Highlights
- 1997 से चला आ रहा लालू यादव का अध्यक्षीय कार्यकाल समाप्त
- पटना में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बड़ा फैसला
- पार्टी में नई पीढ़ी के नेतृत्व की औपचारिक शुरुआत
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। पार्टी के संस्थापक और लंबे समय तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक युग पर औपचारिक विराम लग गया है। राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
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एक नए युग का शुभारंभ!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) January 25, 2026
श्री @yadavtejashwi जी बनाए गए राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष! @yadavtejashwi pic.twitter.com/BLFvzXJsJh
पटना में आयोजित इस अहम बैठक में यह प्रस्ताव वरिष्ठ नेता भोला प्रसाद यादव द्वारा रखा गया, जिस पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। खुद लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का ऐलान करते हुए पार्टी की कमान नई पीढ़ी को सौंप दी।
राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का शुभारंभ आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @laluprasadrjd जी ने अपने कर कमलों से दीप प्रज्ज्वलित कर के किया:@yadavtejashwi #RJD pic.twitter.com/9YFg5e82Tp
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) January 25, 2026
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह फैसला सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि राजद में पीढ़ीगत नेतृत्व परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। वर्ष 1997 में राजद की स्थापना के बाद से ही लालू यादव पार्टी के सर्वेसर्वा रहे हैं। अब पहली बार पार्टी की बागडोर औपचारिक रूप से तेजस्वी यादव के हाथों में सौंपी गई है।आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया, "राष्ट्रीय अध्यक्ष की मंजूरी के बाद, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया था। पूरी कमेटी ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और आज से तेजस्वी जी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर काम करेंगे।"
बिहार में नेता प्रतिपक्ष के पद पर भी तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के छोटे बेटे हैं और बिहार के उप मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। फिलहाल वह बिहार विधासभा में नेता प्रतिपक्ष का पद भी संभाल रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुआ का विधानसभा चुनाव राजद ने तेजस्वी यादव के चेहरे पर लड़ा था, लेकिन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद से ही पार्टी में लगातार मंथन चल रहा था। अब तेजस्वी यादव ने पार्टी की कमान पूरी तरह से अपने हाथों में ले ली है।
2025 विधानसभा चुनाव के बाद अहम बैठक
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद यह पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक थी, जिसे राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी रणनीति और नेतृत्व संरचना पर गहन मंथन हुआ। तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही यह साफ हो गया है कि अब पार्टी के फैसलों, रणनीतियों और चुनावी दिशा की कमान तेजस्वी यादव के हाथ में होगी। हालांकि लालू यादव मार्गदर्शक की भूमिका में बने रह सकते हैं।
तेजस्वी युग की शुरुआत!
इस फैसले के बाद राजद में “तेजस्वी युग” की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है। युवा नेतृत्व, नई रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के जरिए पार्टी आगामी चुनावों में खुद को नए सिरे से स्थापित करने की तैयारी में है।