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धनबाद (Threesocieties.com Desk)। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 2025 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के एक दल ने धनबाद के पश्चिमी झरिया क्षेत्र स्थित मुनीडीह कोयला परियोजना का विस्तृत दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य भावी प्रशासनिक अधिकारियों को भूमिगत कोयला खनन की उन्नत तकनीकों, सुरक्षा मानकों और परिचालन प्रक्रियाओं से व्यावहारिक रूप से अवगत कराना था।

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यह दल लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) से जुड़ा हुआ है, जहां देश के भावी आईएएस अधिकारियों को प्रशासनिक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के तहत औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना से जुड़े स्थलों का फील्ड विजिट कार्यक्रम भी शामिल है।

500 मीटर गहराई तक उतरे अधिकारी

मुनीडीह परियोजना प्रबंधन की ओर से प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत कांफ्रेंस हॉल में किया गया, जहां उन्हें परियोजना की भौगोलिक स्थिति, उत्पादन क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी संरचना की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने भूमिगत खदान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।

दल के सदस्य ‘केज’ (लिफ्ट) के माध्यम से लगभग 500 मीटर होराइजन की गहराई तक नीचे उतरे। वहां उन्होंने लोकोमोटिव से खदान के अंदर भ्रमण किया और रोड हेडर मशीन समेत अन्य आधुनिक खनन मशीनरी की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा। अधिकारियों ने कोयला निष्कर्षण की जटिल तकनीकी प्रक्रिया, वेंटिलेशन सिस्टम, सुरक्षा प्रोटोकॉल और उत्पादकता प्रबंधन का भी अवलोकन किया।

सुरक्षा और तकनीक पर विशेष जोर

भ्रमण के दौरान परियोजना अधिकारियों ने भूमिगत खनन में आने वाली चुनौतियों, गैस नियंत्रण प्रणाली, आपातकालीन निकास व्यवस्था और श्रमिक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों ने खदान संचालन में तकनीकी नवाचार और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम की भूमिका को भी समझा।प्रबंधन ने बताया कि आधुनिक मशीनरी और सख्त सुरक्षा मानकों के कारण उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी आई है। अधिकारियों ने श्रमिकों से संवाद कर जमीनी स्तर की चुनौतियों को भी जाना।

ये अधिकारी रहे शामिल

इस शैक्षणिक भ्रमण में सलोनी गौतम, हिमांशु, साई शिवानी एट्टाबोजिना, हर्षम पांड्या, नंदना जीपी, मुद्रा रहेजा, राज कृष्ण झा, शिवांश जागड़े, तुषार सिंह और केतन शुक्ला शामिल थे। सभी अधिकारियों ने इसे अपने प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि इस प्रकार के फील्ड विजिट से प्रशासनिक निर्णयों में व्यावहारिक समझ विकसित होती है।

प्रशासनिक दृष्टि से अहम अनुभव

विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक और खनन क्षेत्रों का प्रत्यक्ष अनुभव भावी प्रशासकों को नीति निर्माण, श्रम प्रबंधन और औद्योगिक सुरक्षा जैसे विषयों पर बेहतर समझ प्रदान करता है। धनबाद जैसे कोयला क्षेत्र में इस तरह का भ्रमण अधिकारियों के लिए खास महत्व रखता है।