NEET पेपर लीक पर सरकार का सबसे बड़ा एक्शन: NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, दर्ज होंगे क्रिमिनल केस

NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन। NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है और उनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने की तैयारी है। जानिए NTA में होने वाले बड़े बदलाव, नए कानून और पूरी खबर।

NEET पेपर लीक पर सरकार का सबसे बड़ा एक्शन: NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, दर्ज होंगे क्रिमिनल केस
पेपर लीक पर NTA में बड़ा 'क्लीनअप।

Advertisement

      HighLights:

  • NTA में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों का बड़ा अभियान शुरू।
  • 4 वरिष्ठ जनरल मैनेजर और 16 यंग प्रोफेशनल्स की होगी नियुक्ति।
  • सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून और नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करेगी।

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक विवाद से जुड़े 47 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक (क्रिमिनल) और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

यह भी पढ़ें: धनबाद : समाजसेवी व वरिष्ठ अधिवक्ता परशुराम सिंह का निधन, शनिवार को वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए NTA में व्यापक सुधार लागू किए जा रहे हैं।

NTA में बड़े स्तर पर होगा बदलाव

सूत्रों के मुताबिक NTA की पूरी कार्यप्रणाली की समीक्षा की जा रही है। एजेंसी में आउटसोर्सिंग व्यवस्था बदली जाएगी और आधुनिक तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना समाप्त हो सके।बताया जा रहा है कि NTA में जल्द ही 4 वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की जाएगी।

चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर संभालेंगे अहम जिम्मेदारी

सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर अलग-अलग महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे। पहला अधिकारी प्रश्न बैंक, प्रश्नपत्रों के मानकीकरण, स्कोर नॉर्मलाइजेशन, कंप्यूटर आधारित परीक्षा और AI आधारित मूल्यांकन प्रणाली की निगरानी करेगा।
दूसरा अधिकारी देशभर के 500 से अधिक परीक्षा शहरों और अंतरराष्ट्रीय परीक्षा केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा। तीसरा अधिकारी साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की 24 घंटे निगरानी करेगा। चौथा अधिकारी परीक्षा में गड़बड़ियों की जांच, डिजिटल फॉरेंसिक सिस्टम विकसित करने और CBI, IB, ED, राज्य पुलिस तथा साइबर क्राइम एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।

पीएम मोदी के संदेश के कुछ घंटे बाद कार्रवाई

NTA अधिकारियों पर यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो संदेश के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।

क्या है NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला?

3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए थे। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ की गई। अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसी जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।

पेपर लीक रोकने के लिए और सख्त होगा कानून

इसी बीच केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए कानून को और कठोर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत संगठित पेपर लीक गिरोहों पर 10 वर्ष तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि कड़े कानून, आधुनिक तकनीक और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए ही प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है।

परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि NTA के भीतर बड़े स्तर पर की गई यह कार्रवाई केवल दोषियों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल करने की दिशा में भी एक अहम कदम है। आने वाले दिनों में एजेंसी के ढांचे, तकनीकी सुरक्षा और परीक्षा संचालन से जुड़े कई और बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।