रूपी सोरेन के संस्कार भोज में उमड़ा जनसैलाब, नेमरा पहुंचे राज्यपाल और बाबा रामदेव

रूपी सोरेन के संस्कार भोज में नेमरा पहुंचे राज्यपाल संतोष गंगवार और बाबा रामदेव। सीएम हेमंत सोरेन ने संभाली व्यवस्था, हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि।

रूपी सोरेन के संस्कार भोज में उमड़ा जनसैलाब, नेमरा पहुंचे राज्यपाल और बाबा रामदेव
नेमरा में उमड़ा जनसैलाब: राज्यपाल-बाबा रामदेव ने दी श्रद्धांजलि।

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  • नेमरा में रूपी सोरेन के संस्कार भोज उमड़ा जनसैलाब
  • राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की
  •  योग गुरु बाबा रामदेव ने दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए
  • राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग संस्कार भोज में शामिल हुए।
  •  सीएम हेमंत सोरेन ने संभाली व्यवस्था,अतिथियों से मिलते रहे,इंतजामों का जायजा लिया

रामगढ़ (Threesocieties.com Desk): मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां स्वर्गीय रूपी सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने के लिए झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को नेमरा का दौरा किया। वह मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पहुंचे और हेमंत सोरेन से मुलाकात की।
रूपी सोरेन के निधन के बाद से ही सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए लोगों का पहुंचना जारी है। राज्यपाल की मौजूदगी ने कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित किया। इस दौरान आयोजन स्थल पर जनप्रतिनिधि और पार्टी के नेता भी व्यवस्थाओं को संभालते नजर आए।

बाबा रामदेव ने रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि, शिबू सोरेन से रिश्तों को किया याद

योग गुरु बाबा रामदेव भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने नेमरा पहुंचे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वह दोपहर करीब 1:20 बजे मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आवास के प्रवेश द्वार पर बाबा रामदेव का स्वागत किया और उन्हें अंदर ले गए। इसके बाद बाबा रामदेव ने दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।


बाबा रामदेव ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को अपना गुरु बताते हुए उनके साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि सोरेन परिवार से उनका करीब 25 वर्षों का संबंध रहा है। रूपी सोरेन के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने उन्हें शक्तिस्वरूपा मां कहा।

इस दौरान बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी बातचीत की। परिवार के सदस्यों से उनकी आत्मीय मुलाकात हुई। वह कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का अभिवादन करते भी नजर आए।

पांच किलोमीटर दूर से पैदल पहुंचे लोग, नेमरा में लगा रहा तांता

रूपी सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों से लोग नेमरा पहुंचे। लोगों की भीड़ इतनी अधिक थी कि मुख्य मार्ग पर कई किलोमीटर पहले से यातायात को व्यवस्थित करने के इंतजाम किए गए थे। दूर-दराज से आए लोगों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की। संथाल समाज के सदस्यों और झामुमो समर्थकों की भी बड़ी उपस्थिति रही। नेमरा में लोगों का पहुंचना केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं था। बड़ी संख्या में लोग सोरेन परिवार के प्रति अपने सामाजिक जुड़ाव और संवेदना के कारण भी वहां पहुंचे।

हेमंत सोरेन खुद संभालते दिखे व्यवस्था, अतिथियों से मिलकर जताया आभार

संस्कार भोज के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। वह पैतृक आवास और आयोजन स्थल पर पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनका अभिवादन स्वीकार करते रहे। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे भोजन ग्रहण करके ही लौटें। भीड़ में किसी व्यक्ति को परेशानी होती दिखाई देने पर उसे सहयोग उपलब्ध कराने और लोगों को धूप में खड़ा न रहने देने के लिए भी निर्देश दिए गए।


भोजन शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने पकवान और भोजन परोसने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित लोगों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति भोजन किए बिना वापस न जाए। कार्यक्रम में आए लोगों के प्रति मुख्यमंत्री का यह व्यवहार चर्चा का विषय बना रहा। कुछ आगंतुकों ने उनके व्यवहार में दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की झलक महसूस की। उनके अनुसार, लोगों से आत्मीयता से मिलना और सभी की चिंता करना गुरुजी की शैली की याद दिलाता है।

हेमंत सोरेन में दिखी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की झलक

संस्कार भोज में शामिल होने आए कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के व्यवहार की सराहना की। पूर्वी सिंहभूम के सुंदरनगर से पहुंचीं डॉ. साकरो मुर्मू ने रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म में भाग लेने के बाद हेमंत सोरेन के व्यवहार में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की छवि महसूस होने की बात कही। दुमका से आए सुधीर सोरेन ने भी मुख्यमंत्री के व्यवहार में अपनापन और लोगों के प्रति चिंता दिखाई देने की बात कही।
दिवंगत शिबू सोरेन और रूपी सोरेन के साथ लोगों का भावनात्मक जुड़ाव लंबे समय से रहा है। ऐसे में संस्कार भोज के दौरान मुख्यमंत्री का आगंतुकों से मिलना और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखना लोगों के लिए भावनात्मक क्षण भी बना।

