नई दिल्ली। विपक्ष दलों ने मार्गरेट अल्वा (80) को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना कैंडिडेट बनाया है। एनसीपी चीफ शरद पवार ने रविवार को इस बात की घोषणा की। मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली अल्वा गोवा की गवर्नर रह चुकी हैं। ​​​​​​
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अल्वा मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। छह अगस्त को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि मंगलवार को है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने उपराष्ट्रपति पद के लिए पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं मार्गरेट अल्वा ने ट्वीट कर संयुक्त विपक्ष का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि वह खुद को काफी सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष द्वारा खुद में दिखाए गए विश्वास के प्रति आभारी हूं और तहेदिल से नामांकन को स्वीकार करती हूं।
 
17 दलों का सामूहिक फैसला
 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के आवास पर 17 विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में अल्वा को मैदान में उतारने का फैसलालिया गया। पवार ने दो घंटे की बैठक के बाद घोषणा करते हुए कहा कि हमने सर्वसम्मति से मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने संयुक्त उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सामूहिक सोच है कि अल्वा मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। पवार ने कहा कि कुल 17 दलों ने सर्वसम्मति से अल्वा को मैदान में उतारने का फैसला किया है और तृणमूल कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी के समर्थन से वह कुल 19 पार्टियों की संयुक्त उम्मीदवार होंगी।
 
ममता बनर्जी से नहीं हो पाया संपर्क
शरद पवार ने कहा कि उन्होंने इस बारे में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन वह किसी कांफ्रेंस में बिजी थीं, इसलिए उनसे बात नहीं हो पाई। इसके अलावा शरद पवार ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से भी संपर्क करने की कोशिश की है। एनसीपी चीफ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिन पहले यशवंत सिन्हा के लिए समर्थन देने की घोषणा की है। वह मार्गरेट अल्वा को भी अपना समर्थन देंगे। 

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