राज्यपाल संतोष गंगवार बनेंगे IIT-ISM धनबाद की राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला के मुख्य अतिथि

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार 20 सितंबर को IIT-ISM धनबाद में आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला में मुख्य अतिथि होंगे। कार्यशाला में देशभर के पर्यावरणविद स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक पर्यावरणीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

राज्यपाल संतोष गंगवार बनेंगे IIT-ISM धनबाद की राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला के मुख्य अतिथि
आरोग्य भारती और IIT-ISM की टीम ने राजभवन में की मुलाकात।

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HighLights:

  • 20 सितंबर को IIT-ISM धनबाद में होगी राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला
  • राज्यपाल संतोष गंगवार ने मुख्य अतिथि बनने का अनुरोध स्वीकार किया
  • देशभर के जाने-माने पर्यावरणविद करेंगे स्थानीय से वैश्विक मुद्दों पर मंथन
  • कार्यशाला की सिफारिशें पर्यावरण नीति में बदलाव के लिए भारत सरकार को भेजी जाएंगी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड में पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक विमर्श के लिए 20 सितंबर को IIT (ISM) धनबाद में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में देश के जाने-माने पर्यावरणविद, विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सामने आ रही पर्यावरणीय चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया जाएगा।

इसी सिलसिले में 2 सितंबर को झारखंड प्रांत की आरोग्य भारती एवं IIT (ISM) की टीम ने राज्यपाल संतोष गंगवार से राजभवन में मुलाकात की। टीम ने राज्यपाल को 20 सितंबर को IIT (ISM) धनबाद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का अनुरोध किया।

राज्यपाल ने स्वीकार किया आमंत्रण

आयोजन समिति के अनुरोध को राज्यपाल संतोष गंगवार ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने और IIT (ISM) धनबाद आने की बात कही। राज्यपाल की सहमति से आयोजन समिति में उत्साह है और अब कार्यशाला की तैयारियों को और गति मिलने की उम्मीद है।

पर्यावरण के स्थानीय से वैश्विक मुद्दों पर होगा मंथन

राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्देश्य पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों के बीच व्यापक चर्चा और व्यावहारिक समाधान तलाशना है। कार्यशाला में स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। बदलते पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्रदूषण, पारिस्थितिक संतुलन और पर्यावरणीय नीतियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। आयोजन समिति का प्रयास है कि चर्चा केवल अकादमिक स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि इससे ऐसे ठोस सुझाव सामने आएं जिन्हें नीति निर्माण में उपयोग किया जा सके।

भारत सरकार को भेजी जाएंगी कार्यशाला की सिफारिशें

कार्यशाला की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि इसमें होने वाले विचार-विमर्श और विशेषज्ञों की सिफारिशों को संकलित किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यशाला की सिफारिशें भारत सरकार को भेजी जाएंगी, ताकि पर्यावरण से संबंधित नीतियों में आवश्यक और प्रभावी संशोधन की दिशा में विचार किया जा सके।आयोजन समिति का मानना है कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी नीतियों को और प्रभावी बनाने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

आयोजन समिति के सदस्य रहे मौजूद

राजभवन में राज्यपाल को आमंत्रित करने के लिए हुई मुलाकात के दौरान आयोजन समिति के सदस्य प्रो. अंशुमाली, अरुण राय,  जय प्रकाश नारायण सिंह, डॉ. विकास रमन एवं  पवन अग्रवाल उपस्थित थे। आयोजन समिति की ओर से बताया गया कि 20 सितंबर को IIT (ISM) धनबाद में होने वाली यह राष्ट्रीय कार्यशाला पर्यावरण के महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करेगी। देशभर से पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों की भागीदारी से कार्यशाला में निकलने वाले सुझावों को व्यापक स्तर पर उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

धनबाद से पर्यावरण नीति पर राष्ट्रीय विमर्श की उम्मीद

IIT (ISM) धनबाद में आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय कार्यशाला से धनबाद को पर्यावरण से जुड़े राष्ट्रीय विमर्श के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी पहचान मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से खनन और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े शहर होने के कारण धनबाद में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास जैसे मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हैं।

ऐसे में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की मौजूदगी में होने वाला विमर्श स्थानीय चुनौतियों को व्यापक पर्यावरणीय संदर्भ से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यशाला से निकलने वाली सिफारिशों को भारत सरकार तक पहुंचाने की योजना इसे महज एक चर्चा कार्यक्रम के बजाय नीति स्तर पर प्रभाव डालने वाले राष्ट्रीय मंच के रूप में महत्वपूर्ण बनाती है।