Advertisement
  • मेडिकल सुविधाओं को लेकर आदेश जारी 
  • 31 दिसंबर तक फार्म भर कर जमा करने की अंतिम तिथि 
  • चालीस हजार देकर 31 दिसंबर तक बन सकते हैं मेंबर
  • कैशलैस सुविधा पर मैनेजमेंट जल्द करेगी पुनर्विचार

कोलकाता। कंट्रीब्यूट्री पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल बेनिफिट (CPRMS) बोर्ड ऑफ ट्रस्टी का पुनर्गठन किया गया है। इस कमेटी का अध्यक्ष कोल इंडिया लिमिटेड के डीपी विनय रंजन को बनाया गया है। इस संबंध में सीआइएल के जीएम श्रम शक्ति व औद्योगिक संबंध ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें:Bihar: भोजपुर पुलिस ने कई लूट कांडों का किया उद्भेदन ,चार क्रिमिनल अरेस्ट

31 दिसंबर तक फॉर्म भरने की लास्ट डेट
कमेटी में एमसीएल के डीपी केशव राव, सीसीएल के एचएन मिश्रा, कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार मेहता, महाप्रबंधक कार्मिक गौतम बनर्जी, बीएमएस से पी माधव नायक, एचएमएस से शंकर प्रसाद बेहरा, एटक से अशोक चंद्र यादव और सीटू से वीएम मनोहर को मेंमर बनाया गया है। वहीं नये सदस्यों की मेडिकल सुविधा को लेकर भी आदेश जारी कर दिया है। 31 दिसंबर तक फार्म जमा करने की लास्ट डेट तय की गई है।
सर्कुलर जारी
रिटायर कामगारों में जिन्होंने सीपीआरएमएस की सदस्यता ग्रहण नहीं की है, वह चालीस हजार रुपए देकर 31 दिसंबर तक बन सकते हैं मेंबर।
सीपीआरएमएस एनई स्कीम को कैशलैस सुविधा पर प्रबंधन जल्द करेगी पुनर्विचार ।
सीपीआरएमएस एनई सदस्य डेटा को ऑनलाइन करने और सभी सदस्यों को स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्णय।

गंभीर बीमारी (किडनी, हृदय, कैंसर आदि) में असीमित खर्च की आवश्यकता होती है। इसलिए, चिकित्सा सुविधा से 8 लाख चिकित्सा व्यय की कटौती न की जाए, इस संबंध में उचित परिपत्र जारी करने का लिया गया निर्णय।
गंभीर बीमारी से ग्रस्त दिव्यांग बच्चों को असीमित योजना के तहत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उचित परिपत्र जारी करने का लिया गया निर्णय।
सीपीआरएमएस एनई सदस्य चिकित्सा सुविधा लेने के बाद प्रबंधन को उचित बिल जमा करने के बाद 45 दिनों के भीतर खर्च का भुगतान करने के लिए उचित निर्देश देते हुए एक और परिपत्र करेंगे जारी।
सीपीआरएमएस के सदस्य के लिए वर्तमान आठ लाख की योजना को बढ़ाकर 25 लाख किया जाना चाहिए और कोयला उत्पादन की बिक्री का कुछ प्रतिशत ट्रस्ट बोर्ड में जमा किया जाना चाहिए।
हालांकि, मैनेजमेंट द्वारा इसपर असहमति प्रकट की गई।
लीवर सिरोसिस को गंभीर बीमारी मानते हुए के मरीजों को असीमित अस्पताल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बनी सहमति।
चंद्रपुर क्षेत्र में नेत्र चिकित्सालय पैनल में लाने हेतु बनी सहमति ।
सदस्यों की 40 हजार रुपये की कटौती का प्रमाणपत्र भी जारी किया जायेगा।


बोर्ड मीटिंग तीन माह में एकबार नियमित रूप से की जायेगी।