राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि बनाये गये महासचिव

राम मंदिर ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किया है। महंत गोविंद देव गिरि नए महासचिव और महेश भागचंदका कोषाध्यक्ष बने। ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल किए गए।

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि बनाये गये महासचिव
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO।

Advertisement

       HighLights:

  • एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अप्रैल 2026 में वायुसेना से हुए थे सेवानिवृत्त, 39 साल से ज्यादा की सेवा
  • ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम सैन्य जिम्मेदारी, सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित
  • महंत गोविंद देव गिरि बने राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव, महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
  • मदन मोहन पांडेय और डॉ. निर्मला यादव समेत तीन नए ट्रस्टी नियुक्त

अयोध्या।(Threesocieties.com Desk): रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में बुधवार को कई बड़े फैसले लिए गए। ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इसके साथ ही ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया गया है। महंत गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है, जबकि नवनियुक्त ट्रस्टी महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ट्रस्ट की बैठक में तीन नए सदस्यों को भी शामिल करने का फैसला लिया गया। इनमें अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के व्यवसायी एवं समाजसेवी महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की शिक्षाविद् डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं।

पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रस्ट के गठन के बाद यह पहली बार है जब मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO का पद बनाया गया है। सीईओ के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा था। इसके बाद ट्रस्ट की बैठक में विचार-विमर्श के बाद सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई गई। जितेंद्र मिश्रा अप्रैल 2026 में भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने करीब 39 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय वायुसेना में सेवा दी। वह वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख भी रह चुके हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई अहम भूमिका

जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर काफी महत्वपूर्ण रहा है। फाइटर पायलट के रूप में उन्होंने भारतीय वायुसेना में लंबी सेवा की। वह 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे और 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने अहम सैन्य जिम्मेदारी निभाई थी। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद पर काम कर चुके मिश्रा के प्रशासनिक और नेतृत्व अनुभव को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

'यह ईश्वरीय आदेश है', CEO बनने के बाद बोले जितेंद्र मिश्रा

राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO बनाए जाने के बाद जितेंद्र मिश्रा ने अपनी नियुक्ति को 'ईश्वरीय आदेश' बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसे वैश्विक महत्व के धार्मिक स्थल की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मिश्रा ने कहा कि वह ट्रस्ट के पदाधिकारियों से बातचीत करने के बाद जल्द अयोध्या पहुंचेंगे और रामकाज में जुट जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी कोशिश रहेगी कि उनके किसी कार्य से किसी की आस्था या विश्वास को ठेस न पहुंचे। उन्होंने कहा कि रामभक्तों की सेवा-सत्कार और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा। ट्रस्ट पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

अपनी टीम बनाएंगे, लोगों का भरोसा जीतना प्राथमिकता

नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि पदभार संभालने के बाद वह अपनी टीम बनाएंगे और ट्रस्ट के कामकाज को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने पर ध्यान देंगे। उनके मुताबिक मंदिर से जुड़ी प्रक्रियाओं में अब तक जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उनका उद्देश्य ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को मजबूत करना और लोगों का भरोसा बनाए रखना होगा। मिश्रा ने कहा कि वह विवादों के राजनीतिक पहलू में जाने के बजाय आगे की चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर ध्यान देना पसंद करेंगे। उनका फोकस जमीनी स्तर पर व्यवस्था सुधारने और रामभक्तों को बेहतर सुविधाएं देने पर रहेगा।

चंपत राय की जगह महंत गोविंद देव गिरि बने महासचिव

ट्रस्ट की बैठक में संगठनात्मक स्तर पर एक और बड़ा बदलाव किया गया। महंत गोविंद देव गिरि को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है। वह अब चंपत राय की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। नवनियुक्त महासचिव गोविंद देव गिरि ने कहा कि CEO के कामकाज और जिम्मेदारियों को लेकर आने वाले दिनों में मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP तैयार की जाएगी। इसमें CEO के अधिकार, कर्तव्य और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाएगा।

महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी

दिल्ली के 68 वर्षीय व्यवसायी, लेखक और समाजसेवी महेश भागचंदका को ट्रस्ट में नया सदस्य बनाने के साथ ही कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है। भागचंदका लंबे समय से हिंदू संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं। ट्रस्ट में उनकी नियुक्ति के साथ वित्तीय जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है।

तीन नए ट्रस्टी भी बनाए गए

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में तीन नए सदस्यों को शामिल करने का फैसला हुआ है। इनमें— मदन मोहन पांडेय — अयोध्या निवासी अधिवक्ता, महेश भागचंदका — दिल्ली के व्यवसायी, लेखक और समाजसेवी व डॉ. निर्मला यादव — शिकोहाबाद की शिक्षाविद् एवं डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्या शामिल हैं। इन नियुक्तियों के बाद ट्रस्ट में प्रशासनिक, कानूनी, सामाजिक और वित्तीय अनुभव का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।

ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति भी बैठक में पेश हुई

बैठक में ट्रस्ट के आंतरिक अंकेक्षण के लेखे भी पेश किए गए। वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट को 237 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि इस दौरान 91 करोड़ रुपये खर्च किए गए। निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय होने की जानकारी दी गई। वहीं, 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास कुल 1,882 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध थी। न्यासियों ने बैठक में पेश किए गए लेखों को अनुमोदित कर दिया।

चढ़ावा चोरी विवाद के बाद हुई तीसरी अहम बैठक

राम मंदिर ट्रस्ट की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और उससे जुड़े आरोपों को लेकर विवाद सामने आया था। इसी विवाद के बाद ट्रस्ट की यह तीसरी महत्वपूर्ण बैठक बताई गई है। हालांकि, नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा ने चढ़ावा चोरी मामले और उसकी जांच से जुड़े सवालों पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि वह अतीत के विवादों में उलझने के बजाय भविष्य की जिम्मेदारियों और व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

देवरिया के रहने वाले हैं जितेंद्र मिश्रा

पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की भाटपार रानी तहसील के भोपतपुरा गांव के मूल निवासी हैं। वायुसेना में लंबे और महत्वपूर्ण करियर के बाद अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली है। धार्मिक प्रवृत्ति के माने जाने वाले जितेंद्र मिश्रा भगवान शिव के भक्त हैं। वायुसेना में सेवा के दौरान भी वह नियमित रूप से पूजा-पाठ करते रहे हैं। अब राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के रूप में उनकी नई भूमिका रामकाज से जुड़ गई है।

रामभक्तों की सेवा और बेहतर व्यवस्था पर रहेगा जोर

जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि अयोध्या आने वाले रामभक्तों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी। मंदिर परिसर और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ट्रस्ट के पदाधिकारियों, अपनी टीम और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पदभार संभालने के बाद पहले वह मौजूदा व्यवस्था को समझेंगे और उसके बाद परिस्थितियों के अनुसार आगे की कार्ययोजना तैयार करेंगे।

राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति, नए महासचिव और कोषाध्यक्ष का चयन तथा तीन नए ट्रस्टियों का शामिल होना संगठन के कामकाज में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अपने प्रशासनिक और सैन्य अनुभव का इस्तेमाल राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में किस तरह करते हैं।