Highlights :

  • पलामू के नावाबाजार थाना क्षेत्र में गीता देवी हत्याकांड का खुलासा
  •  पुलिस ने 72 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया
  •  पूजा पंडाल से घर लौटते समय महिला को निशाना बनाने का आरोप
  •  दो मोटरसाइकिल, चार मोबाइल, लूटे गए आभूषण और रस्सी बरामद

पलामू (Threesocieties.com Desk): झारखंड के पलामू जिले में गीता देवी हत्याकांड का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। नावाबाजार थाना क्षेत्र के बसना गांव में हुई इस वारदात में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लूटपाट के इरादे से महिला को निशाना बनाया था। आभूषण लूटने के दौरान महिला ने आरोपियों को पहचान लिया और शोर मचाने लगीं। इसके बाद पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने कथित तौर पर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर मृतका के लूटे गए आभूषण, दो मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई रस्सी और खून व मिट्टी लगे कपड़े समेत कई सामान बरामद किए हैं। महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट होगी।

पूजा पंडाल से लौटते समय लापता हुई थीं गीता देवी

पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 की रात गीता देवी दुर्गा पूजा पंडाल से अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान वह लापता हो गईं। परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल सकी। 21 अक्टूबर को दोपहर में उनका शव घर के समीप धान के खेत से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। मृतका के पति शशि पासवान के आवेदन के आधार पर नावाबाजार थाना कांड संख्या 66/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। महिला की हत्या और आभूषण लूटे जाने की घटना के बाद पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

दशमी की रात लूटपाट की योजना बनाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, दुर्गा पूजा की दशमी के दिन पूजा पंडाल देखने के बाद आरोपियों ने लूटपाट की योजना बनाई थी। शुरुआती योजना राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूटपाट करने की थी। इसी उद्देश्य से वे रात में सक्रिय थे। इसी दौरान पूजा पंडाल से अकेले घर लौट रही गीता देवी आरोपियों के निशाने पर आ गईं। पुलिस का आरोप है कि चारों आरोपी महिला को खेत की ओर ले गए और उनके आभूषण लूट लिए।

लूटपाट के दौरान महिला ने आरोपियों को पहचान लिया और शोर मचाने लगीं। पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की गई। हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों और परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

72 घंटे में पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

पलामू एसपी कपिल चौधरी ने पुलिस सभागार में पत्रकारों को बताया कि मामले के उद्भेदन के लिए गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

दीपरंजन पांडेय उर्फ छोटू उर्फ कारू (22 वर्ष): निवासी राजहरा गांव, नावाबाजार थाना क्षेत्र।

रोहित पांडेय (24 वर्ष): निवासी राजहरा गांव, नावाबाजार थाना क्षेत्र।

आकाश शुक्ला उर्फ भूलन शुक्ला (26 वर्ष): निवासी राजहरा गांव, नावाबाजार थाना क्षेत्र।

विक्की पासवान उर्फ विकास पासवान (25 वर्ष): निवासी लोहड़ी गांव, पड़वा थाना क्षेत्र।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर वारदात से जुड़े कई सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस अब मामले में साक्ष्यों को संकलित करने और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

दो मोटरसाइकिल, लूटे गए आभूषण और रस्सी बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात से जुड़े कई सामान जब्त किए हैं। बरामद सामान में  एक हीरो स्ट्रीम मोटरसाइकिल, फर्जी नंबर प्लेट लगी एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, मृतका के लूटे गए आभूषण, हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी, खून और मिट्टी लगे कपड़े शामिल हैं> पुलिस के अनुसार, इन बरामद वस्तुओं को जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। कपड़ों और अन्य सामग्री की फॉरेंसिक जांच से वारदात से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।

दुष्कर्म की आशंका पर भी जांच जारी

गीता देवी हत्याकांड में महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी में इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस पहलू पर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने से पहले दुष्कर्म की घटना को पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मामले

पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, दीपरंजन पांडेय के खिलाफ नावाबाजार थाने में वर्ष 2023 से 2025 के बीच चोरी समेत विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। आकाश शुक्ला के खिलाफ सदर और नावाबाजार थानों में पूर्व के मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

वहीं, विक्की पासवान के खिलाफ पड़वा, शहर और गढ़वा नगर थानों में चोरी से संबंधित मामले दर्ज होने का उल्लेख किया गया है। इन मामलों का विवरण संबंधित पुलिस अभिलेखों के आधार पर देखा जा रहा है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ पहले से मामला दर्ज होना अपने आप में किसी अन्य अपराध में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। गीता देवी हत्याकांड में आरोपियों की जिम्मेदारी का अंतिम फैसला न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

एसआईटी में शामिल रहे कई पुलिस अधिकारी

हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष टीम का नेतृत्व विश्रामपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चिरंजीव मंडल ने किया। टीम में प्रशिक्षु डीएसपी सह विश्रामपुर थाना प्रभारी मृत्युंजय गोप, नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव, पांडू अंचल निरीक्षक रामाशीष पासवान समेत नावाबाजार, विश्रामपुर और पड़वा थानों के पुलिस अधिकारी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है। मामले में बरामद सामान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।