MLA जयराम महतो की गिरफ्तारी पर अड़ा झारखंड पुलिस एसोसिएशन, नौ सूत्री मांगों को ले 8 सितंबर से आंदोलन

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 8 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। जानें नौ सूत्री मांगें और आंदोलन का पूरा कार्यक्रम।

MLA जयराम महतो की गिरफ्तारी पर अड़ा झारखंड पुलिस एसोसिएशन, नौ सूत्री मांगों को ले 8 सितंबर से आंदोलन
पुलिस एसोसिएशन का आंदोलन आठ सितंबर से।

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     HighLights:

  • झारखंड में 8-11 सितंबर तक पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करेंगे
  • 19 सितंबर को सामूहिक उपवास, 24 सितंबर को धरना
  • 5 से 10 अक्टूबर तक छह दिनों के सामूहिक अवकाश का ऐलान
  • 10 साल से एक ही जिले में तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले की मांग
रांची (Threesocieties.com Desk): डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो और उनके समर्थकों पर धनबाद के बरवाअड्डा थाना में पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और अमर्यादित व्यवहार के आरोप के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विधायक और उनके समर्थकों की नियमानुसार गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों से जुड़ी नौ सूत्री मांगों को लेकर 8 सितंबर 2026 से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गयी है।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू  और महामंत्री संजीव कुमार नेने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन ने मामले में कार्रवाई और अन्य लंबित मांगों को लेकर कई बार सरकार और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। ऐसे में एसोसिएशन ने आंदोलन का निर्णय लिया है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन को सिपाहियों-हवलदारों के एसोसिएशन झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन व डीएसपी संवर्ग के एसोसिएशन झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन ने भी नैतिक समर्थन किया है। इससे स्पष्ट है कि झारखंड पुलिस में सिपाही, हवलदार से लेकर डीएसपी संवर्ग तक करीब 80 हजार बल ने आंदोलन को समर्थन दिया है।

जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू के अनुसार, 22 अगस्त को बरवाअड्डा थाना परिसर में डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गयी तथा एक अभियुक्त को छुड़ाने का प्रयास किया गया। इस मामले में कांड संख्या 146/26 दर्ज होने का हवाला देते हुए एसोसिएशन ने आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई की मांग की है। 
राहुल मुर्मू ने कहा कि दोषी कौन है, इसका अंतिम फैसला न्यायालय करेगा, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि प्राथमिकी के बाद कानून के अनुसार जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन किसी दोषी पुलिसकर्मी का भी बचाव नहीं करेगा। यदि कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

कार्रवाई में देरी पर एसोसिएशन नाराज

पुलिस एसोसिएशन ने मामले में कार्रवाई की प्रगति को लेकर भी सवाल उठाये हैं। संगठन का कहना है कि कई बार पत्र लिखकर नोटिस तामिला, साक्ष्य संग्रह और आरोपियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई की जानकारी मांगी गयी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। राहुल मुर्मू ने कहा कि संगठन कानून और संविधान में विश्वास करता है और किसी भी मामले में कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए।

जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर कड़ा कानून बनाने की मांग

जयराम महतो प्रकरण के बीच पुलिस एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों के पुलिस कार्य में हस्तक्षेप का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। एसोसिएशन की मांग है कि यदि कोई जनप्रतिनिधि पुलिस की कार्रवाई में अनैतिक दबाव बनाता है, कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्य में अनुचित हस्तक्षेप करता है या पुलिसकर्मियों के साथ अमर्यादित व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए स्पष्ट और कड़ा कानूनी प्रावधान बनाया जाए।  राहुल मुर्मू ने कहा कि “नो वन इज अबव द लॉ”। कानून सभी के लिए समान है और जनप्रतिनिधियों को भी संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत काम करना चाहिए।

