Highlights:
- धनबाद के कतरास निवासी एमडी रियाज कुरैशी की फिल्म ‘द डार्क लाइट’ का मुंबई में प्रमोशन
- 26 अक्टूबर को मुंबई के होटल ताज में आयोजित हुआ कार्यक्रम
- कोयलांचल में अवैध कोयला खनन से होने वाली तबाही और जन-धन की क्षति पर आधारित है फिल्म
- फिल्म की पूरी शूटिंग धनबाद जिले के कोयला क्षेत्रों में की गई
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल की धरती पर अवैध कोयला खनन से होने वाली जान-माल की क्षति, तबाही और सामाजिक समस्याओं की कहानी अब बड़े पर्दे पर नजर आएगी। धनबाद के कतरास स्थित छाताबाद निवासी निर्माता एवं लेखक एमडी रियाज कुरैशी की हिंदी फीचर फिल्म ‘द डार्क लाइट’ का 26 अक्टूबर को मुंबई के होटल ताज में भव्य प्रमोशन किया गया। एम आर्ट्स फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म की पूरी शूटिंग धनबाद जिले के कोयला क्षेत्रों में की गई है।

और भी पढ़ें
- बिहार MLC चुनाव: BJP को 3 सीटें, पटना में 30 साल बाद हारी, RJD ने मारी बाजी
- धनबाद: झरिया में अग्रसेन जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, झांकियों ने मोहा मन
- 1 घंटे खड़े रहकर धनबाद DC ने सुनी फरियाद, बुजुर्ग को 2 महीने बाद मिला राशन
- करवा चौथ पर क्या खरीदना है शुभ? बिछिया, चांदी के सिक्के से छलनी तक की लिस्ट
फिल्म के जरिए कोयलांचल की जमीनी हकीकत और अवैध खनन से जुड़ी गंभीर चुनौतियों को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। मुंबई में आयोजित प्रमोशन कार्यक्रम में फिल्म जगत से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। इनमें महेश भट्ट, पूजा भट्ट और अवतार गिल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान फिल्म की विषयवस्तु और प्रस्तुति को लेकर सराहना की गई।
कोयले के अवैध खनन की त्रासदी पर केंद्रित है कहानी
‘द डार्क लाइट’ की कहानी कोयलांचल में अवैध कोयला खनन के कारण होने वाली जन-धन की क्षति, तबाही और सामाजिक बर्बादी के इर्द-गिर्द घूमती है। कोयला क्षेत्र में अवैध उत्खनन लंबे समय से सुरक्षा, पर्यावरण और स्थानीय आबादी के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। फिल्म की खासियत यह है कि इसकी शूटिंग धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में की गई है। इससे फिल्म की पृष्ठभूमि को स्थानीय परिवेश से जोड़ने का अवसर मिला है। कोयला खदानों और उनसे जुड़े इलाकों की वास्तविक परिस्थितियां इस कहानी को क्षेत्र की सामाजिक चुनौतियों से जोड़ती हैं। फिल्म का उद्देश्य मनोरंजन के साथ कोयलांचल की उस वास्तविकता को सामने लाना है, जिसका असर यहां रहने वाले लोगों के जीवन और सुरक्षा पर पड़ता है।
कतरास के रियाज कुरैशी ने संभाली फिल्म की कमान
फिल्म के निर्माता और लेखक एमडी रियाज कुरैशी धनबाद जिले के कतरास स्थित छाताबाद के निवासी हैं। उन्होंने फिल्म की कहानी, पटकथा और संवाद लिखे हैं। फिल्म का निर्देशन अनिरुद्ध गौतम ने किया है। स्थानीय परिवेश और कोयलांचल की समस्याओं पर आधारित इस फिल्म के निर्माण से धनबाद की प्रतिभा को व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है। फिल्म की कहानी को अपने क्षेत्र की जमीन से जोड़कर रियाज कुरैशी ने कोयला क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सामाजिक समस्या को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
कुमार सानू और उदित नारायण की आवाज से सजे गीत
‘द डार्क लाइट’ के संगीत पक्ष को भी खास बनाया गया है। फिल्म के गीत विनय तिवारी और नासिर खान ने लिखे हैं, जबकि संगीत बुल्लू घोष और नासिर खान ने तैयार किया है।फिल्म के गीतों को मशहूर पार्श्वगायक कुमार सानू और उदित नारायण के साथ मेंडी सिंह तथा नासिर खान ने अपनी आवाज दी है। इन गायकों की भागीदारी से फिल्म के संगीत को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की उम्मीद है। फिल्म में हिंदी के साथ खोरठा गीतों को भी स्थान दिया गया है। इससे स्थानीय भाषा और संस्कृति को बड़े पर्दे पर पहचान मिलने की संभावना है।
खोरठा गीतकार विनय तिवारी और नासिर खान का योगदान
फिल्म के गीतों में धनबाद और आसपास के क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान की झलक भी देखने को मिलेगी। खोरठा गीत लेखन के लिए पहचाने जाने वाले तोपचांची निवासी विनय तिवारी और कतरास के नासिर खान ने फिल्म के गीत लिखे हैं। स्थानीय भाषाओं और क्षेत्रीय कलाकारों की भागीदारी से फिल्म का कोयलांचल से जुड़ाव और मजबूत होता है। क्षेत्रीय रचनाकारों के लिए हिंदी फीचर फिल्म में काम करना अपने हुनर को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर भी है।
मुंबई के होटल ताज में हुआ प्रमोशन कार्यक्रम
फिल्म का प्रमोशन 26 अक्टूबर को मुंबई के होटल ताज में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अल्फा नियोन स्टूडियो की ओर से किया गया था। इस मौके पर फिल्म निर्माता एवं एनएच स्टूडियो के मालिक नरेंद्र हीरावत, अल्फा नियोन स्टूडियो की मेघना हीरावत उपाध्याय, अमित उपाध्याय, कविता अग्रवाल, महेश भट्ट, पूजा भट्ट और अवतार गिल समेत फिल्म जगत से जुड़ी कई हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में फिल्म की विषयवस्तु और प्रस्तुति को लेकर चर्चा हुई। मुंबई जैसे प्रमुख फिल्मी केंद्र में फिल्म का प्रमोशन होना धनबाद के कलाकारों और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
जल्द सिनेमाघरों में रिलीज होगी ‘द डार्क लाइट’
निर्माता एवं लेखक रियाज कुरैशी के अनुसार, ‘द डार्क लाइट’ जल्द ही देश-विदेश के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। हालांकि, फिल्म की रिलीज की निश्चित तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है। धनबाद में शूटिंग, स्थानीय रचनाकारों की भागीदारी और कोयलांचल की जमीनी समस्या पर आधारित कहानी इस फिल्म को क्षेत्र से विशेष रूप से जोड़ती है। अब दर्शकों को इसके सिनेमाघरों में आने का इंतजार है।
कोयलांचल की कहानी को बड़े पर्दे तक पहुंचाने की कोशिश
‘द डार्क लाइट’ केवल एक फिल्म के रूप में ही नहीं, बल्कि कोयला क्षेत्र की गंभीर सामाजिक समस्या को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के प्रयास के तौर पर भी महत्वपूर्ण है। अवैध खनन से होने वाले नुकसान को फिल्मी कहानी के माध्यम से सामने लाने की कोशिश की गई है।धनबाद के रियाज कुरैशी और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से बनी इस फिल्म से उम्मीद है कि कोयलांचल की वास्तविक परिस्थितियों और क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। अब फिल्म की रिलीज के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इसकी कहानी और संदेश को किस तरह स्वीकार करते हैं।