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पलामू (Threesocieties.com Desk): झारखंड के पलामू जिले में एक सनसनीखेज मामले ने जमीन कारोबार और अपराध के खतरनाक गठजोड़ को उजागर कर दिया है। 5 लाख रुपये की सुपारी, अपहरण की साजिश और हथियारों के साथ सक्रिय अपराधियों के गिरोह का पुलिस ने समय रहते पर्दाफाश कर बड़ी वारदात टाल दी।

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यह मामला शहर के भट्टी मोहल्ला का है, जहां आनंद कुमार रवि के अपहरण की कोशिश की गई और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।

SP ने खोला पूरा राज, सामने आई खौफनाक साजिश

पलामू की एसपी रिष्मा रमेशन ने प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जांच के दौरान एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। जांच में पता चला कि आनंद कुमार रवि ने सद्दाम कुरैशी की हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी ली थी। लेकिन इस साजिश की भनक पहले ही सद्दाम कुरैशी को लग गई। इसके बाद सद्दाम ने अपने साथियों के साथ मिलकर आनंद कुमार रवि का अपहरण करने की योजना बनाई और उसे पकड़कर मारपीट भी की। पुलिस की तत्परता के कारण बड़ी वारदात होने से पहले ही पूरा गिरोह दबोच लिया गया।

हथियारों का जखीरा बरामद, 8 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

1 पिस्टल (9 एमएम)
1 देसी कट्टा
15 जिंदा गोलियां

गिरफ्तार आरोपियों में सद्दाम कुरैशी, छोटू चंद्रवंशी, सूरज चंद्रवंशी, रितेश चंद्रवंशी, वसीम अहमद, वसीम अकरम, रोशन चंद्रवंशी और किशु गुप्ता शामिल हैं।

‘सफेदपोश’ की एंट्री से मामला हुआ और गंभीर

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या की इस साजिश के पीछे एक सफेदपोश व्यक्ति का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस व्यक्ति का संबंध चैनपुर इलाके में जमीन विवाद से जुड़े एक पुराने हत्याकांड से भी बताया जा रहा है। इससे साफ है कि जमीन के धंधे में अब अपराधियों के साथ-साथ प्रभावशाली लोगों की भी गहरी संलिप्तता है।

पहले भी बड़े मामलों में शामिल रह चुके हैं आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी पलामू के चर्चित नमिता देवी हत्याकांड में भी पहले आरोपी रह चुके हैं। यह गिरोह लंबे समय से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और जमीन विवादों को लेकर हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है।

पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी वारदात

अगर पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो यह मामला एक बड़े हत्याकांड में बदल सकता था। पलामू पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से गंभीर अपराधों को रोका जा सकता है।