Highlights:

  • IIT-ISM Dhanbad के पूर्व छात्र  सुनील कुमार वर्ष 1991 बैच के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग स्नातक हैं
  • सुनील कुमार को ONGC के कंपनी के शीर्ष पद अगले चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी गई है
  •  तीन दशक से अधिक का अनुभव, उन्होंने वर्ष 1991 में ओएनजीसी में अपना करियर शुरू किया था
  • वर्तमान में हैं मेहसाणा एसेट में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और एसेट मैनेजर

धनबाद (Threesocieties.com Desk): आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के पूर्व छात्र सुनील कुमार देश की प्रमुख तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के अगले चेयरमैन बनेंगे। संस्थान के 1991 बैच के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग स्नातक सुनील कुमार की नियुक्ति को उनके तीन दशक से अधिक के पेशेवर अनुभव और करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस खबर से आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के पूर्व छात्रों और संस्थान से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, सुनील कुमार 7 दिसंबर 2026 या उसके बाद ओएनजीसी के चेयरमैन का पदभार संभालेंगे। उनका प्रस्तावित कार्यकाल तीन साल का होगा। इसमें 31 दिसंबर 2028 को निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पूरी होने तक का समय और उसके बाद संविदा के आधार पर कार्यकाल शामिल होगा। नियुक्ति संबंधित आदेशों और शर्तों के अधीन रहेगी।

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर से चेयरमैन तक का सफर

सुनील कुमार की नियुक्ति को ओएनजीसी के नेतृत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कंपनी के इतिहास में पहली बार किसी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर स्तर के अधिकारी को सीधे चेयरमैन के पद तक पहुंचने का अवसर मिला है। हालांकि, इस ऐतिहासिक दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। वर्तमान में सुनील कुमार ओएनजीसी के मेहसाणा एसेट में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और एसेट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। इस जिम्मेदारी में तेल एवं गैस उत्पादन से संबंधित परिचालन और परिसंपत्ति प्रबंधन का महत्वपूर्ण योगदान शामिल है। उनके लंबे अनुभव को कंपनी के भविष्य के नेतृत्व के लिए अहम माना जा रहा है।

1991 में ओएनजीसी से शुरू किया था करियर

सुनील कुमार ने वर्ष 1991 में ओएनजीसी में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोडक्शन) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। उनकी शुरुआती नियुक्ति असम के शिवसागर-नजीरा क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों और परिचालन इकाइयों में काम करते हुए अनुभव हासिल किया। तीन दशक से अधिक के करियर में उन्होंने मुंबई, दिल्ली, हजीरा और काकीनाडा समेत कई महत्वपूर्ण केंद्रों पर जिम्मेदारियां संभालीं। उनके कार्यक्षेत्र में तेल एवं गैस उत्पादन, वेल सर्विसेज, समुद्री क्षेत्रों में परिचालन तथा गहरे समुद्र में ऊर्जा संसाधनों के विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल रही हैं। ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी अनुभव और विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में काम करने की उनकी पृष्ठभूमि को उनके करियर की महत्वपूर्ण विशेषता माना जा रहा है।

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के साथ मैनेजमेंट की पढ़ाई

सुनील कुमार ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मार्केटिंग और फाइनेंस में विशेषज्ञता के साथ बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है। तकनीकी शिक्षा और प्रबंधन संबंधी ज्ञान का यह संयोजन तेल एवं गैस उद्योग में नेतृत्व की जिम्मेदारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। उत्पादन संबंधी तकनीकी चुनौतियों से लेकर परिसंपत्ति प्रबंधन और कारोबारी रणनीति तक, उनके अनुभव का दायरा व्यापक रहा है।

ओएनजीसी के सामने होंगी कई अहम चुनौतियां

चेयरमैन के रूप में सुनील कुमार के सामने ओएनजीसी के घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन को मजबूत करने, नए ऊर्जा संसाधनों की खोज और मौजूदा परिसंपत्तियों की क्षमता बढ़ाने जैसी महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं रहेंगी। भारत की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए घरेलू उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम करना महत्वपूर्ण है। इसके लिए तेल एवं गैस के नए भंडारों की खोज, उत्पादन तकनीक में सुधार, परिचालन दक्षता बढ़ाने और समुद्र के भीतर स्थित ऊर्जा संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। इसके अलावा, बदलते वैश्विक ऊर्जा बाजार, तकनीकी नवाचार, लागत प्रबंधन और पर्यावरण संबंधी अपेक्षाओं के बीच कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति को आगे बढ़ाना भी नेतृत्व के सामने अहम विषय होंगे।

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के लिए गौरव का क्षण

सुनील कुमार की नियुक्ति आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। संस्थान के 1991 बैच के पूर्व छात्र का देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी के शीर्ष पद तक पहुंचना तकनीकी शिक्षा और पेशेवर अनुभव के महत्व को रेखांकित करता है। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद लंबे समय से खनन, पेट्रोलियम, ऊर्जा और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के लिए विशेषज्ञ तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। सुनील कुमार का करियर इस बात का उदाहरण है कि तकनीकी शिक्षा के साथ लंबे अनुभव और विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन से उद्योग के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है। उनकी नियुक्ति से संस्थान के वर्तमान विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों को भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

7 दिसंबर 2026 या उसके बाद संभालेंगे पदभार

उपलब्ध नियुक्ति विवरण के अनुसार, सुनील कुमार 7 दिसंबर 2026 या उसके बाद ओएनजीसी के चेयरमैन का पदभार ग्रहण करेंगे। उनका प्रस्तावित कार्यकाल तीन वर्ष का बताया गया है, जिसमें निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु के बाद संविदा के आधार पर सेवा जारी रखने का प्रावधान शामिल है। कुल मिलाकर, सुनील कुमार की नियुक्ति उनके लंबे तकनीकी अनुभव, प्रबंधन क्षमता और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद से जुड़ी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को चर्चा में लाती है। उनके नेतृत्व में ओएनजीसी की उत्पादन रणनीति, अन्वेषण गतिविधियों और घरेलू ऊर्जा संसाधनों के विकास पर उद्योग की नजर रहेगी।