IIT-ISM चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत सम्मानित, 50 PhD स्कॉलर्स को दी दिशा और 524 से अधिक रिसर्च पेपर का रिकॉर्ड
IIT-ISM धनबाद के चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत को शिक्षा, शोध और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए नई दिल्ली में सम्मानित किया गया। उन्होंने 50 PhD शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है और 524 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं।
HighLights:
- IIT-ISM धनबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत सम्मानित
- नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रदान किया सम्मान
- शिक्षा, शोध, संस्थान निर्माण और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए मिला मेडल और प्रशस्ति पत्र
- पांच दशक से अधिक लंबे करियर में करीब 50 PhD शोधार्थियों का किया मार्गदर्शन
धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यालय), धनबाद यानी IIT-ISM के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत को शिक्षा, शोध, संस्थान निर्माण और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन और उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। ग्लोबल बोर्ड ऑफ IIT एलुमनाई काउंसिल की ओर से उन्हें मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

प्रो. प्रेम व्रत को यह सम्मान उनके पांच दशक से अधिक लंबे शैक्षणिक एवं पेशेवर सफर, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में योगदान तथा प्रतिष्ठित संस्थानों के निर्माण और नेतृत्व में निभाई गई भूमिका के लिए दिया गया।
नई दिल्ली में मिला सम्मान
23 अगस्त को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में ‘वर्ल्ड विजडम कनेक्ट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रो. प्रेम व्रत को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह सम्मान उनकी आत्मकथा “माई सिक्स्टी इयर्स ऐज एन आईआईटियन: एक्सपीरियंसेज एंड लेसन्स” में दर्ज जीवन अनुभवों और शिक्षा, शोध तथा संस्थान निर्माण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के सम्मान के तौर पर दिया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रो. प्रेम व्रत ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लंबे शैक्षणिक और पेशेवर जीवन के दौरान अर्जित अनुभवों, मूल्यों और सीख का सम्मान है। उन्होंने इसे अपने लिए विशेष महत्व वाला सम्मान बताया।
IIT-ISM के लिए भी गौरव का पल
प्रो. प्रेम व्रत को मिले इस सम्मान को IIT-ISM परिवार के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। संस्थान से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा, शोध, नेतृत्व और संस्थान निर्माण के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और संस्थान निर्माता के तौर पर प्रो. प्रेम व्रत ने देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। IIT-ISM धनबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन के तौर पर भी वे संस्थान के प्रशासनिक और विकासात्मक नेतृत्व का हिस्सा हैं।
IIT रुड़की के फाउंडर डायरेक्टर रह चुके हैं
प्रो. प्रेम व्रत देश के चर्चित शिक्षाविद, मैनेजमेंट एक्सपर्ट और संस्थान निर्माता हैं। IIT-ISM धनबाद के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालने से पहले वे IIT रुड़की के फाउंडर डायरेक्टर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के कुलपति के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। IIT दिल्ली समेत देश के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।उनके लंबे अनुभव में उच्च शिक्षा के प्रशासन से लेकर शोध, अकादमिक नेतृत्व और संस्थान निर्माण तक का व्यापक योगदान शामिल है।
IIT खड़गपुर के पूर्व छात्र हैं प्रो. प्रेम व्रत
प्रो. प्रेम व्रत IIT खड़गपुर के पूर्व छात्र हैं। उन्हें उन IIT एलुमनाई में भी विशेष स्थान प्राप्त है, जिन्होंने आगे चलकर किसी IIT के निदेशक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। पांच दशक से अधिक लंबे अपने करियर में उन्होंने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके अकादमिक सफर की एक बड़ी उपलब्धि यह भी है कि उन्होंने करीब 50 PhD शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया।इसके अलावा उनके नाम 524 से अधिक शोध पत्रों के प्रकाशन का भी उल्लेख किया गया है। इससे शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनके लंबे और व्यापक योगदान का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पांच दशक से ज्यादा का शानदार अकादमिक सफर
प्रो. प्रेम व्रत का शैक्षणिक और पेशेवर सफर पांच दशक से अधिक का रहा है। इस दौरान उन्होंने अध्यापन, शोध, संस्थान प्रबंधन और नेतृत्व के विभिन्न स्तरों पर काम किया। उनकी आत्मकथा में दर्ज अनुभवों को भी उनके लंबे सफर की सीख और उपलब्धियों का महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। इसी योगदान और अनुभव को ‘वर्ल्ड विजडम कनेक्ट’ कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में प्रो. प्रेम व्रत का योगदान सिर्फ संस्थागत जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने शोधार्थियों का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के नेतृत्व और निर्माण में भी भूमिका निभाई है। करीब 50 PhD शोधार्थियों के मार्गदर्शन और 524 से अधिक शोध पत्रों का अकादमिक रिकॉर्ड उनके शोध और शिक्षा के प्रति लंबे समर्पण को दर्शाता है। IIT-ISM परिवार ने उनके सम्मान को संस्थान के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि उनका अनुभव और नेतृत्व आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बना रहेगा।