वर्दी और राशन भत्ते में बढ़ोतरी की मांग

पुलिस एसोसिएशन ने केवल जयराम महतो प्रकरण को लेकर ही आंदोलन का ऐलान नहीं किया है, बल्कि पुलिसकर्मियों की लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मांगों को भी आंदोलन में शामिल किया है। एसोसिएशन ने वर्दी भत्ता और राशन भत्ता बढ़ाने की मांग की है। इसके अलावा सातवें वेतनमान के अनुरूप विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण की मांग भी की गयी है। इनमें दुरूह भत्ता, परिवहन भत्ता, धुलाई भत्ता, विशेष कर्तव्य भत्ता, आर्मरर भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता और मेडल भत्ता समेत अन्य सुविधाएं शामिल हैं।

दो बच्चों के लिए शिक्षा भत्ता मांगा

पुलिस एसोसिएशन ने केंद्रीय पुलिस बलों की तर्ज पर झारखंड पुलिस के जवानों के दो बच्चों की शिक्षा के लिए शिक्षण भत्ता देने की मांग की है। इसके अलावा आईपीएस सेवा के अनुरूप स्वास्थ्य भत्ता देने की मांग भी नौ सूत्री मांगों में शामिल है।

10 साल से एक जिले में तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले की मांग

एसोसिएशन ने लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थापित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले की मांग भी उठायी है। संगठन का कहना है कि जो पुलिस पदाधिकारी और कर्मचारी 10 वर्ष से अधिक समय से एक ही जिले में पदस्थापित हैं, उनका स्थानांतरण किया जाना चाहिए। खासकर चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम, लातेहार, गढ़वा, पलामू जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से तैनात कर्मियों के स्थानांतरण की मांग की गयी है। एसोसिएशन ने निर्धारित समय पर पुलिसकर्मियों की पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी है।

8 सितंबर से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने नौ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। आंदोलन 8 सितंबर 2026 से शुरू होगा।

आंदोलन का कार्यक्रम

8 से 11 सितंबर 2026:
राज्यभर के पुलिसकर्मी चार दिनों तक वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करेंगे।
19 सितंबर 2026:
एक दिवसीय सामूहिक उपवास किया जाएगा। एसोसिएशन के अनुसार इस दौरान थानों, ओपी और मेस में चूल्हा-चौका बंद रखने की बात कही गयी है।
24 सितंबर 2026:
एक दिवसीय धरना प्रदर्शन होगा। जिला स्तर पर पुलिसकर्मी संबंधित कार्यालयों/एसपी कार्यालयों के समक्ष धरना देंगे, जबकि केंद्रीय पदाधिकारी पुलिस मुख्यालय और डीजीपी कार्यालय के समीप धरना देंगे।
5 से 10 अक्टूबर 2026:
पुलिस एसोसिएशन के सदस्य छह दिनों के सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय ले चुके हैं।

सरकार को आंदोलन वापस लेने का रास्ता भी बताया

पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू और महामंत्री संजीव कुमार ने कहा कि संगठन सरकार के साथ बातचीत और समन्वय के लिए तैयार है। यदि सरकार नौ सूत्री मांगों पर सकारात्मक पहल करती है और संबंधित मामले में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करती है, तो स्थिति पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
हालांकि एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री, राज्यपाल और डीजीपी को दी जा रही जानकारी

एसोसिएशन ने आंदोलन और नौ सूत्री मांगों की जानकारी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को देने की बात कही है। इसके अलावा मुख्य सचिव, गृह विभाग, डीजीपी, रेलवे, वायरलेस, अग्निशमन, सीआईडी, एसीबी समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी आंदोलन की जानकारी दी जा रही है।

संवैधानिक तरीके से आंदोलन की बात

राहुल मुर्मू ने कहा कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन कानून और संविधान में विश्वास करता है। संगठन पुलिसकर्मियों के सम्मान, मर्यादा, अधिकार और सुविधाओं के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून के मुताबिक कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।  एसोसिएशन ने यह भी कहा कि आंदोलन के कारण आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा होती है तो संगठन इसके लिए खेद व्यक्त करता है। लेकिन लंबे समय से लंबित मांगों और कार्रवाई में कथित देरी के कारण आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हुई है।

