दुमका: हंसडीहा में मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़! लाइन होटल के पास बन रहे थे पिस्टल-कट्टे

दुमका के हंसडीहा में कोलकाता STF के इनपुट पर पुलिस ने अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। लेथ मशीन समेत हथियार निर्माण का सामान बरामद, मकान सील और दो युवक हिरासत में।

दुमका: हंसडीहा में मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़! लाइन होटल के पास बन रहे थे पिस्टल-कट्टे
अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़।

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     HighLights:

  • कोलकाता STF के इनपुट पर हंसडीहा में दुमका पुलिस कार्रवाई।
  • मकान सील; दो स्थानीय युवक हिरासत में, मुख्य संचालक फरार
  • लेथ मशीन समेत पूरा सेटअप बरामद

दुमका (Threesocieties.com Desk): दुमका जिले में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हंसडीहा थाना क्षेत्र में संचालित एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। रामगढ़ मोड़ स्थित रेलवे ओवरब्रिज के समीप एक मकान में चल रहे इस अवैध कारोबार का खुलासा कोलकाता एसटीएफ (STF) से मिले गुप्त इनपुट के आधार पर हुआ।

पुलिस ने बुधवार को चिन्हित मकान में छापेमारी कर हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली लेथ मशीन और अन्य उपकरण व संयंत्र बरामद किए। कार्रवाई के बाद पुलिस ने मकान को सील कर दिया है। मौके से दो स्थानीय युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि फैक्ट्री का मुख्य संचालक पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया।

कोलकाता STF के इनपुट से खुला हथियार फैक्ट्री का राज

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले कोलकाता एसटीएफ ने हथियार तस्करी के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आया कि हंसडीहा में अवैध तरीके से पिस्टल और देसी कट्टे तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद कोलकाता एसटीएफ ने मामले की जानकारी झारखंड पुलिस को दी। इनपुट को गंभीरता से लेते हुए दुमका पुलिस ने हंसडीहा के रामगढ़ मोड़ स्थित संदिग्ध मकान की पहचान की और टीम गठित कर वहां छापेमारी की।

लाइन होटल के बगल में चल रहा था अवैध हथियार का धंधा

पुलिस के अनुसार, मिनी गन फैक्ट्री मुख्य मार्ग पर स्थित एक व्यस्त लाइन होटल के ठीक बगल में संचालित की जा रही थी। जिस स्थान पर हथियार बनाए जा रहे थे, वहां सामान्य गतिविधियों के बीच अवैध कारोबार चलाए जाने से पुलिस और स्थानीय लोगों को आसानी से शक न हो, ऐसा इंतजाम किया गया था। छापेमारी के दौरान पुलिस को हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली लेथ मशीन समेत अन्य उपकरण मिले। पुलिस अब बरामद सामान की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि यहां कितने समय से हथियार बनाए जा रहे थे और अब तक कितने हथियार तैयार किए जा चुके हैं।

SP पीतांबर सिंह खेरवार पहुंचे मौके पर

घटना की जानकारी मिलने के बाद दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार देर शाम खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने बरामद उपकरणों और घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी ली। छापेमारी में हंसडीहा सर्किल इंस्पेक्टर प्रियंका आनंद, हंसडीहा थाना प्रभारी अजीत यादव, सरैयाहाट थाना प्रभारी अनुज कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी मनीष कुमार, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार समेत कोलकाता एसटीएफ की टीम शामिल रही।

दो स्थानीय युवक हिरासत में, संचालक फरार

पुलिस ने मौके से दो स्थानीय युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ कर फैक्ट्री के संचालन, हथियारों की सप्लाई और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही मुख्य संचालक मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

गोड्डा और बिहार से संदिग्ध युवकों के आने-जाने की जानकारी

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस ठिकाने पर गोड्डा और पड़ोसी राज्य बिहार के कुछ संदिग्ध युवकों का लगातार आना-जाना लगा रहता था। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि मिनी गन फैक्ट्री से हथियारों की सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी। पुलिस संदिग्ध लोगों की सूची तैयार करने के साथ ही गिरफ्तार हथियार तस्करों से मिले इनपुट को भी जांच का आधार बना रही है। इससे अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

क्या-क्या हुआ बरामद?

दुमका पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली लेथ मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने पूरे सेटअप को कब्जे में लेकर संबंधित मकान को सील कर दिया है। एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि हंसडीहा में अवैध हथियार निर्माण की सूचना मिली थी। कोलकाता एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। मौके से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली लेथ मशीन और अन्य उपकरण मिले हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध मिनी गन फैक्ट्री का नेटवर्क कितना बड़ा है, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और तैयार हथियारों की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी।