- 40 हजार एडवांस लेकर मारी थी गोली
- जमीन विवाद में मर्डर की साजिश
साहिबगंज (Threesocieties.com Desk,) : झारखंड साहिबगंज जिले के बरहेट थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सीताराम हेंब्रम हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जमीन विवाद में एक लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने गोड्डा के एक शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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पूरे मामले का खुलासा बरहरवा एसडीपीओ नितिन कुमार खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने बताया कि 8 मई को बरहेट थाना क्षेत्र के उजली गांव में सीताराम हेंब्रम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद साहिबगंज एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया और तेजी से जांच शुरू हुई।
चचेरे भाई ने रची हत्या की साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई जेठा हेंब्रम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि हत्या की पूरी साजिश जमीन विवाद को लेकर रची गई थी। पुलिस के मुताबिक, जेठा हेंब्रम ने उदाली गांव के बेटका टुडू उर्फ पुष्पराज से संपर्क किया, जो हाल ही में जेल से बाहर आया था। इसके बाद दोनों ने गोड्डा जिले के ललमटिया थाना क्षेत्र स्थित धनकुंडा गांव निवासी झारखंडी दादा उर्फ ताला मरांडी को हत्या की सुपारी दी।
40 हजार एडवांस, फिर उतारा मौत के घाट
एसडीपीओ ने बताया कि राजाभीटा रतनपुर हाट में तीनों की बैठक हुई, जहां सीताराम हेंब्रम की हत्या के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें 40 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे। डील फाइनल होने के बाद आरोपी बरहेट पहुंचे और मौका मिलते ही सीताराम हेंब्रम को गोली मार दी। हत्या के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी।
अपराधियों का रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बेटका टुडू उर्फ पुष्पराज और झारखंडी दादा उर्फ ताला मरांडी का आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अब इनके पुराने मामलों और आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
एसआईटी ने ऐसे सुलझाया केस
इस पूरे ऑपरेशन में इंस्पेक्टर नूनदेव राय, थाना प्रभारी चंदन कुमार भैया, असीम कुजूर, विजय कुमार रामानी, बिट्टू कुमार साहा, एएसआई अशोक सिंह, रघुवीर राम, जितेंद्र मरांडी, चंद्र प्रकाश दुबे और मुकेश कुमार की अहम भूमिका रही।पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी।