HighLights:

  • जापान में एशियन पैरा गेम्स के दौरान मधुबनी के पैरा तैराक शम्स आलम पर महिला होटल कर्मचारी से कथित छेड़छाड़ का आरोप
  • घटना के बाद जापानी पुलिस की कार्रवाई और भारतीय दल से बाहर किए जाने की खबर
  • भारतीय पैरालिंपिक समिति की ओर से आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई
  • बिहार राज्य खेल प्राधिकरण भी रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 के दौरान बिहार के मधुबनी जिले के पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। होटल की महिला कर्मचारी के साथ कथित छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद उन्हें प्रतियोगिता से बाहर किए जाने और भारत वापस भेजे जाने की खबर है। इस घटनाक्रम के बाद उनके खेल करियर पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। भारतीय पैरालिंपिक समिति की ओर से उनके खिलाफ आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश किए जाने की बात भी सामने आई है।

हालांकि, आरोपों की अंतिम स्थिति, जापानी पुलिस की कार्रवाई और किसी संभावित प्रतिबंध पर अंतिम आधिकारिक निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। फिलहाल इन आरोपों को दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

होटल में महिला कर्मचारी से कथित छेड़छाड़ का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, घटना जापान के नागोया में उस समय हुई, जब भारतीय पैरा तैराकी टीम एक होटल में ठहरी हुई थी। आरोप है कि होटल में सफाई करने पहुंची महिला कर्मचारी के साथ शम्स आलम ने अनुचित व्यवहार और छेड़छाड़ करने की कोशिश की। बताया गया है कि महिला कर्मचारी किसी तरह कमरे से बाहर निकली और होटल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले में कार्रवाई की और शम्स आलम को हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें प्रतियोगिता में हिस्सा लिए बिना भारत वापस भेजे जाने की खबर सामने आई। हालांकि, हिरासत, कानूनी प्रक्रिया और डिपोर्ट किए जाने से संबंधित सटीक विवरण की पुष्टि जापानी पुलिस, भारतीय दल या संबंधित खेल संस्था के आधिकारिक बयान से की जानी चाहिए।

आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश की चर्चा

इस मामले के सामने आने के बाद भारतीय पैरालिंपिक समिति की संभावित कार्रवाई को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, समिति के दल प्रमुख ने शम्स आलम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश की है। यदि समिति इस मामले में औपचारिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करती है, तो संबंधित नियमों के तहत आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा की जा सकती है। आजीवन प्रतिबंध जैसी सजा के लिए अंतिम निर्णय और उसका आधिकारिक आदेश महत्वपूर्ण होगा। किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी से जुड़े इस तरह के आरोप खेल संस्थाओं के लिए गंभीर विषय होते हैं। हालांकि, किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित खिलाड़ी का पक्ष और जांच के निष्कर्ष भी महत्वपूर्ण हैं।

बिहार में भी हो सकती है विभागीय कार्रवाई

शम्स आलम बिहार सरकार के वित्त विभाग में पदस्थापित बताए जाते हैं। जानकारी के मुताबिक, वह बिहार राज्य खेल प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर भी काम कर रहे हैं। मामले को लेकर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से भारतीय पैरालिंपिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। यदि आधिकारिक रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई हो सकती है। उनकी सरकारी नौकरी पर भी सवाल उठने लगे हैं, लेकिन नौकरी समाप्त होने को लेकर फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके लिए विभागीय जांच, संबंधित सेवा नियमों और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय का इंतजार करना होगा।

बताया जाता है कि शम्स आलम की नियुक्ति लगभग दो वर्ष पहले बिहार की 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत हुई थी। इस नियुक्ति और उनकी वर्तमान पदस्थापना से संबंधित विवरण की भी आधिकारिक पुष्टि की जानी चाहिए।

तीसरी बार एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा लेने की तैयारी

मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड के राठौस गांव के रहने वाले शम्स आलम पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस प्रतियोगिता में उनका लगातार तीसरी बार एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा लेने का अवसर बताया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वीडन में आयोजित पैरा स्विमिंग ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पदक जीतने के बाद उनका चयन एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए हुआ था। इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन भारतीय पैरा तैराकी दल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। लेकिन जापान में सामने आए विवाद के कारण उनका प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर समाप्त हो गया। अब उनके खेल करियर का अगला चरण संबंधित खेल संस्थाओं की जांच और निर्णय पर निर्भर कर सकता है।

ट्यूमर के कारण पैरालाइज होने के बाद शुरू की थी तैराकी

शम्स आलम की खेल यात्रा संघर्षों से भरी रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 24 वर्ष की उम्र में कमर में ट्यूमर होने के कारण उनके शरीर का कमर के नीचे का हिस्सा पैरालाइज हो गया था। इससे पहले वह कराटे के खिलाड़ी थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेल चुके थे। शारीरिक स्थिति में बदलाव के बाद उन्होंने वर्ष 2012 में रिहैबिलिटेशन के उद्देश्य से तैराकी शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने पैरा स्विमिंग में अपनी पहचान बनाई और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। उनकी यह यात्रा शारीरिक चुनौतियों के बावजूद खेल में आगे बढ़ने का उदाहरण रही है। अब उन पर लगे आरोपों ने उनके खेल जीवन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आठ किलोमीटर समुद्र में तैरने का रिकॉर्ड

शम्स आलम के नाम गोवा में खुले समुद्र में आठ किलोमीटर तैरने की उपलब्धि भी बताई जाती है। दावा है कि उन्होंने यह दूरी चार घंटे चार मिनट में पूरी की थी और इसके लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ। इसके अलावा, उपलब्ध विवरण के अनुसार, उन्होंने नौ मई को स्वीडन के फाल्कनबर्ग में आयोजित पैरा स्विम ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी-4 स्पर्धा में 2 मिनट 17.80 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता था। उनके नाम राष्ट्रीय रिकॉर्ड होने की जानकारी भी दी गई है। वर्ष 2018 में जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में 50 मीटर और 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि भी उनके परिचय का हिस्सा रही है। इन उपलब्धियों के कारण उन्हें बिहार के प्रमुख पैरा तैराकों में गिना जाता रहा है।

गांव और परिवार में घटना को लेकर चर्चा

मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड स्थित राठौस गांव में घटना की जानकारी पहुंचने के बाद ग्रामीणों और परिवार के बीच चर्चा होने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शम्स आलम अविवाहित हैं और उनके पिता नसीर अहमद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव में रहते हैं। मामले पर उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किए जाने की बात भी सामने आई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आरोपों पर उनका आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

कौन हैं मोहम्मद शम्स आलम शेख?

जन्म: 17 जुलाई 1986, राठौस गांव, बिस्फी प्रखंड, मधुबनी, बिहार।

शिक्षा: मैकेनिकल इंजीनियरिंग और एचआर में एमबीए की जानकारी उपलब्ध है।

खेल करियर: पूर्व कराटे खिलाड़ी, वर्ष 2012 से पैरा स्विमिंग।

प्रमुख उपलब्धि: 2018 जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का दावा।

अन्य उपलब्धि: खुले समुद्र में आठ किलोमीटर तैरने का रिकॉर्ड बताए जाने की जानकारी।

नौकरी: बिहार सरकार के वित्त विभाग में पदस्थापना और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति की जानकारी।

जांच और आधिकारिक फैसले पर टिकी नजरें

जापान में सामने आए इस मामले के बाद शम्स आलम के अंतरराष्ट्रीय खेल करियर, संभावित अनुशासनात्मक प्रतिबंध और सरकारी सेवा पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन सभी पहलुओं पर अंतिम स्थिति संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक रिपोर्ट और निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मामले में जापानी अधिकारियों की जांच का निष्कर्ष क्या है और भारतीय पैरालिंपिक समिति आरोपों पर क्या अंतिम फैसला लेती है। इसके साथ ही बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और संबंधित सरकारी विभाग की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।