Highlights:
- रेलवे के PRS रिजर्वेशन काउंटरों पर 27 अक्टूबर से वैकल्पिक यात्रा बीमा की सुविधा
- केवल 45 पैसे के अतिरिक्त प्रीमियम पर बीमा चुनने का विकल्प
- दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये तक का कवर
- स्थायी आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये तक का बीमा
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): रेलवे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर (PRS) से कंफर्म या आरक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी ऑनलाइन टिकट बुकिंग की तरह ऑप्शनल ट्रैवल इंश्योरेंस स्कीम (OTIS) का लाभ मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने इस सुविधा को 27 अक्टूबर से सभी जोनल रेलवे में लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत यात्री महज 45 पैसे का अतिरिक्त प्रीमियम देकर रेल यात्रा के दौरान दुर्घटना या किसी अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
इस योजना के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार, रेल दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता होने पर 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा। वहीं, आंशिक विकलांगता की स्थिति में 7.5 लाख रुपये तक और अस्पताल में इलाज के खर्च के लिए 2 लाख रुपये तक का कवर उपलब्ध होगा।
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27 अक्टूबर से सभी जोनल रेलवे में लागू होगी योजना
रेलवे बोर्ड ने रिजर्वेशन काउंटरों पर ऑप्शनल ट्रैवल इंश्योरेंस की सुविधा शुरू करने के लिए सभी जोनल रेलवे को जरूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसके तहत टिकट बुकिंग के समय यात्रियों को इस बीमा योजना की जानकारी दी जाएगी और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार इसे चुनने का विकल्प मिलेगा।अब तक रेलवे की यह वैकल्पिक बीमा सुविधा ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध थी। नई व्यवस्था के बाद स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्री भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
सिर्फ 45 पैसे में मिलेगा 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर
इस योजना की सबसे खास बात इसका बेहद कम प्रीमियम है। यात्री टिकट बुक करते समय केवल 45 पैसे अतिरिक्त देकर बीमा का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि, बीमा लेना अनिवार्य नहीं होगा। यात्री अपनी जरूरत और इच्छा के अनुसार इसे स्वीकार या अस्वीकार कर सकेंगे।
बीमा योजना के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मिलने वाला कवरेज इस प्रकार है:
मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता: 10 लाख रुपये तक।
स्थायी आंशिक विकलांगता: 7.5 लाख रुपये तक।
अस्पताल में इलाज का खर्च: 2 लाख रुपये तक।
यह बीमा रेल यात्रा के दौरान दुर्घटना या संबंधित अप्रिय घटना की स्थिति में यात्रियों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया जा रहा है। वास्तविक भुगतान बीमा पॉलिसी की शर्तों और लागू नियमों के अनुसार होगा।
टिकट बुकिंग के समय ही चुनना होगा बीमा
रेलवे बोर्ड के निर्देश के मुताबिक, रिजर्वेशन काउंटर पर टिकट बुक करने वाले कर्मचारियों को यात्रियों को इस वैकल्पिक बीमा सुविधा के बारे में बताना होगा। यात्री अगर बीमा लेना चाहते हैं, तो टिकट बुकिंग के समय इसकी सहमति दे सकते हैं। बीमा का प्रीमियम टिकट के किराये के साथ ही लिया जाएगा। इस तरह यात्रियों को बीमा के लिए अलग से भुगतान करने या किसी अन्य प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।
रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी पॉलिसी की जानकारी
बीमा चुनने वाले यात्रियों को पॉलिसी से संबंधित विवरण उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। इससे यात्रियों को अपनी बीमा पॉलिसी की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी। रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि IRCTC के ई-टिकट के लिए लागू मौजूदा बीमा नियम और शर्तें रिजर्वेशन काउंटर से खरीदे गए टिकटों पर भी लागू होंगी। इसलिए बीमा लेने से पहले यात्रियों को योजना की शर्तों और कवरेज से संबंधित जानकारी समझ लेनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रेलवे बोर्ड का फैसला
रिजर्वेशन काउंटरों पर वैकल्पिक यात्रा बीमा की सुविधा शुरू करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के 6 अक्टूबर के आदेश के बाद लिया गया है। यह आदेश 'यूनियन ऑफ इंडिया बनाम राधा यादव' मामले में दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में रेलवे बोर्ड ने 27 अक्टूबर से PRS काउंटरों पर इस योजना को लागू करने के लिए सर्कुलर जारी किया है।नई व्यवस्था का उद्देश्य ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट बुकिंग करने वाले यात्रियों के बीच बीमा सुविधा की उपलब्धता में समानता लाना है, ताकि स्टेशन के काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्री भी बेहद कम प्रीमियम पर यात्रा बीमा का विकल्प चुन सकें।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
रेलवे की इस पहल से उन यात्रियों को खास फायदा हो सकता है, जो ऑनलाइन टिकट बुक करने के बजाय रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट खरीदना पसंद करते हैं। अब उन्हें भी 45 पैसे के अतिरिक्त प्रीमियम पर निर्धारित शर्तों के अनुसार बीमा सुरक्षा चुनने का विकल्प मिलेगा।हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि बीमा पूरी तरह वैकल्पिक है। इसका लाभ लेने के लिए टिकट बुकिंग के समय इसे चुनना होगा। बीमा कवरेज और भुगतान पॉलिसी की शर्तों के अधीन रहेगा।