पुलिस एसोसिएशन की नौ सूत्री मांगें

आरोपित डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के माध्यम से किए गए असंवैधानिक कृत्य के नियमानुसार जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित हो।
पुलिसकर्मियों का सम्मानित वर्दी भत्ता में बढ़ोत्तरी हो।
पुलिसकर्मियों का राशन भत्ता में बढ़ोत्तरी हो।
सातवें वेतनमान के अनुरूप पुलिसकर्मियों के विभिन्न भत्तों का पुनरीक्षण (दुरुह भत्ता, परिवहन भत्ता, धुलाई भत्ता, विशेष कर्तव्य भत्ता, आरमोरर भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, मंडल भत्ता आदि) हो।
केंद्रीय पुलिस के अनुरूप झारखंड राज्य के पुलिसकर्मियों के दो बच्चों के शिक्षण के लिए शिक्षण भत्ता। 
भारतीय पुलिस सेवा के अनुरूप झारखंड राज्य के पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य भत्ता मिले।
दस वर्ष से अधिक अवधि से एक ही जिला, इकाई विशेषकर माओवाद प्रभावित जिला पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा, लातेहार, गढ़वा, पलामू आदि जिला में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण करें।
झारखंड राज्य में कार्यरत पुलिस पदाधिकारी, पुलिसकर्मियों का ससमय निर्धारित तिथि को पदोन्नति हो।
पुलिस के साथ अमार्यादित व अभद्र व्यवहार एवं पुलिस के विधि व्यवस्था बनाने में हस्तक्षेप करनेवाले जन प्रतिनिधियों पर अनैतिक हस्तक्षेप रोकने व कार्रवाई का प्रविधान हो।

यह है मामला

पुलिस एसोसिएशन के अनुसार 21 अगस्त को विधायक जयराम महतो व उनके समर्थकों ने बरवाअड्डा थाने के थानेदार रवि कुमार के साथ फोन पर गाली-गलौज की, थाना पहुंचकर हाजत से आरोपित को छुड़ाने का प्रयास किया, थानेदार के कक्ष में भी उनसे दुर्व्यवहार किया। इस मामले में 22 अगस्त को बरवाअड्डा थाना में 22 अगस्त को कांड संख्या 146/2026 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसोसिएशन ने 26 अगस्त को धनबाद एसएसपी से पांच दिनों में विधायक की गिरफ्तारी की मांग की थी।

29 अगस्त को पत्र लिखकर 24 घंटे में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। एसोसिएशन ने मांगें नहीं मानने पर ही आंदोलन की घोषणा की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस घटना के बाद झारखंड पुलिस में कार्यरत पुलिसकर्मियों व पुलिस पदाधिकारियों के कार्यों पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ा है।हाल के दिनों में इस प्रकार की कई घटनाएं जिनमें पुलिस पदाधिकारियों व पुलिसकर्मियों को केंद्रीत कर अमर्यादित व अशोभनीय विचार भी इंटरनेट मीडिया पर रखे जा रहे हैं।

डीएसपी संवर्ग के एसोसिएशन ने भी दिया आंदोलन को समर्थन

डीएसपी संवर्ग के एसोसिएशन ''झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन'' ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएसपी अमर कुमार पांडेय, महासचिव डीएसपी बुधराम उरांव व उपाध्यक्ष डीएसपी संजय कुमार ने मंगलवार को बयान जारी कर झारखंड पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन को नैतिक व सैद्धांतिक समर्थन दिया है और धनबाद पुलिस से अपेक्षा की है कि उपरोक्त घटना में दर्ज प्राथमिकी का पेशेवर दक्षता के साथ अनुसंधान करेंगे।