बना देश का रोल मॉडल

रांची सदर अस्पताल ने अपने “पेशेंट-फर्स्ट” अप्रोच, पारदर्शी सिस्टम और बेहतर मैनेजमेंट के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। चिंतन शिविर में अस्पताल को अपना मॉडल प्रस्तुत करने का विशेष मौका मिला, जहां विशेषज्ञों ने इसकी सराहना की।

यूपी को पछाड़कर झारखंड नंबर-1

आयुष्मान भारत योजना के तहत बेहतर डॉक्यूमेंटेशन और क्लेम मैनेजमेंट में झारखंड ने उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि यूपी दूसरे स्थान पर रहा।

आंकड़ों में झारखंड की बड़ी उपलब्धि
अब तक 2,02,859 मरीजों का इलाज
वर्ष 2025-26 में 32,100 क्लेम, लगभग 40 करोड़ रुपये
कुल मिलाकर 125 करोड़ रुपये का क्लेम
एक साल में 55,968 से अधिक ओपीडी मरीज

ये आंकड़े राज्य की मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली और बेहतर प्रबंधन की गवाही देते हैं।

केंद्र और राज्य सरकार ने की सराहना

नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ सुनील कुमार वर्णवाल ने झारखंड की टीम को सम्मानित किया। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा: “यह उपलब्धि पारदर्शिता, गुणवत्ता और टीमवर्क का परिणाम है। रांची सदर अस्पताल आज देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है।” वहीं अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इसे पूरी टीम की मेहनत और समर्पण का नतीजा बताया।

सामूहिक प्रयास से मिली सफलता

इस उपलब्धि का श्रेय झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशासनिक टीम को दिया गया है। चिंतन शिविर में राज्य का प्रतिनिधित्व छवि रंजन, सीमा सिंह, वैभव राय, डॉ. अखिलेश कुमार झा और आशीष रंजन ने किया।