Highlights: 

  • टासरा, भौरा से क्षेत्रों से प्रतिदिन करीब 500 टन अवैध कोयले की निकासी होने का आरोप
  • बाघमारा के केसरगढ़, भांटडीह के नगदा से रोजाना 2000 टन से अधिक कोयले की तस्करी 
  • प्रतिदिन 100 से 150 ट्रकों के जरिए कोयला भेजे जाने का आरोप, गोविंदपुर-बलियापुर में खपत
  • डिहरी ऑन सोन की कोयला मंडियों तक धनबाद से कोयला पहुंचने की आशंका 

धनबाद (Threesocieties.com Desk):  कोयला कारोबार के लिए चर्चित धनबाद जिले में अवैध कोयले की कथित निकासी और आपूर्ति को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों के दावों के अनुसार, सिंदरी में सेल की टासरा कोलियरी, भौरा, लूचीबाग और बाघमारा,केसरगढ़, भाटडीह, केशलपुर, क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कोयले की कथित तस्करी की गतिविधियां चल रही हैं। दावा किया जा रहा है कि इन इलाकों से निकलने वाले कोयले की आपूर्ति गोविंदपुर और बलियापुर के कुछ हार्डकोक प्लांटों के साथ-साथ बिहार के डिहरी ऑन सोन स्थित कोयला बाजार तक की जाती है।

टासरा और भौरा में बड़े पैमाने पर अवैध निकासी का दावा

सूत्रों के अनुसार, सिंदरी के तासरा कोलियरी और भौरा क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध कोयले की निकासी और परिवहन का नेटवर्क सक्रिय है। आरोप है कि श्रीकांत द्वारा स्थानीय स्तर पर संपर्कों और परिवहन व्यवस्था के सहारे कोयले को विभिन्न गंतव्यों तक पहुंचाया जाता है। दावों के मुताबिक, इन दोनों क्षेत्रों से प्रतिदिन करीब 1000 टन कोयले की कथित तस्करी होती है। बताया जा रहा है कि कोयले का एक हिस्सा गोविंदपुर और बलियापुर के हार्डकोक प्लांटों तक पहुंचता है, जबकि शेष को बिहार की मंडियों में भेजे जाने का दावा है। लूचीबाग से प्रतिदिन 200 टन से अधिक कोयले की कथित निकासी या आपूर्ति होती है।

पिता-पुत्र की जोड़ी द्वारा पहाड़ीगोड़ा व चिकचिकिया कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। कतरास क्षेत्र में भी कोयले की कथित तस्करी को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यहां से प्रतिदिन दर्जनों ट्रकों के जरिए कोयला भेजे जाने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोयले की आपूर्ति धनबाद के कुछ हार्डकोक प्लांटों और बिहार के डिहरी ऑन सोन स्थित कोयला बाजार तक की जाती है। हालांकि, ट्रकों की वास्तविक संख्या, उनमें लदे कोयले की मात्रा और परिवहन दस्तावेजों की वैधता की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

गोविंदपुर और बलियापुर के हार्डकोक प्लांटों पर भी उठ रहे सवाल

सूत्रों के दावों में गोविंदपुर और बलियापुर के कुछ हार्डकोक प्लांटों का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि टासरा, भौरा और अन्य क्षेत्रों से आने वाला कथित अवैध कोयला इन प्लांटों में खपाया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, धनबाद से कथित तौर पर निकाले गए कोयले का एक हिस्सा बिहार के रास्ते डिहरी ऑन सोन की कोयला मंडियों तक पहुंचाया जाता है। दावा है कि कोयले के कारोबार में परिवहन और आपूर्ति की ऐसी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके जरिए अलग-अलग क्षेत्रों तक कोयला भेजा जाता है।

पांच लोगों के कथित सिंडिकेट का भी जिक्र

सूत्रों ने तासरा और भौरा क्षेत्र में पांच लोगों के कथित नेटवर्क का दावा किया है। आरोपों के अनुसार, इस नेटवर्क में अलग-अलग लोगों के पास कोयले की व्यवस्था, स्थानीय संपर्क, परिवहन और आपूर्ति से जुड़े काम होने की बात कही गई है।

कथित अवैध कोयला खनन की पहले की गयी थी CISF DIG से शिकायत

बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कथित अवैध कोयला खनन, परिवहन और अवैध डिपो संचालन को लेकर पिछले माह ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के उप महानिरीक्षक से शिकायत की गई है। महुदा बाजार निवासी एक व्यक्ति ने CISF DIG को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी है। शिकायत में कतरास से लेकर महुदा, जोगता, रामकनाली, नागदा, भटडीह और मुरलीडीह तक कई इलाकों में अवैध उत्खनन और कोयला परिवहन किए जाने का आरोप लगाया गया है। पत्र में कुछ लोगों के नाम भी दिए गए हैं। इनमें चंदन, एनामुल, असित, पिंटू, डब्ल्यू, बाबर, बबलू, मुन्ना, हरेंद्र, रोहित व गणेश और विश्वजीत के नाम शामिल हैं।

