Advertisement

रांची (Threesocieties.com Desk):  राजधानी रांची की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रांची पुलिस में अहम प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार शहर के दो महत्वपूर्ण थानों में नए थाना प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें: भरत तिवारी के लिए बिलौटी में न्याय की हुंकार, महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब, 'पिता ने कहा- दोषियों को मिले सजा

नए आदेश के तहत अनिल तिवारी को धुर्वा थाना का नया थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि सतीश कुमार गोराई को अरगोड़ा थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस विभाग का मानना है कि इन नियुक्तियों से दोनों थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

धुर्वा थाना प्रभारी का पद था खाली

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले धुर्वा थाना क्षेत्र में सामने आए एक आत्महत्या मामले के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी को लाइन क्लोज कर दिया गया था। इसके बाद से धुर्वा थाना प्रभारी का पद रिक्त चल रहा था और नए प्रभारी की नियुक्ति को लेकर इंतजार किया जा रहा था।अब अनिल तिवारी की नियुक्ति के साथ धुर्वा थाना को स्थायी नेतृत्व मिल गया है। धुर्वा थाना राजधानी के संवेदनशील और महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां कई प्रमुख सरकारी संस्थान, आवासीय क्षेत्र और व्यावसायिक गतिविधियां स्थित हैं।

अरगोड़ा थाना की जिम्मेदारी संभालेंगे सतीश कुमार गोराई

वहीं, सतीश कुमार गोराई को अरगोड़ा थाना का नया प्रभारी बनाया गया है। अरगोड़ा थाना क्षेत्र भी राजधानी के व्यस्त और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल है, जहां यातायात प्रबंधन, अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा को लेकर पुलिस की भूमिका काफी अहम रहती है।

पुलिस मुख्यालय को उम्मीद है कि नए थाना प्रभारी अपने अनुभव और कार्यशैली के जरिए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे तथा आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम

रांची पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग के लिए प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करती रही है। इसी कड़ी में यह फेरबदल भी राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थाना स्तर पर नेतृत्व में बदलाव से कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आती है और क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ती है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलता है।