धनबाद। बीसीसीएल द्वारा कंपनी के करोड़ों की संपत्ति कल्याणकारी कार्यों के नाम पर फ्री में बांटी जा रही है। बीसीसीएल की ओर से कई ऐसे शैक्षिक, धार्मिक व गैर सरकारी संस्थाओं टाउन के पॉश इलाके में फ्री में बंगले और जमीन दी गई है। प्राय: सभी बंगले सेंट्रल हॉस्पीटल के डॉक्टरों के थे। सेंट्रल हॉस्पीटल में डॉक्टरों के रिटायर्ड होने पर ब बंगले खाली होते जा रहे हैं। बीसीसीएल के सीनीयर अफसर इन बंगलों को संस्थानों को बांट रहे हैं। हालांकि इनमें कुछ संस्थान सामाजिक कार्यों को समर्पित भी हैं। लेकिन कई संस्थान कल्याणकारी कार्यों के नाम पर बंगले व जमीन लेकर लेकिन लोगों को राहत नहीं दे रहे हैं। बीसीसीएल में बंगला आवंटन के मामले पीएमओ तक कंपलेन पहुंच चुकी है। रिटायर्ड बीसीसीएल स्टाफ अमरेश मिश्रा ने पीएम नरेंद्र मोदी कंपलेन कर बीसीसीएल अफसरों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि लगभग 100 एकड़ जमीन व बंगला ऐसे संस्थाओं, अफसरों को अलॉट कर कंपनी व सरकार को 100 करोड़ के लगभग का चूना लगाया है। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल आर्थिक संकट में है, प्राइम लोकेशन में ऐसे जायदाद दान करना तर्कसंगत नहीं है। मामले को संज्ञान में लेते हुए सार्वजनिक संपत्ति को लुटने से बचाएं।
जिन संस्थाओं को बंगले और जमीन दी गयी
ब्रह्मा कुमारीज ईश्वरीय संस्थान को दो बंगले। कंपनी सेक्रेटरी इंस्टीट्यूट ऑफिस के लिए एक बंगला, नारायणी चैरिटेबल ट्रस्ट (पहला कदम) को एक बंगला, दिल्ली पब्लिक स्कूल को बंगला सहित लगभग चार एकड़ जमीन।दिल्ली पब्लिक स्कूल ने बीसीसीएल की ओर से दी गयी जमीन व बंगले पर बाउंड्री वाल का का काम शुरू कर दिया है। डीपीएस की ओर से कार्मिक नगर कैंपस में स्टूडेंट की संख्या अधिक होने पर अर्से से नये कैंपस के लिए जमीन मांगी जा रही थी। बीसीसीएल ने डीपीएस को जगजीवन नगर में जमीन अलॉट कर दी। यहां नर्सरी से क्लास टू तक की पढ़ाई होगी। स्कूल का कार्मिक नगर स्थित कैंपस बीसीसीएल प्रदत्त जमीन पर ही है। स्कूल पूरी तरह व्यावसायिक शिक्षा दे रही है। यहां नर्सरी के बच्चे का एडमिशन फीस 48000 रुपये है। मंथली फीस लगभग 3600 रुपये है।
जमीन देना बीसीसीएल की जरूरत
बीसीसीएल को भी संस्थानों को जमीन देना जरूरत है। बीसीसीएल ने कार्मिक नगर, कुसुम विहार, कोयला नगर, करमाटांड़ में कई कॉलोनी बनवाया है। इनमें कोलियरी इलाके के बीसीसीएल कर्मी आकर रहेंगे। इनके बच्चों के पढऩे के लिए स्कूल की जरूरत है। डीपीएस पहले भी बीसीसीएल की जमीन व भवन में ही चल रहा है। उसका एक्सटेंशन किया जा रहा है। संस्थानों को एक रुपये के टोकन मनी पर जमीन अलॉट किया गया है।
ब्रह्मा कुमारीज सेंटर की संचालिका अनु दीदी, का कहना है कि योग, ध्यान, चरित्र निर्माण, संस्कार परिवर्तन व तनाव मुक्त जीवन कैसे जिएं इन विषयों की शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाता है। आयु, वर्ग का कोई भेद नहीं है। सुबह व शाम चलनेवाली सभी कक्षाएं निश्शुल्क हैं। कोई निबंधन शुल्क भी नहीं है। कक्षा में जो आ जाएं वही हमारे सदस्य है। कक्षा से लाभ होने पर, व्यसन मुक्ति के बाद स्वेच्छा से दिए गये दान राशि से संगठन का काम चलता है।
नारायणी चैरिटेबल ट्रस्ट के सेकरेटरी अनिता अग्रवाल का कहना है कि हमारे यहां 95 परसेंट बच्चे निशुल्क शिक्षा ले रहे हैं। मानसिक रूप से दिव्यांग इन बच्चों का हर तरह से विकास हो और ये आत्मनिर्भर बनें यही हमारा उद्देश्य है। 50 वर्ष तक के छात्र हैं। निबंधन शुल्क 2500 रुपये, मासिक शुल्क 500 रुपये रखे गये हैं। हालांकि पांच परसेंटअभिभावक ही शुल्क दे पाते हैं। सारा खर्च दान की राशि से चलता है। बीसीसीएल से जमीन व भवन मिला है।शेष व्यवस्था ट्रस्ट को ही करना होता है।
दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. सरिता सिन्हा ने कहा है कि जगजीवन नगर में प्राथमिक कक्षाओं की पढ़ाई होगी। जमीन बीसीसीएल से प्राप्त हो गया है। दूसरी कक्षा तक के बच्चे यहां पढ़ सकेंगे। कार्मिक नगर कैंपस में संख्या अधिक होने की वजह से दूसरा परिसर जरूरी हो गया था। अगले सत्र से पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी। बाउंड्री वाल का निर्माण ही शुरू कराया गया है। यह बीसीसीएल का स्कूल है।