कानपुर के करोड़पति कारोबारी हत्याकांड में बड़ा मोड़, बहू के बाद बेटा सुब्रत भी गिरफ्तार

कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है। बहू शालू के बाद बेटे सुब्रत को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपित विशाल गौतम के बदले बयान और डिजिटल व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई।

कानपुर के करोड़पति कारोबारी हत्याकांड में बड़ा मोड़, बहू के बाद बेटा सुब्रत भी गिरफ्तार
कानपुर कारोबारी मर्डर में बड़ा खुलासा, बहू के बाद बेटा भी गिरफ्तार।

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  • कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बेटा सुब्रत गिरफ्तार
  • पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपित विशाल गौतम ने पूछताछ में सुब्रत का नाम लिया
  • विशाल ने दावा किया कि सुब्रत के कहने पर हत्या की गई और शालू का नाम लेने को कहा गया
  • पुलिस ने डिजिटल, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, लोकेशन और चैट को जांच का आधार बताया

कानपुर (Threesocieties.com Desk): उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में बड़ा मोड़ सामने आया है। बहू शालू मिनोचा की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत मिनोचा को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपित पूर्व नौकर विशाल गौतम ने पूछताछ के दौरान अपने बयान में सुब्रत का नाम लिया और दावा किया कि कारोबारी की हत्या उसके कहने पर की गई थी।

पुलिस का कहना है कि विशाल ने पहले पूछताछ में शालू को साजिशकर्ता बताया था, लेकिन पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद उसने अपना बयान बदल दिया। विशाल के अनुसार, उसे सुब्रत ने हत्या करने के लिए कहा था और पकड़े जाने की स्थिति में शालू का नाम लेने को कहा गया था।हालांकि, यह आरोप जांच का हिस्सा हैं। सुब्रत ने पुलिस के सामने पिता की हत्या की साजिश में शामिल होने से इनकार किया है। पुलिस ने उसके खिलाफ डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की बात कही है।

200 सवालों से खुली जांच की नई कड़ी

पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए आरोपितों से पूछताछ की विस्तृत रणनीति तैयार की थी। पुलिस टीम ने करीब 200 सवालों की सूची बनाई थी। इसमें हत्या से पहले आरोपितों के बीच संपर्क, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट, पैसों के लेनदेन, फ्लैट की चाबी, घटना के बाद की गतिविधियों और आपसी संबंधों से जुड़े सवाल शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, शालू, विशाल और राजकिशोर से पूछताछ के बाद सुब्रत से भी अलग-अलग चरणों में पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस ने विशाल के बयान की तुलना डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से की।

तीन राउंड की पूछताछ के बाद सुब्रत गिरफ्तार

बुधवार को पुलिस ने शालू, विशाल और राजकिशोर को 24 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों ने आरोपितों से कई चरणों में सवाल किए। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान विशाल ने पहले शालू को साजिश में शामिल बताया। बाद में करीब एक घंटे की पूछताछ के बाद उसने कहा कि हत्या सुब्रत के कहने पर की गई थी। विशाल ने पुलिस को कथित तौर पर यह भी बताया कि उसे कहा गया था कि यदि वह पकड़ा जाए तो शालू का नाम ले। पुलिस ने इसके बाद सुब्रत से विशाल के बयान, मोबाइल चैट, लोकेशन और अन्य साक्ष्यों को सामने रखकर पूछताछ की।

सुब्रत ने आरोपों से किया इनकार

पूछताछ में सुब्रत ने पिता विनीत मिनोचा को अच्छा और केयरिंग पिता बताया। उसने हत्या की साजिश या हत्या की जानकारी होने से इनकार किया। पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने पिता के साथ रिश्तों में तल्खी की बात स्वीकार की, लेकिन हत्या में शामिल होने से इनकार किया। उसका कहना था कि उसे घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद पुलिस ने कहा कि उसके खिलाफ मिले डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।

15 लाख रुपये के कर्ज की भी जांच

पुलिस पूछताछ में सुब्रत पर करीब 15 लाख रुपये के कर्ज की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड खर्च, पार्टी और घूमने-फिरने के अलावा गेमिंग और सट्टेबाजी में पैसे गंवाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।पुलिस इस आर्थिक पहलू को भी हत्याकांड की जांच से जोड़कर देख रही है। हालांकि, सुब्रत के खिलाफ आरोपों और उनके पीछे की वास्तविक वजह का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में होना है।