आरोप है कि नामित लोगों में कई पुराने कोयला कारोबार से जुड़े रहे हैं और कुछ के खिलाफ पूर्व में जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी हो चुकी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लोगों का पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं दूसरी ओर झरिया के लोदना व आसपास एरिया में बिट्टू व छोटू की जोड़ी पहाड़ीगोरा से चिकचिकिया कोयला निकाल रहा है। यहां से प्रतिदिन 1-12 ट्रक इलिगल कोल माइनिंग का कोयलाा निकल रहा है। बिट्टू व छोटू का एक साल से इलिगल कोल का कारोबार चल रहा है। बिट्टटू के लाइजनिंग का काम छोटू ही देखता है। 

जमुनिया नदी के दोनों ओर अवैध खनन 

आरोप है कि जमुनिया नदी के दोनों ओर, बाघमारा थाना क्षेत्र और बोकारो झरिया ओपी क्षेत्र में कथित रूप से अवैध खनन एवं कोयला परिवहन चल रहा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि ब्लॉक-2 ओपन कास्ट परियोजना क्षेत्र से निकाले गए कोयले को जमुनिया नदी के पुल के रास्ते दामोदा होते हुए टी-मोड़ और अन्य स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमुनिया पुल, दामोदा, पटना गैराज और टी-मोड़ के आसपास CISF की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने का कथित रूप से फायदा उठाकर अवैध कोयला परिवहन किया जा रहा है। पत्र में ब्लॉक-2 क्षेत्र में एनामुल, बबलू, असित और मुन्ना के सक्रिय होने का आरोप लगाया गया है। 

आरोप है कि रात करीब 11 बजे से सुबह 4 बजे तक साइकिल, मोटरसाइकिल, पिकअप और टाटा मैजिक जैसे वाहनों से कथित रूप से कोयला कांको मोड़ के समीप संचालित एक सॉफ्ट कोक भट्ठे में पहुंचाया जाता है। इस कथित डिपो को चंदन बोकारो द्वारा संचालित किए जाने का आरोप है।  कांको हिल स्कूल से आगे पुल के बाद एनामुल द्वारा करीब एक सप्ताह से कथित अवैध डिपो संचालित किया जा रहा है। वहीं जोगता थाना क्षेत्र में एनामुल, बाबर और डब्ल्यू पर पिकअप वाहनों के जरिए कथित रूप से कोयला उठाकर जीटी रोड के आसपास संचालित अवैध भट्ठों तक पहुंचाने का आरोप है। 

नागदा-भटडीह और मुरलीडीह में अवैध खनन तेज

आरोप है कि नागदा, भटडीह और मुरलीडीह क्षेत्रों कथित रूप से अवैध खनन फिर सक्रिय हुआ है। वहां से प्रतिदिन कई ट्रकों में कोयला निकाले जाने का आरोप है। आरोप है कि अरविंद, पवन, एनामुल और विश्वजीत की टीम कथित रूप से जेसीबी मशीन और डीजल पंप लगाकर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन कर रही है। 

BCCL में कोयला चोरी! बंद खदानों में CCTV ने खोला राज

बीसीसीएल के बाघमारा, कतरास और झरिया कोयलांचल क्षेत्र में बंद व प्रतिबंधित खदान क्षेत्रों से कोयला निकासी की आशंका हैं। कांटापहाड़ी, धनसार व्यू प्वाइंट और कन्वेयर क्षेत्र में लगे बीसीसीएल के पीटीजेड कैमरों में ऐसी कई गतिविधियां कैद हुई हैं, जिनमें लोग बोरी लेकर जाते और कोयला लोडिंग जैसी गतिविधियां करते दिखाई दे रहे हैं। तीन और पांच अक्टूबर को कैद हुए सीसीटीवी फुटेज में अलग-अलग स्थानों पर लोगों की आवाजाही नजर आई। कुछ फुटेज में लोग बोरी लेकर खदान क्षेत्र की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कन्वेयर क्षेत्र में हाइवा में कोयला लोडिंग जैसी गतिविधियां भी कैमरे में कैद हुई हैं।

कांटापहाड़ी में बंद खदान क्षेत्र के पास दिखे लोग

तीन अक्टूबर को दोपहर करीब 2:13 बजे कांटापहाड़ी टावर के कैमरे में बंद खदान क्षेत्र के आसपास कई लोगों की आवाजाही दिखाई दी। ओसीपी के समीप अलग-अलग स्थानों पर लोग नजर आए। कुछ लोगों के पास बोरी भी दिखाई दी और वे पहाड़ी की तरफ जाते दिखे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि लोग बंद खदान क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे।  कन्वेयर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज में भी तीन अक्टूबर को संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। कन्वेयर बेल्ट के समीप हाइवा में कोयला लोडिंग जैसी गतिविधि कैमरे में कैद हुई है। फुटेज में दो हाइवा दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा आसपास महिला और पुरुष बोरियों में कोयला बीनते हुए नजर आए। 

धनसार व्यू प्वाइंट में बोरा लेकर भागता दिखा व्यक्ति

धनसार व्यू प्वाइंट के सी-1 कैमरे में पांच अक्टूबर को सुबह करीब 11:44 बजे संदिग्ध गतिविधियां कैद हुईं। करीब 24 सेकंड के अंतर पर सामने आए दो फुटेज में एक व्यक्ति सिर पर बोरा लेकर भागता हुआ दिखाई दिया। इसी फुटेज में गड्ढे के अंदर करीब छह-सात लोगों की गतिविधियां भी नजर आती हैं।