धनबाद: बरवाअड्डा थाना बना रणक्षेत्र! फर्जी प्रमाणपत्र केस में जयराम महतो और मुखिया समर्थकों में भिड़ंत

धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र बनाने के मामले को लेकर विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थकों के बीच कथित मारपीट हुई। मुखिया के पुत्र ने गला दबाने और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाया। CCTV फुटेज से जांच की मांग।

धनबाद: बरवाअड्डा थाना बना रणक्षेत्र! फर्जी प्रमाणपत्र केस में जयराम महतो और मुखिया समर्थकों में भिड़ंत
विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थक भिड़े।

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     Highlights:

  • फर्जी हस्ताक्षर से जाति, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार करने के आरोप का मामला
  • बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थकों के बीच कथित हाथापाई
  • मुखिया के पुत्र प्रदीप कुमार रजक ने गला दबाने और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का लगाया आरोप
  • आरोपी गणेश दास को पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में भी हिरासत में लिया

धनबाद (Threesocieties.com Desk): बरवाअड्डा थाने में फर्जी प्रमाणपत्र के मामले को लेकर शुक्रवार की रात जमकर हंगामा हुआ। थाना परिसर में आरोपी की पैरवी को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो और बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि थाना प्रभारी के चेंबर में ही दोनों पक्षों के बीच कथित मारपीट हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।

मामला फर्जी हस्ताक्षर से जाति, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार किए जाने के आरोप से जुड़ा है। घटना ने अब राजनीतिक विवाद के साथ-साथ मारपीट और जातिसूचक शब्दों के कथित इस्तेमाल का रूप ले लिया है।

फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र बनाने का आरोप

पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी की शिकायत से शुरू हुआ। मुखिया ने गांव के ही गणेश दास पर कथित तौर पर उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जाति, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने का आरोप लगाया है। इस मामले में बरवाअड्डा थाना में कांड संख्या 129/26 दर्ज होने की बात सामने आई है। गणेश दास को जेएलकेएम के एससी मोर्चा का जिला सचिव बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, मामले में पूछताछ के लिए गणेश दास को बुलाया गया था। उसके थाना नहीं पहुंचने पर एसआई मीनू कुमारी धारा 35(3) के तहत नोटिस देने उसके घर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान गणेश दास और उसके परिजनों की पुलिसकर्मियों से कहासुनी हुई तथा गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस गणेश दास को हिरासत में लेकर थाना ले आई। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर अलग मामला दर्ज किए जाने की बात कही है।

विधायक पहुंचे थाना, पुलिस अधिकारियों से हुई तीखी बहस

बताया जा रहा है कि गणेश दास को थाना से छुड़ाने की मांग को लेकर जेएलकेएम नेताओं और समर्थकों ने विधायक जयराम महतो से संपर्क किया। समर्थकों की शिकायत थी कि पुलिस ने गणेश दास के साथ कथित रूप से मारपीट की है। इसके बाद विधायक ने थाना प्रभारी से फोन पर बात की और कुछ देर बाद समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंच गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाने में विधायक की थाना प्रभारी रवि कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों से काफी देर तक तीखी बहस हुई। बताया जाता है कि करीब डेढ़ घंटे तक चले घटनाक्रम में विधायक अपने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और उनके साथ कथित मारपीट को लेकर नाराजगी जताते रहे।

मुखिया समर्थक भी पहुंचे, चेंबर में बढ़ा विवाद

विधायक के थाना पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद बड़ापिछरी, कोरियाटांड़, कसियाटांड़ और आसपास के क्षेत्रों से मुखिया यशोदा देवी के समर्थक भी थाना पहुंच गए। बताया जाता है कि कुछ समर्थक थाना प्रभारी के चेंबर में पहुंच गए। वहां आरोपी की पैरवी को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। इसी दौरान विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने की बात सामने आई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और काफी मशक्कत के बाद लोगों को अलग किया। इसके बाद थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

मुखिया के पुत्र ने लगाया गला दबाने का आरोप

घटना के बाद बड़ापिछड़ी निवासी प्रदीप कुमार रजक ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रदीप का दावा है कि वह 21 अगस्त की रात करीब 10 बजे अपने पिता आशुतोष रजक से मिलने थाना पहुंचा था। उसके पिता को कांड संख्या 129/26 के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

शिकायत में प्रदीप ने आरोप लगाया है कि थाना परिसर में विधायक जयराम महतो ने उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जातिसूचक शब्द कहे। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसका गला दबाया गया, जिससे उसे सांस लेने में परेशानी हुई और गर्दन पर खरोंच के निशान आए। प्रदीप ने विधायक के समर्थक सुशील मंडल समेत अन्य लोगों पर भी लात-घूंसे और थप्पड़ से मारपीट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

CCTV फुटेज से जांच की मांग

प्रदीप कुमार रजक ने अपने आवेदन में दावा किया है कि थाना परिसर में लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। उसने पुलिस प्रशासन से CCTV फुटेज सुरक्षित कर उसकी जांच कराने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में CCTV फुटेज जांच का अहम आधार बन सकता है, क्योंकि घटना थाना परिसर में हुई है और दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं।

विधायक ने पुलिस पर लगाए आरोप

दूसरी ओर विधायक जयराम महतो ने पुलिस पर गिरफ्तार किए गए युवक गणेश दास के साथ कथित मारपीट करने का आरोप लगाया है। विधायक की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई गई है। वहीं, पुलिस की ओर से गणेश दास को हिरासत में लिए जाने के पीछे फर्जी दस्तावेज के मामले में पूछताछ तथा पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने की बात कही जा रही है।

अब जांच से साफ होगी पूरी तस्वीर

फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार करने के मूल आरोप से शुरू हुआ यह मामला अब थाना परिसर में कथित मारपीट, गला दबाने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप तक पहुंच गया है। एक तरफ पुलिस मूल मामले और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपों की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ मुखिया पक्ष ने थाना परिसर में हुई कथित मारपीट को लेकर शिकायत दी है। ऐसे में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 21 अगस्त की रात थाना परिसर में वास्तव में क्या हुआ।

नोट: मारपीट, गला दबाने और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग से जुड़े आरोप फिलहाल शिकायत/आरोप के स्तर पर हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और जांच के परिणाम सामने आना बाकी है।