BCCL में उत्पादन-डिस्पैच पर मंथन, CMD ने दिए लक्ष्य हासिल करने के सख्त निर्देश

BCCL में 4-5 सितंबर को दो दिवसीय Coordination Meeting हुई। CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने उत्पादन, डिस्पैच, वाशरी, मशीनरी और FY 2026-27 के लक्ष्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

BCCL में उत्पादन-डिस्पैच पर मंथन, CMD ने दिए लक्ष्य हासिल करने के सख्त निर्देश
BCCL के टारगेट पर CMD की नजर, उत्पादन-डिस्पैच बढ़ाने का रोडमैप तैयार।

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  • CMD मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में FY 2026-27 के लक्ष्यों की समीक्षा की गई
  • उत्पादन, डिस्पैच, स्टॉक, भूमि अधिग्रहण और लागत प्रबंधन पर हुआ मंथन
  • वाशरियों को अधिकतम और लगातार गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराने पर जोर
  • Area GMs ने उत्पादन, परिवहन, डिस्पैच और OB Removal की क्षेत्रवार रिपोर्ट पेश की

धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के उत्पादन और परिचालन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में धनबाद स्थित BCCL मुख्यालय कोयला भवन में 4 और 5 सितंबर 2026 को दो दिवसीय Coordination Meeting आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने की।

बैठक में कंपनी के मौजूदा परिचालन प्रदर्शन, उत्पादन लक्ष्य, कोयला डिस्पैच और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। दो दिनों तक चले इस मंथन में अधिकारियों को लक्ष्य आधारित और समन्वित तरीके से काम करने पर विशेष जोर दिया गया।

उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्य पर फोकस

4 सितंबर को हुई समीक्षा बैठक में BCCL के Annual Action Plan (AAP) 2026-27 के लक्ष्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान कोयला उत्पादन, डिस्पैच, स्टॉक मैनेजमेंट, भूमि अधिग्रहण, लागत प्रबंधन, इन्वेंट्री के उपयोग तथा संसाधनों और मैनपावर के प्रभावी इस्तेमाल पर चर्चा हुई। CMD ने कंपनी के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। उन्होंने परिचालन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

वाशरियों को गुणवत्तापूर्ण कोयले की आपूर्ति पर जोर

बैठक में BCCL की वाशरियों की जरूरतों को भी प्रमुखता से लिया गया। वाशरियों को अधिकतम मात्रा में लगातार गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। वाशरियों के प्रदर्शन और यील्ड में सुधार की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ वाशरियों की क्षमता और उत्पादन परिणामों में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

Area GMs ने रखा क्षेत्रवार प्रदर्शन

5 सितंबर को बैठक का दूसरा चरण आयोजित हुआ। इसमें BCCL के विभिन्न क्षेत्रों के Area GMs ने क्षेत्रवार प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कोयला उत्पादन, परिवहन, डिस्पैच और OB Removal (ओवरबर्डन हटाने) की स्थिति की जानकारी दी गई।इस दौरान विभागीय उत्पादन की भी समीक्षा की गई। उत्पादन बढ़ाने के लिए विभागीय मशीनरी की उपलब्धता और उसके प्रभावी इस्तेमाल को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।

पावर सेक्टर की मांग के अनुसार बढ़ेगा डिस्पैच

बैठक में पावर सेक्टर को कोयले की आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। CMD ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पावर सेक्टर की मांग को ध्यान में रखते हुए अधिकतम कोयला डिस्पैच सुनिश्चित किया जाए। इससे बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक कोयले की उपलब्धता बनाए रखने के साथ BCCL के डिस्पैच प्रदर्शन को भी बेहतर करने पर जोर दिया गया।

CISF और BCCL अधिकारियों की मौजूदगी

दो दिवसीय बैठक में BCCL के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ CISF के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में Director (Technical/Operations) संजय कुमार सिंह, Director (Finance & HR) राजेश कुमार मौजूद रहे। Director (Technical-P&P) राजीव कुमार सिन्हा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। इसके अलावा DIG, CISF राजीव मिश्रा, वरिष्ठ CISF अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों के Area GMs, मुख्यालय के GMs/HoDs और BCCL के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

बेहतर समन्वय और संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर

CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए करीबी समन्वय, समय पर कार्रवाई और संसाधनों के कुशल उपयोग को महत्वपूर्ण बताया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उत्पादन और डिस्पैच से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी न हो तथा उपलब्ध मशीनरी, मैनपावर और अन्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।