Highlights:
- BCCL CMD का पीबी एरिया दौरा: मनोज कुमार अग्रवाल ने 20 अक्टूबर 2026 को खनन कार्यों का निरीक्षण किया
- तीन स्थलों का जायजा: केंदुआडीह फायर पैच, पैच-IV और एकड़ा जोर का निरीक्षण किया
- उत्पादन लक्ष्य पर जोर: कोयला उत्पादन और डिस्पैच के निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए
- खनन बाधाएं दूर करने का निर्देश: पैच के विस्तार और खनन कार्यों की प्रगति में आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान करने को कहा
धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कोयला उत्पादन और डिस्पैच के निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए अधिकारियों को खनन कार्यों में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने तथा परिचालन दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को उन्होंने बीसीसीएल के पीबी एरिया का दौरा कर विभिन्न खनन स्थलों का निरीक्षण किया और उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

सीएमडी ने इस दौरान केंदुआडीह फायर पैच, पैच-IV और एकड़ा जोर का निरीक्षण किया। उन्होंने खनन कार्यों की प्रगति, पैच के विस्तार, कोयला डिस्पैच और परिचालन व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभागों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा। खनन कार्यों में अनावश्यक देरी से बचने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
उत्पादन लक्ष्य हासिल करना सर्वोच्च प्राथमिकता
पीबी एरिया के निरीक्षण के दौरान सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को कोयला उत्पादन और डिस्पैच के लक्ष्यों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खनन कार्यों की प्रगति के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए परिचालन से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उनका समय पर समाधान किया जाना चाहिए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पैच के विस्तार और खनन कार्यों की प्रगति में आ रही बाधाओं को जल्द दूर किया जाए। कार्यों में देरी होने से उत्पादन की गति प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में तेजी से प्रगति हो सके।सीएमडी ने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने और परिचालन संबंधी चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान निकालने पर भी जोर दिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि उत्पादन और डिस्पैच से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
केंदुआडीह फायर पैच, पैच-IV और एकड़ा जोर का निरीक्षण
सीएमडी ने पीबी एरिया के दौरे के दौरान केंदुआडीह फायर पैच, पैच-IV और एकड़ा जोर में चल रहे खनन कार्यों का जायजा लिया। इन स्थलों पर उन्होंने खनन गतिविधियों की प्रगति और परिचालन व्यवस्था से संबंधित पहलुओं की समीक्षा की। निरीक्षण का उद्देश्य खनन कार्यों की मौजूदा स्थिति को समझना और उन समस्याओं की पहचान करना था, जिनके कारण पैच की प्रगति या उत्पादन प्रभावित हो सकता है। संबंधित अधिकारियों को इन चुनौतियों का शीघ्र समाधान करने तथा कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।सीएमडी ने इस बात पर जोर दिया कि खनन कार्यों की गति बनाए रखने के लिए योजना और जमीनी स्तर पर उसके क्रियान्वयन के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। परिचालन में किसी तरह की बाधा सामने आने पर संबंधित विभागों को मिलकर उसका समाधान करना चाहिए।
एचईएमएम प्रतिनिधियों से परिचालन चुनौतियों पर चर्चा
निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (HEMM) से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की। इस दौरान भारी खनन मशीनों के संचालन में आने वाली चुनौतियों और खनन कार्यों को सुचारु बनाए रखने से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।भारी खनन मशीनरी कोयला खदानों में उत्पादन और परिचालन की गति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में मशीनों के संचालन से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान करना जरूरी है। सीएमडी ने संबंधित अधिकारियों और प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। मशीनों के प्रभावी संचालन और खनन कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल को महत्वपूर्ण बताया गया।
पंपिंग व्यवस्था और विद्युत ढांचे की समीक्षा
पीबी एरिया के दौरे के दौरान सीएमडी ने एमडीओ परिचालन के लिए पंपिंग व्यवस्था और उससे जुड़े विद्युत ढांचे की भी समीक्षा की। खदानों में पानी की निकासी के लिए पंपिंग सिस्टम का प्रभावी संचालन महत्वपूर्ण होता है। पंपिंग व्यवस्था में किसी तरह की समस्या आने पर खनन गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। सीएमडी ने पंपिंग सिस्टम को भरोसेमंद और प्रभावी बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही संबंधित विद्युत ढांचे की कार्यक्षमता और परिचालन व्यवस्था की समीक्षा की गई, ताकि खनन कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में किसी तरह की अनावश्यक बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंपिंग व्यवस्था से संबंधित चुनौतियों पर समय रहते ध्यान दिया जाए और आवश्यक समन्वय के साथ समस्याओं का समाधान किया जाए। एमडीओ परिचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए इन व्यवस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
विभागों के बीच समन्वय और जवाबदेही पर जोर
सीएमडी के निरीक्षण के दौरान उत्पादन लक्ष्य, पैच की प्रगति, कोयला डिस्पैच और परिचालन दक्षता जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समन्वित प्रयास करें।खनन कार्यों में आने वाली समस्याओं की पहचान, उनका त्वरित समाधान और संसाधनों का बेहतर उपयोग उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। निरीक्षण के दौरान इन पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरे में क्षेत्रीय महाप्रबंधक, अतिरिक्त महाप्रबंधक, परियोजना पदाधिकारी, संबंधित प्रबंधक, बीसीसीएल मुख्यालय के महाप्रबंधक (ईएंडएम) और पीएंडपी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।