CISF धनबाद में भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ी का आरोप, दो पूर्व अफसरों पर CBI FIR

बीसीसीएल कोयला नगर CISF यूनिट में कथित वित्तीय अनियमितता मामले में CBI ने दो पूर्व अधिकारियों ओम कुमार तंवर और राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की है।

CISF धनबाद में भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ी का आरोप, दो पूर्व अफसरों पर CBI FIR
धनबाद के बीसीसीएल कोयला नगर CISF यूनिट से जुड़ा मामला।

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  • CBI ने दो पूर्व CISF अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की
  • तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट ओम कुमार तंवर नामजद
  • तत्कालीन लेडी इंस्पेक्टर राज लक्ष्मी वर्मा भी आरोपी
  • CISF की विभागीय जांच में वित्तीय अनियमितता के आरोपों की पुष्टि का दावा

धनबाद (Threesocieties.com Desk): बीसीसीएल कोयला नगर स्थित सीआईएसएफ यूनिट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई धनबाद ने सीआईएसएफ के दो पूर्व अधिकारियों तत्कालीन उप समादेष्टा (Deputy Commandant) ओम कुमार तंवर और तत्कालीन लेडी इंस्पेक्टर राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

यह मामला सीआईएसएफ मुख्यालय, नई दिल्ली में मुख्य सतर्कता अधिकारी/आईजी (कार्मिक) जोस मोहन की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत के बाद सीआईएसएफ स्तर पर हुई जांच में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों के सामने आने का दावा किया गया है। सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई एसीबी धनबाद के पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार पाठक को सौंपी है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, ऑल इंडिया कोल माइंस यूनियन, झारखंड के मदन सिंह ने सीआईएसएफ के मुख्य सतर्कता अधिकारी जोस मोहन को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के साथ एक पेन ड्राइव भी सौंपी गई थी। बताया गया है कि पेन ड्राइव में तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग थीं। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि बीसीसीएल धनबाद की सीआईएसएफ यूनिट में तैनात कुछ अधिकारी और कर्मी कथित तौर पर भ्रष्टाचार एवं अन्य अनियमित गतिविधियों में शामिल हैं। शिकायत मिलने के बाद सीआईएसएफ मुख्यालय की ओर से मामले की विभागीय जांच कराई गई।

तीन ऑडियो क्लिप भी जांच के दायरे में

मामले में उपलब्ध कराई गई पेन ड्राइव में तीन ऑडियो क्लिप होने की बात प्राथमिकी में कही गई है। सीआईएसएफ की विभागीय जांच के दौरान इन ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच की गई। प्राथमिकी के मुताबिक, जांच में ऑडियो क्लिप में मौजूद आवाजों को प्रथम दृष्टया ओम कुमार तंवर और राज लक्ष्मी वर्मा की आवाज बताया गया। इसी जांच के आधार पर अधिकारियों के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों को गंभीर माना गया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मामला सीबीआई तक पहुंचा।

मार्च 2026 से जुड़ा है मामला

सीबीआई को इस मामले में शिकायत 25 सितंबर 2026 को मिलने की बात सामने आई है। वहीं प्राथमिकी में उल्लेखित घटनाक्रम इसी साल मार्च 2026 से जुड़ा बताया गया है। सीबीआई ने शिकायत और उपलब्ध प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर नियमित मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

कौन हैं दोनों नामजद अधिकारी?

मामले में नामजद ओम कुमार तंवर घटना के समय सीआईएसएफ धनबाद के तत्कालीन उप समादेष्टा के पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग आठवीं रिजर्व बटालियन, जयपुर (राजस्थान) में बताई गई है। वहीं राज लक्ष्मी वर्मा उस समय सीआईएसएफ धनबाद में लेडी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थीं। वर्तमान में वह तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (TTPS), ललपनियां में पदस्थापित बताई गई हैं।

रिश्वत और अनुचित लाभ के प्रयास का आरोप

सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारी लोक सेवक के रूप में अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के एवज में रिश्वत अथवा अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास कर रहे थे। प्राथमिकी में इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और मामले में अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।

CBI DSP विकास कुमार पाठक करेंगे जांच

CBI धनबाद ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी CBI ACB धनबाद के DSP विकास कुमार पाठक को सौंपी है। जांच के दौरान ऑडियो रिकॉर्डिंग, शिकायत में लगाए गए आरोप, विभागीय जांच की रिपोर्ट और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। फिलहाल मामला CBI की जांच के चरण में है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों से जुड़े तथ्यों की विस्तृत तस्वीर सामने आएगी।