Dhanbad: कतरास में भू-धंसान-अवैध उत्खनन के खिलाफ धरना, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
कतरास में भू-धंसान और अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा ने धरना दिया। प्रभावितों के पुनर्वास, वैज्ञानिक सर्वे और स्थायी समाधान की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
Highlights:
- धरना में भू-धंसान प्रभावित परिवारों के स्थायी समाधान और पुनर्वास की उठी मांग
- अवैध कोयला उत्खनन पर रोक लगाने और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग
- प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे कराने और खतरे वाले स्थान चिन्हित करने की मांग
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बुधवार को धनबाद जिला मुख्यालय स्थित रणधीर वर्मा चौक पर भू-धंसान और अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया गया। कतरास और आसपास के भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज उठायी। धरने के दौरान बीसीसीएल, डीजीएमएस, सरकार और जनप्रतिनिधियों से प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की गयी।
भू-धंसान से घर, जमीन और सड़क प्रभावित होने का दावा
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कतरास और आसपास के कई क्षेत्रों में लगातार हो रहे भू-धंसान के कारण लोगों के घर, जमीन, सड़क और जनजीवन प्रभावित हो रहे हैं। मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में बीसीसीएल की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गयी है। वक्ताओं ने कहा कि भू-धंसान के कारण प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षा का संकट बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
अवैध कोयला उत्खनन पर रोक लगाने की मांग
धरने में अवैध कोयला उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठायी गयी। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अवैध उत्खनन से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों एवं संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
वैज्ञानिक सर्वे के साथ पुनर्वास की मांग
कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा ने भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की। इसके साथ ही खतरे वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गयी। मोर्चा के अनुसार प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए समुचित पुनर्वास योजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही पात्र प्रभावितों को उचित मुआवजा देने और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग भी की गयी।
एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन
धरना समाप्त होने के बाद मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद एसडीएम लोकेश बारंगे के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भू-धंसान की समस्या का स्थायी समाधान, प्रभावित लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास, अवैध कोयला उत्खनन पर रोक तथा जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय करने समेत कई मांगें रखी गयीं।मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यदि प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जायेगा। उन्होंने कतरास के लोगों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
अधिवक्ता संघ और बुद्धिजीवी परिषद ने दिया समर्थन
धरने में कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों के लोगों समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान अधिवक्ता संघ और धनबाद बुद्धिजीवी परिषद के सदस्यों ने भी मोर्चा के आंदोलन को समर्थन दिया। अधिवक्ता नीतू रानी, अमित भगत, वाईके सिंह, अजय भगत, दिनेश केसरी, दीपक श्रीवास्तव, रंजीत चौबे, सपन सरकार और राजू प्रसाद अखोरी समेत कई अधिवक्ताओं ने धरने को संबोधित किया।
धरने में चुन्ना यादव, प्रकाश राम गुप्ता, प्रदीप पांडे, सुरेश केडिया, विजय तुलस्यान, मनोज गुप्ता, बलबीर सिंह, राजेश स्वर्णकार, दीपक अग्रवाल, कौशर खान, प्रमोद अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सोनू अग्रवाल, सचिन चौधरी, पंकज गुप्ता, मोहित गोयल, राजकुमार अग्रवाल, मनोज ठाकुर, सुरेश शर्मा, रईस अहमद, बाबलू रावानी, किशोरी गुप्ता, राजू राम, प्रदीप गुप्ता, रतन कुमार शुक्ल, राजेश कुमार, मनोज कुमार गुप्ता, संतोष चौधरी, अरुण चौधरी, उमंग कुमार, अरुण तुलस्यान, अब्दुल समद अंसारी, विजय राधेश्याम, हरिओम कुमार, नन्दलाल कुमार, राम नाथ राय और सुनील कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
Threesocieties News Desk 