मंत्री, विधायक और झामुमो के वरिष्ठ नेता पहुंचे नेमरा

रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए झारखंड सरकार के कई मंत्री, विधायक, सांसद और झामुमो के वरिष्ठ नेता नेमरा पहुंचे। कार्यक्रम में मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, संजय यादव, योगेंद्र महतो, फागू बेसरा, संजीव बेदिया और चित्रगुप्त महतो सहित कई नेताओं की मौजूदगी रही। विधायक अनूप सिंह, संजीव सरदार और आलोक सोरेन भी आयोजन के दौरान सक्रिय दिखे।
पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर पैदल आयोजन स्थल तक पहुंचे, जबकि झामुमो के वरिष्ठ नेता सरफराज अहमद ने ऑटो रिक्शा से पहुंचकर सादगी की मिसाल पेश की। जमशेदपुर के भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो भी मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पहुंचे। वापसी के दौरान उन्होंने अपने अंगरक्षकों के साथ ऑटो रिक्शा से सफर किया। कोल्हान प्रमंडल के झामुमो नेताओं सहित कई पूर्व विधायकों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उद्यमियों और विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सोरेन परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

रूपी सोरेन के योगदान को किया याद, संघर्षों में शिबू सोरेन के साथ रहीं

संस्कार भोज में शामिल झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि पिछले 14 महीनों के भीतर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार में दो आकस्मिक निधन हुए हैं। परिवार अभी दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि रूपी सोरेन के निधन से एक और दुखद स्थिति का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा की उपाध्यक्ष थीं। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पार्टी को भी गहरा आघात पहुंचा है।
वहीं, दर्जा प्राप्त मंत्री फागू बेसरा ने कहा कि दिवंगत शिबू सोरेन के संघर्षों में रूपी सोरेन हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन और रूपी सोरेन ने संघर्ष, जनसेवा और वंचितों के अधिकारों की रक्षा का जो रास्ता दिखाया, उसे आगे बढ़ाना पार्टी के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। इन बयानों के माध्यम से नेताओं ने रूपी सोरेन के पारिवारिक योगदान के साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक महत्व को भी याद किया।

आम से खास तक के लिए विशेष व्यवस्था, वाहन पड़ाव से ऑटो रिक्शा की सुविधा

नेमरा में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए इस बार यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया था। गांव के प्रवेश द्वार के पास विशाल वाहन पड़ाव बनाया गया था। यहां से मुख्यमंत्री के पैतृक आवास तक जाने के लिए ऑटो रिक्शा की व्यवस्था की गई थी। रांची और बोकारो की ओर से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए मुख्य मार्ग पर संकेतक लगाए गए थे। करीब पांच किलोमीटर के हिस्से में यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए डिवाइडर लगाए गए और अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज, पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणायत और आईजी असीम विक्रांत मिंज सहित प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए। इसका उद्देश्य यह था कि वाहनों की आवाजाही सुचारू रहे और श्रद्धांजलि देने आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वच्छता, पेयजल और फॉगिंग की व्यवस्था

संस्कार भोज में शामिल होने के लिए हजारों लोगों के पहुंचने को देखते हुए नेमरा गांव में साफ-सफाई पर भी ध्यान दिया गया। रामगढ़ नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को लगाया गया था।गांव में मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए फॉगिंग कराई गई। लोगों के लिए शीतल पेयजल और चाय की व्यवस्था भी की गई, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को राहत मिल सके।सरकारी कर्मचारियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए अलग भोजन स्थल बनाया गया था। इससे व्यवस्था संभालने में लगे लोगों को भी भोजन करने में सुविधा हो सके।

एक साथ हजार से अधिक लोगों के भोजन की व्यवस्था

रूपी सोरेन के संस्कार भोज के लिए बड़े पैमाने पर भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन स्थल पर बनाए गए भोजन मंडप में एक समय में एक हजार से अधिक लोगों के बैठकर भोजन करने की व्यवस्था थी। भोज के मेन्यू में चावल, पूरी, खस्सी का मांस, मछली, दाल, विभिन्न प्रकार की सब्जियां, बूंदी, मिठाई, चटनी, पापड़, सलाद और दही सहित कई व्यंजन शामिल थे।

सुबह दश कर्म में पहुंचे लोगों के लिए पूरी और काबुली चने की सब्जी का नाश्ता भी रखा गया था। कुछ लोगों ने लेटो नामक स्थानीय पकवान का प्रसाद भी ग्रहण किया। लोगों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए भोजन परोसने और बैठने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और आयोजन से जुड़े लोगों को निर्देश दिया कि किसी को भी लंबे समय तक धूप में इंतजार न करना पड़े। सभी को बारी-बारी से मंडप में बैठाकर भोजन कराने की व्यवस्था की गई।

परिवार के सदस्यों और सामाजिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी

संस्कार भोज में सोरेन परिवार के सदस्यों के साथ विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कल्पना मुर्मू, सीता सोरेन और अंजली मरांडी सहित परिवार से जुड़े लोगों से बाबा रामदेव ने मुलाकात की। पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन के पुत्र और घाटशिला के विधायक सोमेश सोरेन भी अपनी मां और बहन के साथ नेमरा पहुंचे थे। उन्होंने सामाजिक रीति-रिवाजों के तहत आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।कोल्हान क्षेत्र के कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। विभिन्न जिलों से आए लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक सहभागिता का रूप दिया।

रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार और झामुमो को गहरा आघात

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन से परिवार और झामुमो के समर्थकों में शोक का माहौल है। उनके श्राद्ध कर्म और संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना सोरेन परिवार के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है।
नेमरा में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल, योग गुरु बाबा रामदेव, मंत्री, विधायक, सांसद, पार्टी के नेता और आम नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। लोगों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी और शोक की इस घड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। संस्कार भोज के दौरान श्रद्धांजलि, सामाजिक परंपराओं और लोगों की भागीदारी के साथ-साथ व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।