मेरठ सांप कांड: रविता-अमरदीप को फांसी, पति की हत्या को सर्पदंश दिखाने की रची थी साजिश
Meerut Snake Case: मेरठ सांप कांड में कोर्ट ने रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। पति अमित कश्यप की हत्या को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने के लिए शव पर सांप छोड़ा गया था। जानें पूरा मामला।
Highlights:
- मेरठ के चर्चित सांप कांड में रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई गई
- कोर्ट ने मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का बताया
- रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की हत्या की साजिश रची थी
- हत्या को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने के लिए शव पर सांप छोड़ने का आरोप था
मेरठ (Threesocieties.com Desk): उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सांप कांड में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर रविता के पति अमित कश्यप की हत्या करने और इस वारदात को सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने की साजिश रचने का मामला था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या के बाद अमित के शव पर सांप छोड़कर मौत को सर्पदंश से हुई घटना दिखाने का प्रयास किया गया था। अदालत ने मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' यानी दुर्लभतम श्रेणी का अपराध माना।
इस मामले में सजा के ऐलान से पहले अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच सजा की अवधि को लेकर बहस हुई। सरकारी वकील ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए रविता और अमरदीप के लिए मृत्युदंड की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने और कम सजा देने की अपील की। दोनों दोषियों ने सजा के बिंदु पर खुद कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों को ऑनलाइन माध्यम से अदालत में पेश किया गया।
कोर्ट में मृत्युदंड की मांग, पीड़ित परिवार ने भी रखी अपनी बात
अमित कश्यप की हत्या के मामले में फैसला सुनाए जाने के दौरान पीड़ित परिवार की नजरें अदालत पर टिकी थीं। अमित की मां मुनेश देवी ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। पीड़ित पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि यह बेहद गंभीर अपराध है और ऐसे मामले में कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।
दूसरी ओर, आरोपी पक्ष के वकील ने दोषियों के प्रति नरमी बरतने की अपील करते हुए कम सजा देने का अनुरोध किया। अदालत में सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद कोर्ट ने रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ ही मेरठ का यह चर्चित हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मामले में हत्या के साथ-साथ अपराध को दूसरी घटना का रूप देने की कथित साजिश ने जांच को बेहद महत्वपूर्ण बना दिया था।
क्या है मेरठ का चर्चित सांप कांड?
मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, अमित की हत्या के बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने की कोशिश की गई। इसके लिए शव पर सांप छोड़े जाने की बात सामने आई। शुरुआत में मामला सर्पदंश से मौत का प्रतीत हो सकता था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदल दी।
पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और रविता तथा अमरदीप की भूमिका की पड़ताल की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम साबित हुई। जिस मौत को कथित तौर पर सांप के काटने से जोड़कर पेश करने की कोशिश की गई थी, उसमें पोस्टमार्टम के दौरान गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की। जांच में रविता और अमरदीप के बीच संपर्क की जानकारी भी महत्वपूर्ण मानी गई।
मामले से जुड़े विवरण के अनुसार, हत्या वाली रात दोनों के बीच फोन पर 50 से अधिक बार बातचीत हुई थी। इसके अलावा अमरदीप को वारदात वाली रात घर से बाहर जाते देखे जाने की बात भी सामने आई। अभियोजन पक्ष ने इन तथ्यों को मामले में अपनी दलीलों के समर्थन में रखा। पुलिस की जांच और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ी। अंततः अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
7 अक्टूबर को दोषी करार दिए गए थे रविता और अमरदीप
इस मामले की सुनवाई एडीजे-12 की अदालत में चल रही थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने 7 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को अपनी दलीलें रखने का अवसर मिला।अभियोजन पक्ष ने अपराध की प्रकृति और हत्या को कथित तौर पर सर्पदंश का रूप देने की कोशिश को गंभीर बताते हुए मृत्युदंड की मांग की। बचाव पक्ष ने अदालत से कम सजा देने का अनुरोध किया। वहीं, पीड़ित परिवार ने भी दोनों दोषियों को फांसी देने की मांग रखी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोनों को फांसी की सजा सुनाई और मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का बताया।
क्यों चर्चा में रहा मेरठ सांप कांड?
मेरठ का यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें हत्या के साथ-साथ मौत की असली वजह छिपाने की कथित कोशिश का पहलू सामने आया। किसी व्यक्ति की हत्या करने और फिर उसकी मौत को प्राकृतिक या दुर्घटनाजनित दिखाने की कोशिश के आरोप ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया। इस केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आरोपियों के बीच फोन पर हुई बातचीत और वारदात की रात से जुड़े घटनाक्रम जांच के महत्वपूर्ण पहलू रहे। इन तथ्यों को अदालत में चली सुनवाई के दौरान भी अहम माना गया। अमित कश्यप के परिवार ने शुरू से ही दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। अब अदालत द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा के बाद यह मामला एक बार फिर देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
Threesocieties News Desk 



