धनबाद : BCCL में बड़ा बदलाव, निदेशक वित्त राजेश कुमार को निदेशक कार्मिक का अतिरिक्त प्रभार

BCCL में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। निदेशक वित्त राजेश कुमार को 1 सितंबर 2026 से निदेशक कार्मिक का अतिरिक्त प्रभार मिला है। जानें कितने समय तक रहेगी व्यवस्था और क्या है पूरा आदेश।

धनबाद : BCCL में बड़ा बदलाव, निदेशक वित्त राजेश कुमार को निदेशक कार्मिक का अतिरिक्त प्रभार
निदेशक वित्त के साथ कार्मिक विभाग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे राजेश कुमार।

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  • तीन माह या नियमित नियुक्ति तक रहेगा अतिरिक्त प्रभार
  • कोयला मंत्रालय ने दी अतिरिक्त जिम्मेदारी को मंजूरी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): Bharat Coking Coal Limited (BCCL) में निदेशक कार्मिक के पद को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। BCCL के निदेशक वित्त राजेश कुमार को निदेशक कार्मिक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी।

राजेश कुमार अपने मौजूदा पद निदेशक वित्त की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ अब BCCL के निदेशक कार्मिक का काम भी देखेंगे। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की ओर से जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक इस संबंध में सक्षम प्राधिकार की मंजूरी प्राप्त हो चुकी है।

तीन माह के लिए मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी

कोयला मंत्रालय ने BCCL के निदेशक कार्मिक पद का अतिरिक्त प्रभार राजेश कुमार को सौंपने की मंजूरी दी है। आदेश के अनुसार यह व्यवस्था प्रारंभिक तीन माह के लिए रहेगी। हालांकि, यदि इस अवधि के दौरान निदेशक कार्मिक के नियमित पदाधिकारी की नियुक्ति हो जाती है या कोई नया आदेश जारी होता है, तो उसी के अनुसार व्यवस्था में बदलाव होगा। यानी राजेश कुमार के पास यह अतिरिक्त जिम्मेदारी तीन महीने की अवधि पूरी होने, नियमित निदेशक कार्मिक की नियुक्ति अथवा अगले आदेश तक—जो भी पहले हो—तब तक रहेगी।

वित्त के साथ कार्मिक विभाग की भी जिम्मेदारी

निदेशक वित्त के रूप में राजेश कुमार पहले से ही BCCL के वित्तीय मामलों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें कार्मिक विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद कंपनी के मानव संसाधन और कार्मिक से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी भी करनी होगी। BCCL जैसी बड़ी कोयला कंपनी में निदेशक कार्मिक का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कर्मचारियों से जुड़े प्रशासनिक मामले, मानव संसाधन, सेवा संबंधी विषय और कंपनी के कार्मिक प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय इस विभाग के दायरे में आते हैं।

नियमित नियुक्ति तक जारी रहेगी व्यवस्था

कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अतिरिक्त प्रभार स्थायी नियुक्ति नहीं है। निदेशक कार्मिक के नियमित पदाधिकारी की नियुक्ति होने तक राजेश कुमार इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। यदि नियमित नियुक्ति तीन माह से पहले हो जाती है, तो अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था उसी के साथ समाप्त हो सकती है।वहीं, यदि तीन माह की अवधि पूरी होने तक नियमित नियुक्ति नहीं होती है और सक्षम स्तर से आगे की व्यवस्था की जाती है, तो उसके अनुसार राजेश कुमार की अतिरिक्त जिम्मेदारी जारी रह सकती है।

BCCL के प्रशासनिक कामकाज पर रहेगी नजर

राजेश कुमार के पास अब वित्त के साथ-साथ कार्मिक विभाग की जिम्मेदारी आने से BCCL के प्रशासनिक कामकाज में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। कंपनी में वित्तीय प्रबंधन के साथ कर्मचारियों और मानव संसाधन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।