Highlights:
- धनबाद में कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ CISF का विशेष अभियान
- 14 संवेदनशील स्थलों पर छापेमारी,करीब 200 किलोग्राम अवैध कोयला और लोहे के चार पाइप जब्त
- अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए 53 वाहनों की जांच
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए WhatsApp नंबर 9341528406 जारी
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला चोरी, अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ CISF ने धनबाद में विशेष अभियान चलाया। 14 संवेदनशील स्थलों पर छापेमारी कर करीब 200 किलोग्राम अवैध कोयला और लोहे के चार पाइप जब्त किए गए। ड्रोन से खदानों और कोल डंप की निगरानी के साथ 53 वाहनों की जांच भी की गई।
धनबाद। कोयला चोरी, अवैध खनन और कोयले के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की बीसीसीएल इकाई ने धनबाद में कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्र सरकार की 'जीरो कोल लीकेज टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत सोमवार को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान बीसीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से जिले के 14 संवेदनशील स्थलों पर छापेमारी और सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान करीब 200 किलोग्राम अवैध कोयला और लोहे के चार पाइप जब्त किए गए। वहीं, एरिया-4 में अवैध खनन के एक मुहाने की भराई भी की गई। CISF ने स्पष्ट किया है कि कोयला चोरी और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए निगरानी, गश्त और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।
14 संवेदनशील स्थलों पर छापेमारी, अवैध कोयला जब्त
धनबाद के कोयलांचल में कोयले की चोरी और अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए CISF ने संवेदनशील क्षेत्रों को केंद्र में रखकर कार्रवाई की। अभियान के तहत 14 स्थानों पर तलाशी ली गई। इस दौरान लगभग 200 किलोग्राम अवैध कोयला और लोहे के चार पाइप बरामद किए गए। अवैध खनन के एक मुहाने को भी भरवाया गया, ताकि उस रास्ते से होने वाली गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। CISF की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कोयले के अवैध उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
ड्रोन से खदानों, कोल डंप और रेलवे साइडिंग की निगरानी
कोयला चोरी की आशंका वाले इलाकों पर नजर रखने के लिए CISF ने ड्रोन सर्विलांस का सहारा लिया। ड्रोन के जरिए खदानों, कोल डंप, रेलवे साइडिंग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की गई। इसका उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना और अवैध खनन तथा कोयले के गैरकानूनी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
गोविंदपुर क्षेत्र में कई स्थानों की जांच
गोविंदपुर क्षेत्र में 19 अक्टूबर को सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक ड्रोन से निगरानी की गई। इस दौरान हायर पैच माइंस, जीआरएस रेलवे साइडिंग, तेतुलिया, बाबंडीहा जंगल, आमबगान और महेशपुर माइंस समेत कोल डंप क्षेत्रों की जांच की गई। CISF के अनुसार, निगरानी के दौरान इन स्थानों की स्थिति सामान्य पाई गई। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने के लिए निगरानी और गश्त जारी रखने की बात कही गई है।
जेलगोड़ा में भी ड्रोन सर्विलांस
जेलगोड़ा क्षेत्र में भी सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12 बजे तक ड्रोन के जरिए निगरानी की गई। इस दौरान सुशी माइंस, बागड़ीगी कोल डंप, मोदीविट्टा माइंस, लक्ष्मी माइंस और बीआर-5 क्षेत्र को निगरानी के दायरे में रखा गया। CISF की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान इन स्थानों पर भी स्थिति सामान्य मिली। ड्रोन निगरानी के साथ क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था जारी है।
सलानपुर माइंस के पास मिले डीजल से भरे चार गैलन
गोविंदपुर क्षेत्र में सलानपुर डिपार्टमेंटल माइंस के सिलेक्टर बस्ती के समीप सोमवार तड़के करीब 1:50 बजे स्ट्रीट लाइट ट्रिप होने की सूचना मिली। सूचना के बाद त्वरित कार्रवाई दल (QRT-05) ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान वहां से डीजल से भरे चार गैलन बरामद किए गए। फिलहाल इन्हें नियंत्रण कक्ष में सुरक्षित रखा गया है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डीजल को बीसीसीएल प्रबंधन को सौंपा जाएगा। CISF ने बताया कि संबंधित स्थल पर बल की तैनाती नहीं है। हालांकि, सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई दल ने मौके पर पहुंचकर जांच की और डीजल को सुरक्षित रखवाया।
53 वाहनों की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन
कोयले के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए CISF ने विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया। इस दौरान कुल 53 वाहनों की जांच की गई। वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन एम-परिवहन के माध्यम से किया गया। कोयला खदानों से लेकर परिवहन मार्गों तक निगरानी मजबूत करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। वाहनों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की गई कि परिवहन से संबंधित दस्तावेज निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। CISF का जोर केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि गश्त, ड्रोन निगरानी, वाहन जांच और त्वरित कार्रवाई दल की मदद से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए रखने पर भी है।
कोयला चोरी और अवैध खनन पर लगातार कार्रवाई
धनबाद और आसपास के कोयलांचल क्षेत्रों में कोयले के अवैध उत्खनन, चोरी और गैरकानूनी परिवहन को रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में CISF की बीसीसीएल इकाई ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करने पर जोर दिया है।CISF के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए नियमित गश्त, ड्रोन सर्विलांस, छापेमारी और त्वरित कार्रवाई दल की तैनाती जारी रहेगी। अभियान का उद्देश्य कोयले के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना और खदानों तथा आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
आम लोगों से सूचना देने की अपील, WhatsApp नंबर जारी
CISF ने आम लोगों से कोयला चोरी, अवैध खनन और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने की अपील की है। इसके लिए WhatsApp नंबर 9341528406 जारी किया गया है।बल की ओर से कहा गया है कि इस नंबर पर केवल संदेश के माध्यम से सूचना दी जाए, ताकि संबंधित मामलों में त्वरित और गोपनीय कार्रवाई की जा सके।CISF ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोयले की चोरी, अवैध उत्खनन या संदिग्ध परिवहन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना संबंधित एजेंसी तक पहुंचाएं।
कुल मिलाकर, धनबाद में CISF का यह अभियान कोयला चोरी और अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे निगरानी अभियान का हिस्सा है। 14 संवेदनशील स्थलों पर छापेमारी, करीब 200 किलोग्राम कोयले की जब्ती, ड्रोन सर्विलांस और 53 वाहनों की जांच के जरिए अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कोशिश की गई है।