शालू ने भी आरोपों से किया इनकार

पूछताछ के दौरान पुलिस ने सुब्रत और शालू का आमना-सामना भी कराया। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत द्वारा आरोप लगाए जाने पर शालू भावुक हो गई और उसने आरोपों से इनकार किया।

शालू का कहना है कि उसे हत्याकांड के बारे में कोई जानकारी नहीं है और उसे फंसाया जा रहा है। उसने पुलिस को बताया कि विशाल ने उसका नाम क्यों लिया, इसकी उसे जानकारी नहीं है।

राजकिशोर ने भी सुब्रत और शालू को नहीं पहचाना

पुलिस ने राजकिशोर का भी सुब्रत और शालू से आमना-सामना कराया। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को पहचानने से इनकार किया।

राजकिशोर ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि वह विशाल के कहने पर वारदात में शामिल हुआ था और उसे पैसों की जरूरत थी।

फ्लैट की चाबी और खून से सने कपड़े बरामद

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट से जुड़ी फ्लैट की चाबी बरामद की गई। बताया गया कि विशाल भागते समय चाबी खाली प्लॉट में फेंककर गया था।

इसके अलावा पुलिस ने राजकिशोर की निशानदेही पर खून से सनी पैंट और काला गमछा बरामद करने का दावा किया है।

जांच टीम इन बरामद वस्तुओं को हत्याकांड से जोड़कर फोरेंसिक जांच करा रही है।

कैसे हुई थी विनीत मिनोचा की हत्या?

कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या हुई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना की रात उनके बेटे सुब्रत और बहू शालू पार्टी में गए थे।

सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध युवक फ्लैट में प्रवेश करते और बाद में बाहर निकलते दिखाई दिए। पुलिस ने जांच के बाद पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विनीत के गले और सीने पर चाकू से कई वार किए गए थे। पुलिस के मुताबिक, गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हुई।

पहले बहू पर लगाया गया था आरोप

गिरफ्तारी के बाद विशाल ने प्रारंभिक पूछताछ में शालू का नाम लिया था। उसने कथित तौर पर दावा किया था कि शालू ने उसे कारोबारी की हत्या के लिए रुपये देने की बात कही थी।

इसके बाद पुलिस ने शालू को भी गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ शुरू की। अब पुलिस कस्टडी रिमांड में विशाल द्वारा सुब्रत का नाम लिए जाने के बाद मामले की जांच का फोकस बदल गया है।

पुलिस खंगाल रही है ससुर-बहू के रिश्तों की कड़ी

जांच में पुलिस विनीत मिनोचा और उनकी बहू शालू के बीच रिश्तों के पहलू को भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों के बीच मतभेद कब शुरू हुए और उनका स्वरूप क्या था।

इसके साथ ही शालू और विशाल के बीच संपर्क, मोबाइल लोकेशन, चैट और कथित लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हत्या की साजिश कब और कहां रची गई तथा इसमें किस-किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी।

50 करोड़ रुपये तक पहुंचाया था कारोबार

विनीत मिनोचा लंबे समय से दवा कारोबार से जुड़े थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने पिता के कारोबार को आगे बढ़ाया और फर्म का कारोबार करीब 50 करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर तक पहुंचाया था।

व्यापारियों और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के अनुसार, वह मिलनसार स्वभाव के थे और कर्मचारियों व सुरक्षा गार्डों से भी बातचीत करते थे।

उनकी हत्या के बाद रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है।

अब जांच के केंद्र में कई सवाल

सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं—
हत्या की साजिश वास्तव में किसने रची? विशाल ने पहले शालू का नाम क्यों लिया? सुब्रत और विशाल के बीच क्या बातचीत हुई थी? हत्या के पीछे आर्थिक वजह क्या थी? और इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका थी?

पुलिस इन सवालों के जवाब डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल, लोकेशन, चैट, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर तलाश रही है।

फिलहाल पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

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